@narendramodi जी आज मैने आपकी गुलामी वाली नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। जिसमें मैने पूरे 10 वर्ष बर्बाद कर दिए। 10 वर्षों से एक ही वेतन 20000 में काम करते थक गया। और अंत में मैने साहस कर इस बेगारी कार्य से मुक्ति पा लिया। @AmitShah@rashtrapatibhvn@aajtak@gupta_rekha@cgvtwa
हजारों व्यावसायिक प्रशिक्षक (Vocational Trainers) लंबे समय से ठेका प्रथा और सैलरी से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसी को मध्य नजर रखते बहुत से विधायकों ने मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखा हैं किशनगंज से बीजेपी विधायक डॉ. ललित जी मीणा का धन्यवाद @lalitmeenabjp
व्यावसायिक शिक्षकों का हल्ला बोल
2014-15 से व्यावसायिक शिक्षा का संचालन शुरू हुआ राजस्थान में
आज 12 वर्ष हो गए ओर अभी वर्तमान में 24 कंपनियो को व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती करने ओर उनको वेतन देने के लिए ठेका दे रखा ह
इतनी कंपनियों को ठेका देने के पीछे अधिकारियों ओर शिक्षा मंत्री का मकसद क्या हो सकता है आप खुद समझ सकते है ??
इनमें से एक भी कंपनी समय पर वेतन नहीं देती
ये बस नाम की कंपनी है जबकि इनकी खुद की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि व्यावसायिक शिक्षकों को वेतन नहीं दे पाती
IISD,ICA,LNJ,IDAKSH तो ऐसी है कि 8 से 12 माह हो गए वेतन ना दे पाए ओर शिक्षा संकुल में बैठे भ्रष्ट अधिकारीयो ने 3 बार आदेश निकाले पर इनकी सुनी तक नहीं कंपनियों ने
@UdtaPanchi__
उधर दिया कुमारी जी ने बजट में घोषणा कर दी कि 500 विद्यालय ओर व्यावसायिक शिक्षा से जुड़ेंगे जिसका बजट 51 करोड़ से ज्यादा होगा
क्या ये सभी मिलकर केंद्र से जो कौशल शिक्षा का बजट आता है उसको खाने में लगे हुए है ??
व्यावसायिक शिक्षकों की नियमित भर्ती क्यों नहीं हो सकती हरियाणा राज्य की तरह ??
जवाब दीजिए @BhajanlalBjp@madandilawar@KumariDiya जी
@me_moharsingh@saten_08@RajCMO@rajeduofficial@pantlp@gajendra_s01@GajrajSingh9086@RESMA_7@JATbera1@TheUpenYadav@AslamChopdar11
@MDVlogs_News @educationnagari@DrAshokJat@PRESIDENTBKN2@guneshgodara
Vocational शिक्षकों से तो आपने बोल दिया , कंपनी (VTP)के कर्मचारी हो, उनके पास जाओ,
लेकिन ये सरकारी शिक्षक तो आपके खुद के विभाग के है @madandilawar इनके साथ भी नाइंसाफी क्यों कर रहे हो महोदय,इनकी तो आप ही सुनोगे।
@BhajanlalBjp@GovindDotasra@pantlp@RESMA_7
एक कहावत हम व्यवसायिक प्रशिक्षकों पर सटीक लागू होता है,
कंपनी के एम्प्लॉई
न केंद्र का
न राज्य का
जब महंगाई आसमान छू रही है तो महंगाई भत्ता राज्य सरकार या केंद्र सरकार बढ़ाती है तो हमारा क्यों नहीं बढ़ता??
काम समान पर दाम असमान???
#समान_काम_समान_वेतन