देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
UP- लखनऊ में स्कूली बच्चों से भरी इस वेन पर कांवड़ियों ने हमला किया था. डरे-सहमे बच्चों के चेहरे देखिये. कुछ बच्चे तो रो रहे है.
चश्मदीद बता रहे है कि घटना के वक्त पुलिसवाले खड़े थे. डायल-112 की गाड़ी सामने ही थी लेकिन चश्मदीदों के कहने के बाबजूद पुलिसवालों ने कोई एक्शन नही लिया.
गोल्ड मेडल जीतने पर भावुक हुईं अस्मिता डे
◆ अस्मिता डे ने महिला 48 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया
◆ इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में किसी भी भारतीय जूडो खिलाड़ी ने गोल्ड मेडल नहीं जीता था
Harsh Singh Judo | #Judoka | #HarshSingh Gold Medal Asmita
PM Modi and Amit Shah - you cannot threaten Gen Z into silence.
First you broke their bones. Now you are filing FIRs and taking down their accounts.
You are India’s past. Be careful about how you treat India’s future.
सत्य और सत्याग्रह - दोनों से डरती है मोदी सरकार।
मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है।
और उनका "सत्याग्रह" इसलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है।
अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है।
मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है।
हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
Credits for video: Shiksha Pareek and Lok Singh
@faeloreeah @lok_singh_
My humble appeal to Millennials and Gen Z:
We have seen how a determined generation of young people can bring even the most powerful governments to their knees. It is a reminder that the real strength of any democracy lies in the power of its people.
At the same time, many celebrities, influencers, sports icons and movie stars chose to remain silent instead of standing with the youth and students of this country. Whether out of fear, caution, or self-interest, their SILENCE spoke volumes.
The next time we stand in a queue to buy a movie ticket, a match ticket or subscribe to a content creator, let us pause for a moment and ask ourselves:-
Does this person truly represent the values I believe in? Have they stood by the people who made their success possible?
If those who enjoy our applause cannot find the courage to stand with the people when it matters most, then maybe it’s time we rethink who deserves our applause.
Who we follow is our choice.
Who we celebrate is our choice.
Who we make famous is our choice.
Remember:
The audience gave them FAME.
The people gave them INFLUENCE.
The youth gave them RELEVANCE.
When history calls for courage, silence is never neutral - it is a choice.
Every ticket you buy.
Every view you give.
Every like, share, follow and cheer- They are not just clicks or purchases, they are ENDORSEMENTS.
Spend your attention as carefully as you spend your money.
Because if they cannot stand with us when it matters most, why should we continue to stand behind them?
#NEET #StudentsProtest
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
आंदोलन चिरडण्यासाठी आंदोलकांना खोट्या गुन्ह्यात अडकवण्यात भाजपचा हात जगात कुणीच धरणार नाही.. त्याचा यापेक्षा दुसरा कोणता पुरावा पाहिजे? हा पोलीस अधिकारी आहे की अमली पदार्थांचा स्मगलर? सरकारने आधी या पोलीस अधिकाऱ्यावर गुन्हा दाखल करून त्याची चौकशी करावी... यापुढे शांततेत आंदोलन करणाऱ्या विद्यार्थ्यांना खोट्या गुन्ह्यात अडकवण्याचा प्रयत्न केला तर आता कुणीच सहन करणार नाही...!
@Dev_Fadnavis
#CJPProtest #StudentsProtest #NEET #JusticeForStudents
संवेदनशील-सहृदय विपक्ष के सांसदों ने आज श्री सोनम वांगचुक जी से अनशन तोड़ने का सविनय आग्रह किया क्योंकि उन जैसे सच्चे भारतीय का जीवन हम सबके लिए अनमोल है।
भाजपा सरकार जैसी भ्रष्ट, अनैतिक, निर्मम, निष्ठुर, अमानवीय सत्ता इस योग्य नहीं है कि कोई उसके अंहकार के कारण अपना जीवन दांव पर लगा दे।