@surabhi009 “कोई किसी के लिए नहीं रोता,
सबको अपने अपने दुःख याद आते हैं॥”
यह मैंने बहुत पहले लिखा था,जिस पर किसी साथी कवि ने सवाल उठा��ा था की यह साहिर लुधियानवी के शेर से कॉपी किया गया है।
मैं अभी भी वही कहूँगी,एक जैसी सोच कइयों की हो सकती है बाक़ी आपने बहुत अच्छे से समझाया दीदी 💛
#Karauli जिले के हम तीन दोस्तों ने मिलकर Pankti मोबाइल एप बनाया है, यह हिन्दी भाषियों का अपना सोशल मीडिया है। अभी हमारे पास सीमित संसाधन हैं इसीलिए आप सबकी मदद चाहिए। आप सभी इस जानकारी को करेगें तो हम आसानी से सभी हिन्दी भाषियों तक पहुंच सकते हैं।
[ शेष कमेंट में ]
कुछ साधे आलम देख लिए है
दिख रहा है , रातें काली होगी ।
- साँझ | साक्षी चौधरी
साधे आलम - ज़िंदगी के सपने
Thank you Pakhi di for nominating me @surabhi009
I nominate - @neerajthepoet@masakaliii__@Bhaskarkavi5@poetabhay