प्रयागराज की ऐसी Personalty जिन्होने देश विदेश व प्रदेश की राजनीतिक अर्थिक सामाजिक पहलू पर आम जनमानस कमजोर मज़लूमो की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेबाक आवाज़ बुलंद करने वाले हम सब के अजीज़ बड़े भाई फिरोज अहमद जी को कांग्रेस का सोशल मीडियाअध्यक्ष नियुक्त किये जाने पर दिलीमुबारकबाद
मैं दूर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी से पूछना चाहता हूँ कि......
सिम मेरा, मोबाइल मेरा, नंबर भी मेरा…!
फिर ये कहां का इंसाफ है कि इनकमिंग कॉल पर भी ताला लगा दिया जाए?
बैलेंस खत्म हुआ तो आउटगोइंग बंद हो जाए, ये तो समझ में आता है, क्योंकि एक सेवा मैने ले रखी है।
लेकिन इनकमिंग कॉल भी बंद कर देना, क्या ये सही है?
कॉल तो सामने वाला कर रहा है, उसका पैसा कट रहा है…!!
फिर मेरे नंबर पर “ताला” क्यों❓
क्या अब मोबाइल रखना भी “मासिक टैक्स” देने जैसा हो गया है?
रिचार्ज करो तो नंबर जिंदा, नहीं तो पूरी तरह बंद!
गांव के मजदूर, छोटे दुकानदार और छात्र....
जिनके लिए मोबाइल सिर्फ जरूरत है, शौक नहीं, उनके लिए यह नियम किसी सजा से कम नहीं है।
पहले कहा जाता था, “लाइफटाइम इनकमिंग फ्री”
अब हाल ये है कि रिचार्ज नहीं तो पहचान भी खत्म!
सोचिए…
अगर किसी गरीब के पास पैसे नहीं हैं,
तो क्या उसका नंबर बंद कर देना ही समाधान है?
क्या उससे उसका संपर्क छीन लेना सही है?
मोबाइल आज सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जरूरी पहचान और जिंदगी की लाइन बन चुका है।
बैंक से लेकर नौकरी तक, सब कुछ इसी नंबर से जुड़ा है।
फिर भी अगर इनकमिंग कॉल पर भी ताला लगाया जा रहा है,
तो सवाल उठना लाज़मी है…!
क्या यह सिर्फ बिजनेस है…❓
या फिर धीरे-धीरे लोगों को मजबूर करके
हर महीने पैसे निकलवाने का तरीका?
सोचिए… और बताइए!
क्या आप भी इसे सही मानते हैं❓
या यह आम आदमी की मजबूरी का फायदा उठाना है?
अगर आप सहमत हैं तो खुलकर आवाज उठाइए, वरना तो जैसा चल रहा है चल ही रहा है।
@JM_Scindia@DoPTGoI@narendramodi@AmitShah
दिल्ली के रहने वाले बाबर बेग नाम के युवक की फेसबुक पर शालिनी वर्मा नाम की एक लड़की से दोस्ती हो गई। बातें बढ़ीं तो शालिनी ने बाबर से कहा कि मुझे एक नया मोबाइल गिफ्ट कर दो। बाबर ने कहा यह तो कोई बात ही नहीं तुम अपना पता भेज दो मैं अभी भेज देता हूँ।
शालिनी ने कहा बाबर तुम तो फंसवाओगे घर पर मोबाइल भिजवाकर ऐसा करो कि इसे ब्लू डार्ट के फलां ऑफिस पर कूरियर करा दो मैं खुद जाकर ले लूंगी।
बाबर बेग ने नया OPPO फोन खरीदा और ब्लू डार्ट की सेल्फ कलेक्शन सेवा ली कि यह फोन सिर्फ शालिनी वर्मा को ही दिया जाए। इसके लिए उसने अतिरिक्त इंश्योरेंस चार्ज भी भर दिया।
कुछ दिन बाद शालिनी ने मेसेज किया कि मुझे फोन मिल गया है। इसके बाद ना जवाब और आखिर में बाबर को ब्लॉक कर दिया गया।
बाबर बेग ने हिम्मत नहीं हारी। उसने ब्लू डार्ट से संपर्क किया कि फोन शालिनी को दिया गया था तो कुछ पहचान बताओ। कंपनी ने रिकॉर्ड देखकर बताया कि हमारे पास शालिनी नहीं आई थी बल्कि आकाश नाम के लड़के ने आकर कहा कि मैं शालिनी का भाई हूँ बहन ऑफिस नहीं आ सकती और उसे फोन दे दिया गया।
इस पर बाबर भड़क गया कि जब मैंने साफ कहा था कि फोन सिर्फ शालिनी को ही दिया जाए तो तुमने किसी और को क्यों पकड़ा दिया। बाबर बेग ने ब्लू डार्ट को लीगल नोटिस भेज दिया।
नोटिस पर कंपनी ने एक्शन लिया और आकाश को बुलाकर पूछताछ की। जल्दी ही आकाश ने स्वीकार किया कि मैं ही शालिनी वर्मा हूँ मैंने ही फेक आईडी बनाई थी और बाबर को फंसाकर मोबाइल मंगवाया था। यह फोन वापस ले लो और बाबर को दे दो।
कंपनी ने बाबर से संपर्क कर कहा कि फोन वापस ले जाओ पर गुस्से में बाबर ने कहा मोबाइल के अलावा मुझे चौबीस हजार रुपये भी दो क्योंकि गलती तुम्हारी है सेल्फ कलेक्शन में फोन सिर्फ शालिनी को मिलना चाहिए था अगर वह नहीं आई तो फोन मुझे लौटाया जाता।
कंपनी ने नुकसान भरने से इनकार किया और कहा कि गलती तुम्हारी है जो फेक आईडी पर भरोसा किया।
बाबर बेग ने मामला कंज्यूमर कोर्ट में डाल दिया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने ब्लू डार्ट को आदेश दिया कि बाबर को चौबीस हजार इंश्योरेंस क्लेम के अलावा एक लाख रुपये अतिरिक्त हर्जाना दिया जाए कि कंपनी ने उसके साथ अन्याय किया और उसे मुकदमा दायर करना पड़ा।
कंपनी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील कर दी। बाबर बेग ने वहां भी अपना केस खुद लड़ा और साबित किया कि गलती कंपनी की है। हाई कोर्ट ने कंपनी की अपील खारिज कर दी और कंज्यूमर कोर्ट का फैसला बरकरार रखा।
अंत में बाबर बेग को शालिनी तो नहीं मिली लेकिन उसे सवा लाख रुपये का हर्जाना जरूर मिल गया, जिससे अब वो दूसरी शालिनी को iPhone-17 दिला सके...
भारत निर्वाचन आयोग से सादर निवदेन है कि कृपया उत्तर प्रदेश के SIR मतदाता गणना प्रपत्रों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने की कृपा करें। जिससे मतदाता को अपने Epic No से फार्म स्वयं Download कर सके।
@ECISVEEP@SpokespersonECI@ceoup
वक़्फ़ अमेंडमेंट बिल के ख़िलाफ़ जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट में सिख पर्सनल लॉ बोर्ड के कन्वेनर प्रोफ़ेसर जगमोहन ने कहा "मुसलमान भाईयो आप इस लड़ाई अकेले नहीं हो इस लड़ाई में हम आपका पूरा पूरा साथ देंगे हिन्दुस्तान की सरकार कोई भी हो उसकी हमेशा ये कोशिश रही है मुसलमानों को सिखो को ईसाइयो को अलग कर के वो अपनी लड़ाई जो लड़े, और आप मुसलमान एक नीव रख रहे हैं की हम अखिलियत नहीं है हम मेजोरिटी हैं "
#watch वक़्फ़ अमेंडमेंट बिल के ख़िलाफ़ जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट में मौलाना अबू तालिब रहमानी ने कहा "PM मोदी को बंगला देश की हसीना अच्छी लगती है हिन्दुतान का हुसैन भाई अच्छा नहीं लगता आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जंतर पे मंतर पढ़ने नहीं आया सोल्वे रोज़े पर सलाम पेश करने और इस काले क़ानून को रोकने आए हैं "