I hv a cnction wd @pvvnlmeerut@UPPCLLKO on d 20th of Apr my bill was arnd ₹223 on 25, 2 boys come wd ppr nd says we r chckin d cble of smrt mtr nd note dwn mtr no. Nxt day whn I chck my acnt my bill was ₹663
Is dis a opn fraud? @UPGovt@kunalkamra88@CMOfficeUP@PVVNLHQ
@dbsbank@dbsinsights@digibank I have never seen a bank worse than @digibank . I didn't use my account even once. And the bank put my account on hold without prior notice. I have been emailing for the last 2 monhs @FinMinIndia please cancel the licence. Allow only Indian banks.
@bsesdelhi what kind of service are you providing man. There has been no electricity since the last 5 hours in my area.
Bull shit service.@LtGovDelhi you are sleeping in AC like a dictator and what about people.
Shame on you @ArvindKejriwal@AamAadmiParty@KhanAmanatullah
@DTDCIndia@DTDCMumbai
My shipment number is M38001725 . But I didn't receive my shipment yet. When I try to track the order then it's showing receiver shifted from the given location. What kind of poor services are you providing.
How I get my parcel please help me out.
I am shocked. I am not able to understand anything right now. It's so difficult to forget you. This society needed people like you. You left without keeping your promise, you should have remembered that we had to make a great film together.
@_MayankSaxena we will miss you.💔
@ICICIBank@ICICIBank_Care@ICICI_Direct@ICICILombard @ICICIFoundati @ICICIDirectcare
I hv been usig an ICICI Bank accnt since last 6 yrs. Bt sddnly my accnt was closed by d bank and bank told me this is a bank call, the bank can close ur accnt whenever it wants. Wat is this?
Without prior notice. And when I asked the real reason for closing the bank account, they refused to tell me and told me to open my account in some other bank.
Has dictatorship really come to the country?
जुल्म फिर जुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाएगा
ख़ून फिर ख़ून है, टपकेगा तो जम जाएगा
तुमने जिस ख़ून को मख़तल में दबाना चाहा
आज तो कुचा ओ बाज़ार में आ निकला है
#Gaza_Genocide#Gazabombing
किंग्स कॉलेज लन्दन, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी
कोई 12वीं शती से चल रहा है। ऑक्सफोर्ड कोई 10 वी शती से। फीता लेकर जाइये,जाकर नाप लीजिए, फ्लोर, प्लिंथ, हाइट, कॉलम, वाल, स्टेयरकेस।
और सेम टू सेम बिल्डिंग झुमरी तलैया में बना लीजिए। कहिये दूसरा कैम्ब्रिज, येल, हार्वर्ड बना दिया। फिर ऐसा ही तीसरा, चौथा, पांचवा, पंद्रहवाँ, बीसवां।
●●
जिंदगी में कभी भी, जिनका शिक्षा से जुड़ाव रहा हो, सिर्फ वे जानते है कि यूनिवर्सिटी, किसी बिल्डिंग से नही बनती। एम्स, आईआईटी, इसरो, या संसद जैसे संस्थान बिल्डिंग से नही बनते।
उससे तो ठेकेदार बनते है।
वे अमीर बनते है। पहले से अमीर, और भी अमीर बनते हैं। साथ मे ठेका देने वाला उससे ज्यादा अमीर बनता है। अफसर, चेकिंग करने वाले, बिल पास करने वाले, सब थोड़ा थोड़ा अमीर बनते हैं।
लेकिन याद रहे, ऑक्सफोर्ड, येल, कैम्ब्रिज, हार्वर्ड बनाने वाले दुनिया वैसा दूसरा संस्थान नही बना सके। आपसे ज्यादा पैसा, ज्ञान, लोग होने के बावजूद।
●●
क्योकि किसी भवन में आस्था, ज्ञान, सिस्टम्स, उनके प्रति सम्मान, उसके एथिक्स, मैनर्स, अनुशासन, और पर्पज का जब लगातार 2-3 पीढ़ी तक इन्वेस्ट किया जाता है न साहब...
तब जाकर एक विश्वस्तरीय संस्थान बनता है।
संस्थान का उसका मयार, उसके भवन से ऊंचा होता है।
गुरु सान्दीपनि का आश्रम फूस का बना था। 1200 करोड़ का नही।
●●
यह ठीक है कि देश के कोने कोने में शिक्षा के अच्छे संस्थान होने चाहिएं।
तो वे भी बनाये गए हैं- NIT बने, RIT बने, तमाम इंजीनियरिंग, मेडिकल के 300 से ऊपर नामी संस्थान बने हैं। देश मे और JNU बने, AFMC बने, क्योकि जनसँख्या बढ़ी है, एस्पिरेन्ट्स बढ़े हैं।
पर असली संस्थान बनें। कोई नकल नही। आज हेल्थ के, एजुकेशन के, उच्च शिक्षा के असली महारथी कौन है। ये तो किसी कम्पटीशन दे रहे बच्चे से पूछिए।
NEET में, CAT में JEE में उसकी प्रिफरेंस क्या है?? वो एम्स दिल्ली के बाद एफएमसी पूना चाहता है। CMC वैल्लोर चाहता है। आईआईटी न मिल पाए तो NIT चाहता है।
मगर नए बने 15-20 आईआईटी, आईआईएम को वह अपने प्रिफरेंस में नही रखता। क्यो??
दरअसल बच्चे को करियर बनाना है। वो अपनी जिंदगी को लेकर सीरियस है, इसलिए वो आपके झांसे में नही आता।
15 करोड़ ग्रोन अप जो न अपनी जिंदगी को लेकर सीरियस है, न पर��वार और समाज की, वे झांसे में आने को तैयार खड़े हैं।
मेरे कमेंट बॉक्स में गाली देते ट्रोल्स खुद बतायें- वे राउरकेला NIT में बच्चे का प्रवेश दिलाएंगे, या मोदी जी के किसी भी भव्य नए IIT में???
●●
दरअसल कोई नया आईआईटी नही बना। ये नेहरू बनने की अतृप्त इच्छा है। ये नकली माल बेचने का यत्न है।
सावरकर जैसे जाली नोट को को भगतसिंह, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद के बंडल में मिलाकर चलाने वाली सोच है।
जो नए बने, बिना शिक्षक, लैब, सिस्टम, क्युरिकुलम और उस गुणवत्ता के छात्रों के बगैर, शिलान्यास के साथ ही आईआईटी करार दे दी जाती है।
सेंटर ऑफ एमिनेन्स करार देकर 1000 करोड़ का ग्रांट दी जा चुकी 2 यूनिवर्सिटी की अभी नींव बनी खुदी है।
●●
मेरा कहना है कि नेहरू ने तो खुद MIT की तर्ज पर IIT बनाया था। आपको नक्काली ही करनी है, तो नकली की नक्काली क्या???
जाइये किंग्स कॉलेज। फीता लेकर नाप लीजिए, फ्लोर, प्लिंथ, हाइट, कॉलम, वाल, स्टेयरकेस।
और सेम टू सेम बिल्डिंग झुमरी तलैया में बना लीजिए। कहिये दूसरा कैम्ब्रिज, प्रिंसटन बना दिया। फिर ऐसा ही तीसरा, चौथा, पांचवा, पंद्रहवाँ, बीसवां।
इंटरनेशनल संस्थानों की नक्काली कीजिए। तब तो दुनिया जानेगी की भारत कितने विश्वस्तरीय संस्थान बना रहा है।