NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी निकालो, जो मर्ज़ी चुकाओ।
मोदी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना रखी हैं - एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाक़ी सबके लिए।
छात्रों से जुड़ी बड़ी खबर-
शिक्षा सचिव बदल दिये गए हैं.
विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार नए शिक्षा सचिव बनाए गए.
नीट पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई है. अब संवाद के ज़रिये समाधान निकालें सरकार. देश के युवा है. आपके बच्चे हैं. उनके साथ संवेदनशीलता बरतें सरकार.
एक दौर था जब कश्मीर में रिपोर्टिंग करने पर हम जैसे पत्रकारों को कहा जाता - इंडियन मीडिया गो बैक, हमें धमकी दी जाती , हमारा माइक तोड़ दिया जाता था. उस समय हम लाचार होकर अपनी जगह बदल लेते थे, लेकिन काम करना नहीं छोड़ा.
( मैं सभी की बात नहीं कर रही, मुट्ठीभर कुछ लोग )
आज भी एक वर्ग की मानसिकता वही है,
लेकिन उनके शब्द बदल गए हैं.
जाहिलों की उस तादाद से हम तब भी लड़े थे,
जाहिलों की इस तादाद से अब भी लड़ेंगे…
I feel for this brother who bought a 40+ Lakh E20 compliant Toyota vehicle & having issues.
If this is true, then @nitin_gadkari ji should setup a team and investigate. Need clarification & accountability from Government on this.
#FI
मणिपुर सालों से जल रहा है, और आज फिर नफ़रत और हिंसा की आग में 20 घर राख हो गए।
दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन के बावजूद संघर्ष गहराता ही जा रहा है। हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, अनगिनत परिवार उजड़ गए हैं - मणिपुर जिस असहनीय पीड़ा से गुज़र रहा है, उसकी कल्पना भी मुश्किल है।
यह मोदी सरकार की उस विभाजनकारी विचारधारा का नतीजा है, जो लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के नाम पर बाँटती है।
आज मणिपुर ही नहीं, पूरा देश प्रधानमंत्री से संवेदना के दो शब्द की भी उम्मीद छोड़ चुका है, कार्रवाई की बात तो दूर गई।
मणिपुर बेहतर का हक़दार है - और इसके लिए भारत जोड़ना ही एकमात्र रास्ता है।
एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।
देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।