शिक्षकों को मानव संपदा पर आकस्मिक या अन्य अवकाश लेना बाध्यकारी है,
परन्तु इसका कोई manual option या वैकल्पिक व्यवस्था भी होना चाहिए क्योंकि
सुबह सुबह अधिकांश समय में server unavailable लिख कर ही आता है।
अभी तक वेब साइट के साथ आसान एप्लीकेशन विकसित नहीं हो सकी जो समय पर काम कर सके, और उसमें सब कुछ विभागीय जानकारी मिल सके।
संज्ञान लें विभाग
@DrDCSHARMAUPPSS@UPPSS1921
किसी भी भर्ती के लिए सरकार द्वारा निर्धारित योग्यता को पूरा करने वाले अभ्यर्थी ही चयनित किए जाते हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर शिक्षकों की भर्ती हेतु निर्धारित योग्यता पूरी करने पर ही अभ्यर्थी शिक्षक पदों के लिए चयनित होते हैं।
#काला_क़ानून_वापस_लो
किसी भर्ती के पूर्व सरकार द्वारा संबंधित पद हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की जाती है उसको पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही भर्ती किये जाते हैं ।प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर शिक्षकों की भर्ती हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की गई उसको पूरा करने पर ही शिक्षक भर्ती हुए
#काला_कानून_वापस_लो
#काला_कानून_वापस_लो
जिसकी आजीविका पर प्रश्न चिन्ह लग गया हो वह किस बात का जश्न मनाए और टूटे मन से कैसा जश्न !!
माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से दुःखी लाखों शिक्षक नहीं मनायेंगे शिक्षक दिवस ।
01 सितम्बर 2025 को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये आदेश से देश भर में 10 लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों की नौकरी पर संकट मँडरा गया है ।यदि आदेश को निजी स्कूलों पर लागू किया गया तो इससे प्रभावित शिक्षकों की सम्भावित संख्या करोड़ में होगी ।इसके निर्णय के शिक्षक दुःखी एवं चिन्तित हैं ।
सदैव की भाँति कल 5 सितम्बर को देश एवं सभी प्रदेश की सरकारें मंच सजाकर चंद शिक्षकों को चंद लम्हों का सम्मान देंगी ।उनमें कुछ ऐसे शिक्षक भी होंगे जिन्हें भारत सरकार द्वारा tet को लेकर बनाये गये कानून के कारण दो साल बाद सेवा से निकालने की चिंता सता रही होगी ।क्या ऐसे विषम परिस्थिति में मिलने वाले उस सम्मान को शिक्षक मन से स्वीकार करेगा ।भारत सरकार द्वारा tet को लेकर बनाये गये कानून के क्रम में मा सुप्रीमकोर्ट द्वारा दिए गये निर्णय से देश भर के दस लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों के सामने दो वर्ष बाद सेवा से बाहर किए जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है इसलिए हम माननीय प्रधानमंत्री जी एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री जी से अनुरोध करते हैं कि शिक्षकों के साथ न्याय करने की घोषणा करने की कृपा करें ।आपकी घोषणा ही शिक्षकों के लिए वास्तविक सम्मान होगा।
69000 शिक्षक भर्ती मामले में माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत है। खुद पिछड़ा वर्ग आयोग ने माना था कि इस भर्ती मामले में आरक्षण नियमों की अनदेखी हुई।