आत्मसम्मान से बड़ा कुछ नहीं। भावनाओं को नियंत्रित करिये और जीवन को व्यवहारिक तौर पर जीने की कोशिश करिये और आगे बढ़िए। जो गया सो गया और सो जाने वाला है, जाने दो।
यदि आपको बुरे व्यक्ति और साँप के बीच चयन करना है, तो साँप को चुनें। क्योंकि सांप आपको केवल आत्मरक्षा में काटेगा, लेकिन एक दुष्ट व्यक्ति किसी भी कारण और किसी भ��� समय या हमेशा काटेगा।
शराबबंदी एक समाजिक आंदोलन है। अगर नागरीक स्प्रीटवाली जहरीली शराब बानाने और पीने के लिए उतारू हो जाए तो सिस्टम चाहकर भी नहीं रोक पाएगी। लोग घर आंगन में बनाने लगे हैं।
मीडिया जनजागृति फैलाने के बजाए सरकार को टारगेट करना शुरू कर देती है। और नेता तो चंडाल होते ही हैं
छठी से दसवीं तक अंग्रेजी के नाम पर voice, narration, direct और indirect speech पढा़कर बच्चों के मन में अंग्रेजी के लिए विशेष स्थान दिलवाने वाले माहटर साहेब सब को भी हिप्पी टीचर्स डे 😁
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