उत्तर प्रदेश में फॉर्म-7 के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने के मामलों ने चुनावी पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 87,127 विलोपन अनुरोधों में से 85,854 में नाम हटाने का स्पष्ट कारण दर्ज न होना बेहद चिंताजनक है।
एक ही व्यक्ति द्वारा हजारों मतदाताओं के नाम हटवाने के प्रयास और कुछ क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं को लेकर सामने आए आंकड़ों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जब माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में किए गए संशोधनों को न्यायालय की मंजूरी नहीं मिली थी, तो इन प्रक्रियाओं की जवाबदेही तय करना और भी जरूरी हो जाता है।
मतदाता सूची में पारदर्शिता, निष्पक्षता और हर नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। लोकतंत्र में किसी भी मतदाता का अधिकार छीनने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
#ElectionCommission #UttarPradesh #VoterRights #मतदाता_अधिकार #लोकतंत्र #Form7 #SIR
🚨 दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली, चुनाव आयोग और लोकतंत्र पर शिवशांत गौतम के गंभीर सवाल! जल्द दिल्ली पहुँचकर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में होंगे शामिल। ✊💙
भीम आर्मी–आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के आधिकारिक कार्यकर्ता शिवशांत गौतम, ने दिल्ली पुलिस द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद भाई एडवोकेट चंद्रशेखर आज़ाद जी को दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय, नॉर्थ एवेन्यू में डिटेन किए जाने पर गहरी नाराज़गी जताई है। उन्होंने निर्वाचन आयोग और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
शिवशांत गौतम ने स्पष्ट कहा कि मैं जल्द दिल्ली आऊँगा और केंद्रीय कार्यालय के निर्देशानुसार जब भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, उसमें व्यक्तिगत रूप से शामिल होकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करूँगा। 🇮🇳
उन्होंने कहा कि जब देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर जैसे निर्धारित स्थान पर संवैधानिक दायरे में रहकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का प्रावधान है, तो फिर बार-बार विरोध-प्रदर्शन की अनुमति न होने की बात क्यों कही जा रही है? दिल्ली पुलिस आखिर संवाद का रास्ता अपनाने के बजाय ऐसी परिस्थितियाँ क्यों पैदा कर रही है, जिनसे तनाव बढ़ सकता है?
उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत की जाए, उनकी बात सुनी जाए और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाए, तो टकराव की स्थिति पैदा होने से रोका जा सकता है। सरकार और प्रशासन को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में सवाल पूछना कोई अपराध नहीं है।
शिवशांत गौतम ने प्रशासन द्वारा दिए जा रहे तर्कों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन भारी दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए कहा कि जवाबदेही तय होनी चाहिए और यदि संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं हो रहा है, तो इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े सवालों पर कहा कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित हर सवाल का पारदर्शी जवाब दिया जाना चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता का भरोसा कायम रहना बेहद आवश्यक है।
शिवशांत गौतम ने यह भी साफ कर दिया कि मैं किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थक नहीं हूँ। जो लोग विरोध-प्रदर्शन की आड़ में हिंसा करते हैं, मैं उनका समर्थन नहीं करता। मैं संविधान को मानने वाला व्यक्ति हूँ और अपनी बात शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से रखूँगा।
उन्होंने कहा कि अगर मैं शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली आता हूँ, तो मुझे केवल अपनी संवैधानिक आवाज़ उठाने के कारण निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लेने की कार्रवाई कानून के अनुसार, उचित आधार और निर्धारित प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। केवल असहमति की आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस की कार्रवाई लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय होगी।
उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा कि आप कुछ भी कर लीजिए, लेकिन जनता के सवालों से बच नहीं सकते। जवाब तो देना ही पड़ेगा और यदि जिम्मेदारी निभाने में विफल हैं, तो इस्तीफे की मांग का सामना भी करना पड़ेगा।
शिवशांत गौतम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेरे लिए देश सबसे पहले है। देशहित, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मैं हमेशा खड़ा रहूँगा। मैं शांतिपूर्ण प्रदर्शन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करूँगा, क्योंकि मेरा सबसे बड़ा प्रेम अपने देश से है। बाकी सब कुछ देश के बाद आता है।
🇮🇳 INDIA, THAT IS BHARAT — भारत मेरा देश है और देशहित मेरे लिए सर्वोपरि है।
✊ शिवशांत गौतम का संदेश साफ है: न हिंसा का समर्थन, न संवैधानिक अधिकारों से समझौता!
जय भीम! 💙 जय संविधान! 🇮🇳
— शिवशांत गौतम
भीम आर्मी (आज़ाद समाज पार्टी–कांशीराम) के आधिकारिक कार्यकर्ता
कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश
@AzadSamajParty@APVNews_@TheNewsBeak@akbahujannews
#ShivshantGautam #शिवशांत_गौतम #BhimArmy #AzadSamajParty #ChandrashekharAzad #DelhiPolice #ElectionCommission #लोकतंत्र_बचाओ #संविधान_बचाओ #अभिव्यक्ति_की_आजादी #शांतिपूर्ण_प्रदर्शन #JaiBhim #JaiSamvidhan #KanpurDehat #IndiaThatIsBharat
🚨 सांसद चंद्रशेखर आज़ाद जी को डिटेन करना लोकतंत्र पर गंभीर सवाल है!
नगीना सांसद एवं बहुजन नेता एडवोकेट चंद्रशेखर आज़ाद जी को दिल्ली में उनके नॉर्थ एवेन्यू स्थित केंद्रीय कार्यालय/आधिकारिक आवास पर दिल्ली पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने की खबर बेहद निंदनीय और चिंताजनक है। आखिर किस कानूनी आधार पर एक जनप्रतिनिधि को रोका जा रहा है? 🤔
🇮🇳 संविधान ने हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का अधिकार दिया है। जंतर-मंतर जैसे निर्धारित स्थल पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठाने से रोकने का आधार क्या है? यदि कोई कानूनी कारण है, तो सरकार और पुलिस उसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करें।
वीडियो में पुलिस अधिकारी का हाथ जोड़कर अपनी मजबूरी बताना भी कई गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिसकर्मियों पर दबाव है तो उसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। जो पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए दबाव में भी संयम और मानवीयता दिखाते हैं, उनका सम्मान है। लेकिन वर्दी की आड़ में यदि कोई कानून का दुरुपयोग करता है, तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
⚖️ लोकतंत्र में सत्ता जनता के प्रति जवाबदेह होती है, जनता सत्ता के प्रति गुलाम नहीं! नरेंद्र मोदी सरकार और गृह मंत्री अमित शाह को बताना चाहिए कि लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल पर ऐसी कार्रवाई क्यों की जा रही है?
हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं। संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं होगा। जनता सब देख रही है और हर कार्रवाई का हिसाब लोकतांत्रिक तरीके से माँगा जाएगा।
✊ याद रखिए—आवाज़ दबाने से सवाल खत्म नहीं होते, बल्कि और बुलंद होते हैं!
— शिवशांत गौतम
भीम आर्मी (आज़ाद समाज पार्टी)
#ChandrashekharAzad #BhimArmy #AzadSamajParty #लोकतंत्र_बचाओ #संविधान_बचाओ #दिल्ली_पुलिस #मानवाधिकार #JaiBhim #JaiSamvidhan #ShivshantGautam #शिवशांत_गौतम
आईआईटी बॉम्बे, पवई के गेस्ट हाउस में रिसेप्शन पर भारतीय संविधान के निर्माता, विश्वरत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के लिए कथित तौर पर जातिसूचक एवं अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का मामला अत्यंत गंभीर है। रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में पवई पुलिस ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
कथित रूप से कहा गया— “देश का संविधान एक भंगी ने बनाया तो भंगी के हिसाब से बनेगा।”
बाबा साहेब के लिए ऐसी जातिसूचक भाषा केवल एक महापुरुष के अपमान तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान, समानता, सामाजिक न्याय और गरिमा के संवैधानिक मूल्यों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
महाराष्ट्र सरकार, मुंबई पुलिस और आईआईटी बॉम्बे प्रशासन से हमारी प्रमुख मांगें हैं—
1️⃣ मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए और उपलब्ध CCTV/वीडियो सहित सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए।
2️⃣ आरोपी के विरुद्ध लागू कानूनों के तहत उचित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
3️⃣ आईआईटी बॉम्बे प्रशासन इस घटना पर स्पष्ट आधिकारिक संज्ञान लेकर संस्थान में जाति आधारित अपमान और भेदभाव के विरुद्ध प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करे।
4️⃣ संस्थान के सभी कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आगंतुकों के लिए संविधान, समानता और भेदभाव-विरोधी मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता कार्यक्रम सुनिश्चित किए जाएं।
5️⃣ यदि जांच में किसी संस्थागत लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाए।
6️⃣ बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर और भारतीय संविधान के प्रति अपमानजनक जातिसूचक भाषा को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज न किया जाए।
कानून अपना काम करे, जांच निष्पक्ष हो और दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो—यही हमारी स्पष्ट मांग है।
जय भीम! जय भारत! जय संविधान!
@CMOMaharashtra@Dev_Fadnavis@MahaPolice@MumbaiPolice@iitbombay
#जयभीम #जयसंविधान #DrBRAmbedkar #BabasahebAmbedkar #IITBombay #Mumbai #Maharashtra #SocialJustice
🚨 उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल!
दवाओं की कीमतों में भारी अंतर को लेकर माननीय उच्चतम न्यायालय ने जिस गंभीरता से चिंता जताई है, वह पूरे देश के लिए चेतावनी है। वहीं उत्तर प्रदेश की तस्वीर भी बेहद चिंताजनक है—करोड़ों की मशीनें धूल फांक रही हैं, जरूरी चिकित्सा उपकरण निष्क्रिय पड़े हैं, मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ रहा है और संसाधन मौजूद होने के बावजूद उन्हें रेफर किया जा रहा है।
ऊपर से निजी अस्पतालों की आड़ में बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर संचालित होने की खबरें सामने आ रही हैं। सवाल सीधा है—जब सरकारी अस्पतालों में संसाधन हैं, तो उनका उपयोग मरीजों के इलाज के लिए क्यों नहीं हो रहा?
अगर माननीय उच्चतम न्यायालय @UPGovt की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की यह जमीनी हकीकत अपनी आंखों से देखता, तो इस बदहाली के लिए कौन से शब्द इस्तेमाल करता?
मरीज सिर्फ इलाज नहीं मांगता—उसे सम्मान, सुविधा, पारदर्शिता और समय पर उपचार का अधिकार है।
सरकार को अस्पतालों की मशीनों और उपकरणों की स्थिति, दवाओं की कीमतों तथा मेडिकल स्टोरों की वैधता की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
यह जनता की जिंदगी और उनकी मेहनत की कमाई—दोनों का सवाल है।
#ShivshantGautam #UPMangeChandrashekharAzad #स्वास्थ्यव्यवस्था #उत्तरप्रदेश #सरकारीअस्पताल #मरीजों_का_अधिकार #दवाओं_की_कीमत #HealthSystem #UttarPradesh #Healthcare #जयभीम #जयसंविधान
बिजनौर जिला अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के सैकड़ों पद खाली पड़े हैं। अस्पतालों को डॉक्टर-स्टाफ की जरूरत है और युवाओं को रोजगार की, लेकिन रोजगार के सवाल पर ई-रिक्शा चलाने की सलाह दी जा रही है।
@myogiadityanath जी से हमारी स्पष्ट मांग है👇
🔹 बिजनौर जिला अस्पताल सहित पूरे उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सभी रिक्त डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मियों के पद तत्काल भरे जाएं।
🔹 योग्य युवाओं को नियमित एवं सम्मानजनक रोजगार दिया जाए।
🔹 अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
🔹 मरीजों को बेहतर और समय पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
🔹 खाली पदों पर भर्ती की समयबद्ध प्रक्रिया और सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए।
@brajeshpathakup जी, स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी युवाओं को ई-रिक्शा चलाने की सलाह देना नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों में खाली पद भरना और स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करना है।
पद खाली, अस्पताल बेहाल और युवा बेरोजगार—आखिर जवाब कौन देगा?
@UPGovt@myogiadityanath
#ShivshantGautam #UPMangeChandrashekharAzad #Bijnor #BijnorDistrictHospital #UPGovt #Rozgar #SarkariNaukri #HealthForAll #GovernmentHospitals #जयभीम #जयसंविधान
कान खोलकर सुन लो विरोधियों_
जो लोग हमारे खिलाफ साज़िशें रच रहे हैं, उनसे बस इतना कहना चाहता हूँ—तुम्हारी साज़िशों से कुछ होने वाला नहीं है! 🔥
जनता ने अपना आशीर्वाद दे दिया है, जनता हमारे साथ खड़ी है। ✊ जिस दिन जनता अपना फैसला सुनाती है, उस दिन झूठे चेहरों से नकाब खुद उतर जाते हैं।
मेरी बात याद रखना… जनशक्ति के सामने हर साज़िश बेनकाब होगी!
नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के संघर्ष और जनता के विश्वास की आवाज़ अब हर गली तक पहुँच रही है। 💙✊
@AzadSamajParty
#ChandrashekharAzad #AzadSamajParty #BhimArmy #जयभीम #जयसंविधान #Mission2027 #ShivshantGautam #UPMangeChandrashekharAzad
आज जिला सम्भल की विधानसभा चंदौसी में आयोजित विशाल जनसभा की तस्वीरें यह दिखाती हैं कि भाई चंद्रशेखर आजाद जी को सुनने और देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। जनसभा में माताओं-बहनों, युवाओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बनाया।
जो लोग लगातार यह सवाल उठाते हैं कि चंद्रशेखर आजाद जी का जनाधार नहीं है, उनके लिए ऐसी जनसभाओं की तस्वीरें और जनता की मौजूदगी स्वयं एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत हैं। जनता का प्यार, समर्थन और विश्वास किसी भी जननेता के लिए महत्वपूर्ण होता है।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। सम्भल की महान जनता, माताओं-बहनों और सभी उपस्थित साथियों को दिल से सलाम एवं अभिनंदन।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 के लिए ऐसी जनभागीदारी निश्चित रूप से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा पैदा करती है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में जनता के मुद्दों, सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर होने वाली राजनीतिक गतिविधियाँ महत्वपूर्ण रहेंगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल! 💙
@AzadSamajParty
#ShivshantGautam #UPMangeChandrashekharAzad #ASP_K_Mission2027 #AzadSamajParty #ChandrashekharAzad #जयभीम #जयभारत #जयमंडल
लोग अब सवाल पूछ रहे हैं। 👇
मुद्दा सिर्फ़ चंदे का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे, भावनाओं, हितों और अधिकारों का है। अगर किसी ने आस्था के नाम पर वोट लिया, नोट लिया और जनता से किए वादों पर जवाबदेही नहीं निभाई, तो लोकतंत्र में सवाल उठना स्वाभाविक है।
जनता को पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदार राजनीति चाहिए — यही लोकतंत्र की असली ताकत है।
जय भीम! जय संविधान! ✊🇮🇳
@AzadSamajParty
#चंदा_चोरी #लोकतंत्र #जवाबदेही #जयभीम #जयसंवि
📍 आगरा | 24 सितंबर
आज भाईचारे और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ आगरा जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में साथी ज्ञापन देने पहुंचे। ✊🇮🇳
उमड़ा यह जनसैलाब साबित करता है कि लोग अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग हैं। अब सरकारों को भी जनता की इस आवाज़ को गंभीरता से सुनना होगा।
आगरा के उन सभी भाइयों-बहनों को, जिन्होंने इस आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, मेरी ओर से दिल से मंगलकामनाएं। 💙🙏
संविधान और अधिकारों की रक्षा के लिए हमारी लोकतांत्रिक आवाज़ लगातार बुलंद होती रहेगी।
मैं आपका, __शिवशांत गौतम
@AzadSamajParty
#ShivshantGautam #संपूर्णभागीदारीमहाआंदोलन #24सितंबर #संवैधानिकअधिकार #सामाजिकन्याय #आरक्षण #बहुजनएकता #जयभीम #आगरा
ये आरक्षण विरोधी आंदोलन क्यों चल रहे हैं? सांसद चंद्रशेखर आजाद जी ने इसकी पूरी पोल खोल दी है।
देश में लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग हो रही है। 1931 में जातिगत जनगणना हुई थी और आज 2026 चल रहा है। यानी कुछ ही वर्षों में उस जातिगत जनगणना को हुए 100 साल पूरे हो जाएंगे, लेकिन आज तक देश के सामने जातिगत जनगणना के व्यापक और स्पष्ट आंकड़े नहीं हैं।
जब जातिगत जनगणना नहीं होगी, तो कमजोर और वंचित समाज की वास्तविक संख्या कैसे पता चलेगी? आर्थिक और सामाजिक स्थिति का सही आकलन कैसे होगा? संख्या का पता चलेगा, तभी तो समाज अपने हिस्से और अधिकार की बात मजबूती से कर पाएगा।
यही कारण है कि आज कमजोर समाज जाग रहा है और जातिगत जनगणना की मांग कर रहा है। जातिगत जनगणना होगी, आर्थिक आंकड़े सामने आएंगे, संख्या का पता चलेगा और यही समाज गर्ज के उठेगा—अपने हक और अधिकार मांगेगा।
इसी से डरकर एक नैरेटिव चलाया जाता है—“आपका हक इस जाति ने खा लिया, आपका हक उस जाति ने खा लिया।” मैं जिम्मेदारी से कह रहा हूँ, आपस में मत लड़ो।
जातिगत जनगणना की मांग करो।
सांसद चंद्रशेखर आजाद जी का स्पष्ट संदेश है—“जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी।” आंकड़े सामने आएंगे तो अधिकारों और हिस्सेदारी की बात भी तथ्यों के आधार पर होगी।
और अगर किसी का अधिकार छीना गया होगा, तो जाति और धर्म से ऊपर उठकर सबसे पहले उसके अधिकार की लड़ाई लड़नी होगी।
आपस में मत लड़ो, जातिगत जनगणना की मांग करो।
अपने अधिकारों के लिए जागो, संगठित हो और संवैधानिक रास्ते से अपनी हिस्सेदारी मांगो।
@AzadSamajParty
#ShivshantGautam #जातिगतजनगणना #सामाजिकन्याय #आरक्षण #संविधान #जयभीम
अब चुनाव नज़दीक हैं, तो अब नियुक्ति पत्र बाँटेंगे, नई रिक्तियों की घोषणा करेंगे, नई सुविधाएँ देने की बात भी होगी। लेकिन सच यह है कि पिछले 9.5 साल में कितने नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, यह सब जानते हैं। चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है और यह किसी से छिपा हुआ नहीं है।
अब जब सरकार को 9.5 साल हो गए हैं और 2027 में जन अदालत लगने वाली है, उसमें अपने पापों और अपराधों को छिपाने के लिए इस तरह की झूठी दीवारें बनाने की कोशिश की जा रही है। जनता इस बात को जानती है। युवा रोजगार चाहता है।
— नगीना सांसद भाई चंद्रशेखर आज़ाद जी
@AzadSamajParty
#ShivshantGautam #रोजगार #युवा #नौकरी #उत्तरप्रदेश
बहुजनों की राजनीति करने वाले लोग जब हमारे हक़ और अधिकारों की बात आती है, तब उनके मुंह से एक शब्द तक नहीं निकलता।
आज हमारे अधिकारों पर लगातार प्रहार किया जा रहा है, लेकिन इस दौर में अगर कोई मजबूती से हमारे अधिकारों के साथ खड़ा है तो वह हैं
भीम आर्मी के संस्थापक एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, नगीना लोकसभा सांसद भाई एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद जी।
उन्होंने आरक्षण, UGC एक्ट और SC/ST एक्ट के समर्थन में 24 सितंबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर महाआंदोलन का आह्वान किया है।
मैं शिवशांत गौतम, @AzadSamajParty का एक छोटा सा कार्यकर्ता होने के नाते भारत के सभी युवाओं और देशवासियों से अपील करता हूं कि 24 सितंबर को भारी से भारी संख्या में दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचें और भाई चंद्रशेखर आजाद जी के समर्थन में खड़े होकर उनका मनोबल बढ़ाएं।
विरोधी कान खोलकर सुन लें—हमारे हक़ और अधिकारों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई तो हम लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
2 अप्रैल 2018 को याद रखिए और 1 जनवरी 1818 के भीमा कोरेगांव के इतिहास को जरूर पढ़िए।
जय भीम! जय संविधान! चंद्रशेखर आजाद जिंदाबाद! भीम आर्मी जिंदाबाद! आजाद समाज पार्टी जिंदाबाद! 💙
@BhimArmyChief@AzadSamajParty@VinayRatanSingh@Ravinder_ASPK@SunilAstay
#24SeptemberDelhiChalo #BhimArmy #Reservation #UGCAct #SCSTAct #जयभीम #जयसंविधान
आरक्षण विरोधियों द्वारा लंबे समय से संविधान प्रदत्त आरक्षण के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। अब इसी मुहिम को “आरक्षण में सुधार” जैसे शब्दों की आड़ में आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
पूना पैक्ट दिवस, जिसे मान्यवर कांशीराम साहब ने “धिक्कार दिवस” कहा था, उसी अवसर पर सम्पूर्ण भागीदारी आंदोलन के तहत हम अपने संवैधानिक अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगे।
📅 24 सितंबर 2026
⏰ सुबह 10:00 बजे
📍 जंतर मंतर, नई दिल्ली
आइए, अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुँचकर संविधान, आरक्षण और सामाजिक न्याय के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी एकजुटता दिखाएँ और आंदोलन को मजबूती दें।
निवेदक: भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)
#24_सितंबर_चलो_जंतर_मंतर
#सम्पूर्ण_भागीदारी_आंदोलन
#ASP_K_Support_UGC_Act
#आरक्षण_बचाओ
#संविधान_बचाओ
#जयभीम #जयसंविधान
9 सितंबर को मैंने कानपुर देहात के थाना डेरापुर क्षेत्र के ग्राम नोनारी में गरीब मेहनतकश धीरेंद्र कुशवाहा के साथ कथित मारपीट, दबंगई और धमकी के गंभीर मामले को @UPGovt एवं @Uppolice के संज्ञान में लाया था।
आज 2 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?
क्या पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज हुई?
क्या आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई/गिरफ्तारी हुई?
क्या घटनास्थल के CCTV/वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए गए?
क्या पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा दी गई?
@UPGovt@dgpup@CMOfficeUP से मेरा स्पष्ट सवाल है—गरीब व्यक्ति को अपने मेहनत-मजदूरी के पैसे मांगने पर दबंगों की मारपीट और धमकी का सामना करना पड़ेगा तो कानून-व्यवस्था किसके लिए है?
प्रशासन इस मामले में अब तक की कार्रवाई सार्वजनिक करे और पीड़ित को न्याय सुनिश्चित करे।
कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए—दबंग के लिए भी और गरीब के लिए भी।
#KanpurDehat #Derapur #UttarPradesh #UPPolice #Justice #LawAndOrder #गरीब_को_न्याय #कानून_सबके_लिए