वर्टिकल व्यवस्था और शीर्ष प्रबंधन की मनमानी से प्रदेश की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो रही है।
पावर कारपोरेशन के प्रबंधन के मनमानी तरीके से राजधानी लखनऊ सहित कई महानगरों में पूंजीपतियों के इशारे पर वर्टिकल व्यवस्था लागू की गई है जबकि सभी कर्मचारी संगठनों ने पूर्व में ही कहा था कि वर्टिकल व्यवस्था से राजधानी की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर सकती है, लेकिन ऊर्जा प्रबंधन ने किसी की नहीं सुनी और इस व्यवस्था को जबरदस्ती तानाशाही पूर्वक लागू किया गया, इस व्यवस्था के लागू होते ही राजधानी लखनऊ में हजारों की संख्या में संविदा कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाला गया, सैकड़ो की संख्या में टेक्नीशियन, कार्यालय सहायक सहित योग्य एवं प्रशिक्षित कार्मिकों को लखनऊ से बाहर फेंका गया, कई अभियंताओं को अकारण ही निलंबित किया गया, साथ ही बिजली कर्मियों पर मनमाने आदेश थोपे गए।
पहले जहां प्रत्येक फीडर पर एक गैंग हुआ करती थी राउंड द क्लॉक तीन गैंग हुआ करती थी लेकिन आज सभी फील्डरों को मिलाकर एक उपकेंद्र पर मात्र एक गैंग है पूरे प्रदेश में लगभग 20000 संविदा कर्मचारियों को छटनी के नाम पर बाहर निकाला गया है आज जो कर्मचारी बचे हैं वह अपनी क्षमता से 5 गुना अधिक कार्य कर रहे हैं जिस कारण कई संविदा कर्मचारियों की कार्य के दबाव व मानसिक तनाव के कारण दुर्घटना भी हो रही है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
आज पावर कारपोरेशन में लगभग 73000 नियमित स्वीकृत पद हैं इसके सापेक्ष वर्तमान में सिर्फ 29000 ही पद भरे हुए हैं 43000 से अधिक पद रिक्त पड़े हुए है, पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की लापरवाही के कारण पिछले 4 वर्षों से किसी भी प्रकार की कोई नई भर्ती नहीं हुई है। इसके अलावा ऊर्जा प्रबंधन द्वारा पूरे प्रदेश में 2 वर्षों से तानाशाही रवैया बनाते हुए बिना किसी का पक्ष सुने बड़ी संख्या में निर्दोष अभियंताओं को निलंबित किया गया है, बड़ी संख्या में अभियंताओं को चार्जशीट देकर उनको पदोन्नति से वंचित किया गया है, ट्रांसफार्मर डैमेज पर मनमाने तरीके से नियम-10 के नोटिस देकर उनके वेतन से कटौती की जा रही है, बिना किसी बात के कारण ही एडवर्स एंट्री के दंड दिए गए हैं, इन सबको देखते हुए बड़ी संख्या में अभियंता, कर्मचारी एवं संविदा कर्मचारी अपने आप को उत्पीड़ित महसूस कर रहे हैं, इसके बावजूद भी बिजली कर्मी प्रदेश वासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
आज अगर प्रदेश की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर रही है तो इसका जिम्मेदार सिर्फ पावर कारपोरेशन का शीर्ष प्रबंधन है और उसकी मनमानी नीतियों है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी से अनुरोध है कि प्रदेश की जनता के व्यापक हित में पावर कार्पोरेशन प्रबंधन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, सभी बाहर निकाले गए संविदा कर्मचारियों को काम पर वापस लिया जाए, बिजली कर्मियों पर की गई उत्पीड़न की सभी कार्रवाइयों को समाप्त किया जाए, पिछले 4 वर्षों से रुकी हुई सभी रिक्त पदों पर भर्ती प्रारंभ की जाए, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और मीटिंग पर मीटिंग का खेल बंद कर धरातल स्तर पर प्रभावी रूप से कार्य किया जाए और ऊर्जा निगमों में बेहतर कार्य का वातावरण स्थापित किया जाए, जिससे सभी विद्युत व्यवधानों को कम से कम समय में दूर करते हुए प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करायी जा सके।
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@UPPCLLKO@CMOfficeUP@EMofficeUP@aksharmaBharat@mduppcl माननीय! मुख्यमंत्री जी! महोदय! के आवास से महज 10 किलोमीटर पर राज्य की राजधानी लखनऊ के चिनहट, शिवपुरी विद्दुत केंद्र अंतर्गत स्थित "जुग्गौर" के मजरा "घुरु का पुरवा" में शाम से ही बिजली कटी है, उपभोक्तताओं की हालत ख़राब है! माननीय! मुख्यमंत्री जी! संज्ञान ले!
मैंने पहले भी कहा था ‘उपभोक्ता देवो भव:’
निर्णय लिया है कि सभी स्मार्ट मीटर अब पोस्ट पेड मीटर की तरह ही काम करेंगे।
विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट /प्रीपेड मीटर से आ रही तकनीकी दिक्कत के मद्देनजर उन्हें बड़ी राहत देने का महत्वपूर्ण निर्णय आज लिया है।
जिसके अनुसार अब:
1. सभी उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर सामान्य/पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही कार्य करेगा।
2. अर्थात् प्री-पेड नाम की व्यवस्था समाप्त की जा रही है।
3. जैसे आप पहले मासिक बिल भरते थे वैसे ही महीने की 1 तारीख से 30 तारीख तक का बिल अगले दस दिन में आपको एसएमएस या ह्वाट्सऐप पर भेजा जाएगा।
4. बिल मिलने के बाद दी गई समय सीमा में आप कृपया बिल अवश्य भरें।
5. आपसे यह भी निवेदन है कि अपना फ़ोन नंबर अद्यतन करा लें और बिजली विभाग से आने वाले संदेशों पर ध्यान दें।
6. विभाग को यह भी पुनः निर्देशित किया है कि किसी भी स्थिति में महीने के अंदर बिजली नहीं काटी जाएगी।
7. साथ ही यह भी कहा है कि पिछला बकाया हो तो उपभोक्ता दस किश्तों में भरने की सुविधा प्रदान की जाय।
8. पुराने मीटरों को स्मार्ट-प्रीपेड मीटर से बदलने का कार्य स्थगित किया गया है।
9. फिर भी हाल में लगे स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान हमारी प्राथमिकता है।
10. गर्मी के दिनों में लोगों को विद्युत संबंधी कोई तकलीफ़ न पड़े इसके लिए शक्ति भवन में मीटिंग कर विभाग को आज पुनः हिदायत दिया है।
आपका सहयोग प्रार्थनीय है।
माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी को नमन।
सबको शुभकामना।
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