BREAKING 🚨: This is VERY BRUTAL 🔥⚡
7.00 AM : 🇺🇸 TRUMP: I am pleased to announce a ceasefire following very good discussions with Iran.
7.01 AM : 🇮🇷 IRAN: There were no discussions with Trump, he is lier and backed down out of fear of retaliation.🔥🔥
ABSOLUTE CINEMA 🔥😭
बाबरी मस्जिद के फैसले पर सबसे चुभने वाली बात यही थी कि सबूत दोनों तरफ़ बराबर नहीं थे, फिर भी फ़ैसला जिस तरफ़ गया, उसने लोगों को हैरान कर दिया। राम मंदिर के दावे के लिए जो निशान दिखाए गए, वे ज़्यादातर अंदाज़ों और व्याख्याओं पर टिके थे। खुदाई में मिली चीज़ें मंदिर का पक्का सबूत नहीं थीं माहिर लोग भी आपस में सहमत नहीं थे।
दूसरी तरफ़ बाबरी मस्जिद का रिकॉर्ड बिलकुल साफ़ था। राजस्व कागज़ात, सरकारी फ़ाइलें, अंग्रेज़ी दौर के दस्तावेज़, नक़्शे, और लोगों की यादें सब बताते थे कि मस्जिद वहाँ सदियों से मौजूद थी, नमाज़ भी होती थी और उसका पूरा इतिहास लिखा-पढ़ा जा सकता था। यानी मस्जिद की मौजूदगी किसी शक-सुबूत की नहीं थी।
इसके बावजूद, अदालत ने यह मानने के बाद भी कि 1992 में मस्जिद गिराना ग़लत और ग़ैर-क़ानूनी था, ज़मीन उसी पक्ष को दे दी जिसके दावे ज़्यादा मज़बूत नहीं थे।
कई मुसलमानों के लिए यह बात बहुत कड़वी थी उन्हें लगा कि पक्का दस्तावेज़ उनके पास था, पर फ़ैसला दूसरी तरफ़ चला गया। लोगों में यह सवाल आज भी गूंजता है कि क्या बराबरी का इंसाफ़ सच में सबको एक जैसा मिलता है, या कभी-कभी माहौल तराज़ू को झुका देता है।
#NeverForgetBabriMasjid #BlackDay #BariMasjid
सुप्रीम कोर्ट ने अपने जजमेंट में लिखा था की बाबरी मस्जिद के नीचे मंदिर होने का कोई प्रमाण नहीं मिला पर आस्था को ध्यान में रखते हुये ये फैसला सुनाया गया। देश के किसी आर्कियोलॉजिकल सर्वे में ऐसे किसी राज्य, भवन या मंदिर होने के प्रमाण नहीं मिले जबकि ये विज्ञान की एक ऐसी विधि है जिसमे लाखो साल पुराने वस्तु को प्रमाणित किया जा सकता है।
ख़ैर फैसले से पहले ही इस देश का बहुसंख्यक समाज अपना फैसला ताक़त के बल पर कर चुका था, पर वो कहानी कहाँ से शुरू हुई वो इस वीडियो में है।
#BabriMasjid #BabriMasjidDemolition
भारत के सुप्रीम कोर्ट का बाबरी मस्जिद पर फैसला:
1. बाबरी मस्जिद को गिराना गैर-कानूनी था।
2. हिंदू मंदिर तोड़े जाने का कोई सबूत नहीं मिला।
3. जन्मस्थान का कोई धार्मिक सबूत नहीं मिला।
4. कोर्ट ने माना कि मुसलमानों का सदियों से उस जगह पर कब्ज़ा था।
5. पक्के सबूत न होने के बावजूद आस्था को मान लिया गया।
सच कभी मिटता नहीं। यादें कभी कमज़ोर नहीं होतीं।
6 दिसंबर.. #BlackDay
बाबरी मस्जिद को याद रखें।
अन्याय को याद रखें।
हम भूलेंगे नहीं।
हम आगे नहीं बढ़ेंगे।
हम इस याद को आगे बढ़ाएंगे।
@asadowaisi@warispathan@imtiaz_jaleel@SarwarAlamm
#NeverForgetBabriMasjid #BabriMasjid
भारत के सुप्रीम कोर्ट का बाबरी मस्जिद पर फैसला,
बाबरी मस्जिद को गिराना गैर-कानूनी था
हिंदू मंदिर तोड़े जाने का कोई सबूत नहीं
जन्मस्थान का कोई धार्मिक सबूत नहीं मिला
पक्के सबूत न होने के बावजूद आस्था को मान लिया गया इस पर फैसला किया गया
#NeverForgetBabriMasjid#शौर्य_दिवस 😡
बीजेपी आईटी सेल से अपनी बेटियों का सम्मान बचाने के लिए देशवासियों को ख़ुद आगे आना पड़ेगा…
आप कब तक चुपचाप खड़े होकर तमाशा देखेंगे?
आईटी सेल और अंधभक्त बेटियों को किस हक़ से गालियाँ रहे हैं?
सवाल पूछिए…
आपकी चुप्पी देश के लिए ख़तरनाक है.
हर धर्म की अपनी-अपनी कमेटी और संस्थाएं होती है लेकिन सरकार सिर्फ वक़्फ़ बोर्ड पर ही हमला क्यों कर रही है: इकरा हसन (सपा सांसद)
#WaqfAmendmentBill#IqraHasan#BJP
हमीं को क़ातिल कहेगी दुनिया,
हमारा ही क़त्लेआम होगा।
हमीं कुँए खोदते फिरेंगे,
हमीं पे पानी हराम होगा।
वक्फ़ बिल पर आज देश की संसद में अपनी बात रखते हुए।
#WaqfAmendmentBill#RejectWaqfBill
मैं इस सदन में अल्पसंख्यक महिला होने के नाते ये बात कर रही हूं कि इस बिल से मुस्लिम महिलाओं को कुछ नहीं मिल रहा है, यह सिर्फ बहकाने का काम कर रहे हैं।
– मा. सांसद इकरा हसन जी
#IqraHasan#WaqfBill#WaqfAmendmentBill#RejectWaqfBill