बड़ी जिम्मेदारी के साथ एक एक सच जो आपके सामने रख रहा हूं।
आज ट्विटर पर मुसलमानों के खिलाफ साजिशों के पर्दे फाश हो रहे हैं, तरह-तरह के जु़ल्म और ज्यादती का शिकार मुसलमान हो रहे हैं, इस्लाम, कुरान और हमारे नबी पर उंगलियां उठाई जाती हैं,
इन सब का जि़म्मेदार मुसलमान है।
लापता लड़की,
🚨महत्वपूर्ण | इसे जरूर शेयर करें..
अफिया अयूब, 23 वर्ष की, 152 सेमी लंबी, जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने वाली छात्रा, कल रात लगभग 11:30 बजे से लापता है।
वो दवा खरीदने के लिए ओखला हेड में अपने पीजी आवास से बाहर चली गई और अपना फोन अपने कमरे में ही छोड़ दी।
तब से वो वापस नहीं आई है, यदि आपने उसे देखा है या उसके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी है, तो प्लीज़ contact
7503703032 @DelhiPolice
मिल्लत टाइम्स से बातचीत में ज़ैद की मां रोते हुए अपना दर्द बयां करते हुए बोलीं,
सात बहनों का इकलौता भाई था हमारा ज़ैद। पढ़ाई के साथ-साथ घर की पूरी जिम्मेदारी भी संभालता था। बड़े-बड़े ख्वाब देखता था। कहता था, 'बड़ा आदमी बनूंगा, अम्मी... तेरे सारे दुःख दूर कर दूंगा, बहनों की शादी करवाऊंगा।' अब कौन करेगा? हमारा सहारा तो सिर्फ वही था।
मेरा ज़ैद आर्मी में जाना चाहता था। वह बॉर्डर पर देश के लिए लड़ना चाहता था। कहीं से भी आकर मेरी गोद में सिर रखकर बातें करता था।
आगे उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि, जैसे सूर्या केस में एनकाउंटर किया गया, वैसे ही मेरे बच्चे को मारने वालों का भी एनकाउंटर हो। जिस ऑफिस में मेरे बच्चे को मारा गया, उस पर तो योगी जी ने बुलडोज़र भी नहीं चलवाया। उसे तो खरोंच तक नहीं आई।
बिहार के हाफिज मोहम्मद सलमान का मामला एक बहोत ही संदिग्ध मामला है
मोहम्मद सलमान बिहार के सुपौल जिले के बघेली गांव के रहने वाले थे, जो सिलाई और टेलरिंग काम करते थे
1 महीना पहले ही काम करने के लिए तमिलनाडु के तिरुपपुर शहर गए थे,
बताया जा रहा है के उन्हे पुलिस अधिकारी के भेस में एक फ्रॉड कॉल आया जिसमे उनसे 5 लाख रुपिया की मांग की गई, न देने पर उन्हें जेल भेज देने की धमकी दी गई, ओर एक सुनसान जगह मिलने बुलाया गया,
सलमान बिना किसी को बताया तय जगह पर मिलने पहुंच गए जिसके बाद सलमान का कोई पता नही चला, बाद में एक बड़े पानी के गड्डे में उनका शव मिला...
परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताई है और इंसाफ की मांग की है, फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, अब तक इस मामले में कोई बड़ा अपडेट नही मिला है
देखिए नफरत की इंतिहा कहाँ से कहां पहुंच गई,
लोग नफरत में इतने अंधे हो गए है कि एक मुस्लिम बुजुर्ग व्यक्ति को खम्बे से बांध कर किस क़दर मार रहे हैं नफ़रती।
इसे इतना शेयर करो दोस्तों की ये नफरती गिरफ्तार हो जाए और बुजुर्ग व्यक्ति को इंसाफ मिल सके।
'नफ़रत भी कोई करने की चीज़ है?' — सोशल मीडिया पर छाया निखिल चौधरी का पैग़ाम! ❤️
इन्फ्लुएंसर निखिल चौधरी ने कट्टरपंथियों को आईना दिखाते हुए कहा—"30 साल से मुस्लिम इलाक़े में रह रहा हूँ।
हमारे यहाँ राम-राम का जवाब राम-राम से मिलता है। 2014 से पहले का भारत भी देख लो और आज का भी, यहाँ हिन्दू-मुस्लिम एक-दूसरे को अपने हाथ से खाना खिला रहे हैं।
दिमाग़ से हिन्दू-मुस्लिम का चश्मा उतारो।
ग़लती चाहे जुनैद करे या हम, सज़ा दोनों को मिलनी चाहिए।
फालतू बातें छोड़ो, देश और सोच सुधारनी है तो ज़मीनी मुद्दों पर बात करो।"
वैसे, पड़ोसियों के हक़ पर इस्लाम का नज़रिया भी यही सिखाता है:
क़ुरआन (4:36): साफ़ हुक्म है कि अपने पड़ोसियों के साथ भलाई और अच्छा बर्ताव (एहसान) करो।
हदीस: पैगंबर मोहम्मद (सल्ल.) का फ़रमान है कि वह शख़्स सच्चा मुस्लिम नहीं, जो ख़ुद पेट भरकर सोए और उसका पड़ोसी भूखा रहे।
मज़हब से ऊपर उठकर यही आपसी प्रेम और गंगा-जमुनी तहज़ीब आज देश की असली ज़रूरत है।
संभल के 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ।
लोग थाने पहुंचे और पुलिस ऑफिसर से कहा, कि अगर कोई मुस्लिम मुजरिम होता तो आप उसका जुलूस निकलते मारते पीटते बुलडोजर चलवाते इन दरिंदों पर क्यों आपकी पुलिस एक्शन नहीं ले रही।
क्योंकि सच्चाई ये है कि यह योगी आदित्यनाथ की पुलिस है यह सिर्फ मुस्लिम लोगों पर अत्याचार करते हुए बुलडोजर चलवा सकती है जितना योगी जी बताएंगे उतना ही एक्शन करेंगे, ये अब आम जनता की पुलिस नहीं रही है।
संजीव पासवान नामी व्यक्ति ने दो मुस्लिम बच्चे की गला काट कर ह*त्या कर दी है।
तो मेरा सवाल ये है इस कांड को अंजाम दिए हुए अब तक तो काफी समय बीत गया क्या इस संजीव पासवान का अभी तक एनकाउंटर हुआ? या फूल मालाओं से स्वागत का इंतजाम चल रहा है?
पश्चिम बंगाल
"आनंद सरदार" नाम के दरिंदे ने 12 साल की बच्ची के साथ रेप कर के उसकी बेरहमी से हत्या कर दी!
पुलिस ने रेप और मर्डर के मुख्य आरोपी आनंद सरदार को गिरफ़्तार कर लिया है!
इस दरिंदे को फांसी दी जाए!
भाजपा के बंगाल में बच्ची सुरक्षित नहीं है!
क्या एक मासूम का सुरक्षित घर लौटना अब केवल एक संयोग बनकर रह गया है? पश्चिम बंगाल के बारुईपुर से आई खबर ने एक बार फिर पूरी इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है।
महज 12 साल की मासूम #रिमी_खातून, जो अपने दोस्त के लिए जन्मदिन का तोहफा खरीदने की मासूम सी खुशी के साथ घर से निकली थी, वह कभी लौटकर नहीं आ पाई।
उस मासूम का अपहरण किया गया, सामूहिक दुष्कर्म जैसी हैवानियत की गई और फिर उसकी निर्मम हत्या करके शव को बोरे में बंद कर तालाब में फेंक दिया गया। यह सोचना भी रूह कँपा देता है कि उस वक्त उस बच्ची ने किस दर्द और खौफ का सामना किया होगा। क्या हमारे समाज में बेटियों की जान और उनकी सुरक्षा की कीमत इतनी ही रह गई है?
क्या अपराधियों को फांसी देकर मिसाल कायम की जाएगी
या फिर विशेष धर्म से ताल्लुक रखने वालो को फूलो की मला पहनाई जाएगी
बंगाल के साउथ 24 परगना के बारूईपुर में 11 साल की मुस्लिम बच्ची के साथ रे*प करके उसकी जान ले ली..
सिर्फ 11 साल की बच्ची थी, घर से कुछ सामान लेने के लिए निकली थी परिजनों का आरोप है कि चार लोगों ने बच्ची का पहले अगवा किया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी ह*त्या करके शव तालाब में फेंक दिया
TV मीडिया में खामोशी है, बंगाल में महिला सुरक्षा को लेकर अब कोई TV डिबेट्स नहीं होगी.. कोई शोर नहीं होगा जबकि आरोप है कि इस घिनौने अपराध में BJP कार्यकर्ता भी शामिल है
मगर अब देखना है ये कि इन सारे आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बंगाल पुलिस क्या उनकी कमर में भी रस्सी बांधकर आधे कपड़ों में सड़कों पर परेड कराएगी ?
हर तरफ नफरत का बोलबाला है _
कानपुर यातयात पुलिस पर गंभीर मुस्लिम को
गाली देने का इल्ज़ाम,
दानिश ऑटो मालिक ने रोकर बताया कि उसको बोला है ये मुस्लिम है इसको मारो सा#ले को
बोल क्यों रहे हो
ऑटो मालिक डेनिश सवारी लेकर आए थे उसमें सादी वर्दी में दारोगा थे उनसे किराया मांगना
दानिश को भारी पड़ गया उन्होंने डंडो से मारा
जेल भेजनी की धमकी,
ज़रा इन दो मासूम चेहरों को गौर से देखिए...इन बच्चों का कसूर आखिर क्या है?
यह वीडियो उत्तर प्रदेश के हापुड़ का बताया जा रहा है, इनके पिता पिछले डेढ़ साल से जेल में हैं और मां भी इन्हें छोड़कर चली गई,
अपनों का सहारा छिन गया तो ये मासूम खुले आसमान के नीचे रात गुज़ारने को मजबूर हो गए, किसी स्थानीय व्यक्ति ने इनकी यह दर्दनाक तस्वीर कैमरे में कैद की,
सोचिए... जिस उम्र में बच्चों को मां-बाप की गोद, स्कूल और सुरक्षित घर मिलना चाहिए, उस उम्र में ये बेबसी और लाचारी झेल रहे हैं।
क्या ऐसे बच्चों की जिम्मेदारी सिर्फ उनकी किस्मत पर छोड़ दी जाए? क्या शासन-प्रशासन इन मासूमों को सुरक्षा, आश्रय और बेहतर भविष्य नहीं दे सकते?
उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर बजरंग दल के कुछ सदस्य एक मुस्लिम व्यक्ति को डराते-धमकाते नजर आ रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, वह व्यक्ति एक निजी घर में गरीब मुस्लिम बच्चों को अरबी और दीनी तालीम दे रहे थे। आरोप है कि बजरंग दल के सदस्यों ने उन पर गैर-कानूनी मदरसा चलाने का आरोप लगाया और उन्हें धमकाया।
वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन लोगों को यह अधिकार किसने दिया कि वे किसी के निजी मकान में घुसकर उसे डराएं-धमकाएं? अगर किसी गैर-कानूनी गतिविधि की आशंका थी, तो उसकी शिकायत पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से की जा सकती थी।
“उज़ैब ने बोला था कि 4 दिन रुक जाओ मेरा बच्चा होने वाला है मुझे फिर मार लेना”
ये कहा है उज़ैब की बीवी ने जिनके हाथ में 8 दिन का बच्चा है.. परिवार का क्या हाल है देखिए जो इंसाफ के लिए बुरी तरह रो रहें हैं
दिल्ली के उज़ैब को 8 हज़ार की मामूली रकम पर आरोपी संदीप और उसके साथियों ने बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला था..
ज़ैद को पीट-पीट कर मार डालने वाले राहुल और उसके दोस्तों का अभी तक एनकाउंटर नहीं किया गया है। अभी तक हत्यारों के घरों पर बुलडोज़र नहीं चलाया गया है। @myogiadityanath की ज़ीरो टोलरेंस नीति यही है? यदि हत्यारे ‘दूसरे’ हों तो एनकाउंटर करा दो, बुलडोज़र चलवा दो पीड़ित को मुआवज़ा दे दो। लेकिन अगर पीड़ित ‘दूसरा’ हो तब? तब यह सब कार्रावाई क्यों नहीं होती? तब जीरो टोलरेंस नीति बदल जाती है?
यह पिछले 12 वर्षों के इतिहास में किसी भी न्यायालय द्वारा दिया गया अकेला न्याय है जिसमें संविधान, देश और आम आदमी के मौलिक अधिकारों की विजय हुई है। यह बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस माधव जामदार हैं। इस विद्वान न्यायाधीश ने अपने एक फैसले में जो कहा है वो नजीर है, नजीर रहेगीं। इनका फैसला बीजेपी और मोदी एवं शाह की आँखों के किरचों की तरह चुभेगी।
दरअसल सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वहीद चौधरी के खिलाफ एक साल के लिए जिला बदर आदेश पारित किया था। सईद केंद्र सरकार के विभिन्न फैसलों जैसे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के खिलाफ मोर्चे और धरने आयोजित कर रहे थे
जस्टिस जामदार इस आदेश पर आगबबूला हो गए। उन्होंने कहा "यह क्या है? सभी नागरिकों को भारतीय सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है। वे प्रदर्शन नहीं कर सकते, आंदोलन नहीं कर सकते ।यह सब क्या है? अब इतने सारे पेपर लीक हो रहे हैं। अगर लोग विरोध करें तो आप केस थोप देंगे। यह क्या है? नागरिकों का प्रदर्शन करना उनका अधिकार है।
याचिकाकर्ता ने तो सिर्फ 'बीजेपी सरकार मुर्दाबाद', 'अमित शाह मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाए.।नागरिक ऐसे नारे क्यों नहीं लगा सकते? ऐसे नारों के लिए जिला बदर आदेश क्यों?"
जस्टिस जामदार ने आगे मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पुलिस नागरिकों को सिर्फ इसलिए बाहर नहीं कर सकती क्योंकि उन्होंने सरकार के फैसलों का विरोध किया है।"पुलिस मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री की सेवक नहीं है, वे जनसेवक हैं। मैं आपके अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाऊंगा।"
जस्टिस जामदार ने महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे "हॉर्स ट्रेडिंग" पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा "कल परसों एक 10 साल के बच्चे की दुर्घटना में मौत हो गई और राज्य विधानसभा में क्या चर्चा हो रही थी कि प्रेसिडिंग ऑफिसर कैसे चुना जाए और वह एक पार्टी से दूसरी पार्टी में कैसे शिफ्ट हो गया।यह क्या है? वैसे भी पूरे महाराष्ट्र में हॉर्स ट्रेडिंग चल रही है। आपके पास कुछ FIRs हैं।केस बदलने पर विचार करें, वॉशिंग मशीन है।" और सईद अहमद का जिला बदर रद्द कर दिया गया।
सैल्यूट जस्टिस माधव, सैल्यूट बॉम्बे हाईकोर्ट
जनपद बिजनौर के थाना चांदपुर के देवीपुरा बस्ता के रहने वाले महबूब का 30 वर्षीय पुत्र मोहसिन खान सोमवार को बस से गाजियाबाद जा रहा था। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली के सामने नए खुले एक मुस्लिम ढाबे (बिस्मिल्लाह होटल) पर यह बस भोजन के लिए रूकी। जैसे ही अन्य सवारियों के साथ मोहसिन बस से उतरा तो अचानक एक सफेद रंग की कार में सवार होकर आए पांच बदमाशों ने मोहिसन पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से युवक को संभलने तक मौका नहीं मिला। इस हमले से होटल में मौजूद ग्राहकों एवं बस की सवारियों में चींख पुकार मच गई। मोहसिन पर करीब 10 मिनट तक लाठी डंडे बरसाने के बाद आरोपित युवक कार में सवार होकर फरार हो गए। इस दौरान मोहसिन गंभीर रूप से घायल होने के बाद बेहोश हो गया। इस बीच किसी ने इस बात की सूचना पुलिस को दे दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल मोहसिन को गढ़मुक्तेश्वर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। लेकिन मेरठ पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
लोकेशन: दिल्ली सागरपुर
सागरपुर में लगातार बजरंगदल के दंगाइयों द्वारा दंगा भड़काने की पूरी कोशिश की जा रही है।
ये दंगाई हाथ में हथियार और साउंड बॉक्स लेकर मुसलमानों के घरों के सामने हनुमान चालीसा बजा रहे हैं।
और मुसलमानों के घरों पर पत्थर बरसा रहे है, साथ में मुसलमानों की हत्या करने की धमकी भी दे रहे है।
दुर्भाग्य की बात ये है की ये सब पुलिस की मौजूदगी में हो रहा है।