@Erayobarry@Realmwaks They r talking about not to take alopathy medicine which we call here english dawai...hwre we have ayurvedic doctors and medicine too..which r well recognised all over the world having best possible treatment
तीर्थ कोई घूमने-फिरने की जगह नहीं है, न ��ी ट्रैकिंग या मौज-मस्ती का स्थान है। 🙏🏻
जिसका जो तीर्थ है, वहाँ की परंपराओं, नियमों और मर्यादाओं का पालन करना और उसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
तीर्थस्थलों पर रील बनाना, शराब-सिगरेट का सेवन करना या केवल ट्रैकिंग के उद्देश्य से जाना — यह सब तीर्थ की पवित्रता और भावना के अनुरूप नहीं है।
रील, पार्टी और ट्रैकिंग के लिए बहुत-सी उचित जगहें हैं।
लेकिन तीर्थ को तीर्थ ही रहने दीजिए।
जहाँ हमारी श्रद्धा बसती है, वहाँ हमारा संयम, संस्कार और सम्मान भी दिखाई देना चाहिए। 🙏🏻
मौज-मस्ती उचित स्थान पर करें, लेकिन तीर्थस्थलों की पवित्रता और ��रिमा को बनाए रखें।
तीर्थ की पवित्रता बनाए रखने हेतु मार्गदर्शन देने हेतु आभार
निश्चित रूप से यदि कोई बंधु अन्य किसी धर्म के धार्मिक स्थल पर जा रहा है तो सर्वप्रथम वहां की पूजा व्यवस्था आदि की जानकारी प्राप्त कर उसी के अनुसार दर्शन करें।
जैनों का सर्वोच्च तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी पारसनाथ पर्वतराज है जहां से 20 त��र्थंकर मोक्ष गए, ऐसे पवित्र स्थल पर मौज मस्ती के लिए ट्रेकिंग करना, नशा करना, फिल्मी अश्लील गानों पर रील बनाना, बाइक चलाना और पर्वतराज पर बने जैन मंदिर टोंक पर अपने धर्म के जयकारे लगाना और किसी के द्वारा समझाने पर झगड़ा करना क्या उचित होगा?
क्या तिरुपति, माता वैष्णो देवी या अन्य किसी प्रमुख वैदिक धार्मिक स्थल या किसी गुरुद्वारे में जाकर गैर धार्मिक गतिविधि करने की कोई सोच भी सकता है, करना तो बहुत दूर है।
तो फिर सर्वोच्च #Jain तीर्थराज पर ही अश्लील और अपमानजनक गतिविधियां क्यों?
Safed patti se itni problem kyo hai..kyonki tumhare pav m chappal h...sala jab garmi m nange pair chalte tab samjh ata kyo banai hai safed patti...
Whi log jo lal pili kar rhe h patti usko lal pili karne klogic batein...jaln chidh..keeda hai
#white_patti
चलो मैं तुम्हारी खातिर खुद को बदल भी दूं,
क्या भरोसा मुझे बदलकर तुम नहीं बदलोगे,
मैं तुम्हारी मोहब्बत में खतना न भी कराऊं,
क्या तुम मेरी खातिर आखिरी कलमा पढ़ोगे🫣
बिचौलियों से मुक्ति?
क्या बिचौलिए किसी और देश से हैं,
किसी एक के लाभ के लिए दूसरे के पेट पर लात ही नीति है?
बिचौलियों क्या हैं?
वो लोग हैं जो सरकार से पहले किसान को उसकी फसल का मूल्य देते हैं.खेती क�� लिए उधार देते हैं जरूरतों पर उनकी मदद भी करते हैं.सरकार पैसा खा सकती है वो नहीं
किसान सशक्त होगा तो भारत समृद्ध होगा।
इसी सोच को साकार करती है, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY), आत्मनिर्भर कृषि की ओर भारत का सशक्त कदम।
#PMDhanDhaanya