@MuslimVoiceCell ज्यादा भाईचारा न निभाओजिस दिन राडार पे आ गये अकेले उसे दिन तुम्हारी गांड तोड़ दी जाएगी. इसलिए जो काम कर रहे हो करो ज्यादा मदद करने चक्कर में ना पड़ो
@RubikaLiyaquat अगर हिजाब, मुसलमान और इस्लाम से इतनी दिक्कत है तो पहले अपना नाम “रुबिका लियाकत” बदल डालो। टीवी पर बैठकर हिंदू-मुस्लिम मत करो। जिसे जो पहनना है पहने—हिजाब, साड़ी, बिकिनी या कुछ नहीं। असली मुद्दा देश कैसे आगे बढ़े, उस पर बात करो।
@qalbEhaq जिसने रसूल (सल्ल.) की बेटियों को बेपर्दा दमिश्क के बाज़ारों में घुमाया?
तरीक़े (Methods) समय, जज़्बात और संस्कृति के साथ अलग हो सकते हैं, लेकिन इस ग़म का मक़सद एक ही है—दुनिया को यह याद दिलाना कि ज़ुल्म चाहे जितना ताकतवर हो, जीत हमेशा हुसैन की होती है।
@qalbEhaq यह शोर और यह मातम उसी उमय्या प्रोपेगैंडा के खिलाफ एक ढाल है।
तुम्हें मातम के तरीकों से तो शिकायत है, लेकिन क्या तुम्हें कभी उस यज़ीदियत से शिकायत हुई जिसने 3 दिन के प्यासे हुसैन का गला काटा? जिसने 6 महीने के अली असग़र के गले को तीर से छलनी किया?
@qalbEhaq अगर पीढ़ियों ने इस दर्द को, इन जुलूसों और अज़ादारी के ज़रिए इस तरह हाईलाइट न किया होता, तो याद रखो—जिस बनू उमय्या ने 70 सालों तक मस्जिदों के मिम्बरों से हज़रत अली (रज़ि.) पर गालियाँ (सब्बो-शत्म) बकवाईं, वो नबी के नवासे की इस अज़ीम कुरबानी को इतिहास के पन्नों से कब का मिटा चुके
@qalbEhaq क्या आज हुसैन की शहादत को 'महज़ एक वाकया' कहने वालों ने ज़िंदगी में एक बार भी वो आँसू बहाए हैं?
रही बात जुलूस, मातम और शबीह (ज़ुलजनाह) की, तो यह ग़म के इज़हार और एहतेजाज (विरोध) के जज़्बाती और सांस्कृतिक तरीके हैं, जो समय के साथ विकसित हुए।
@qalbEhaq "यह सच है कि इमाम ज़ैन-उल-आबिद्दीन ने छुरियां नहीं मारीं, लेकिन इतिहास गवाह है कि कर्बला के बाद वह 40 साल तक जब भी पानी देखते या उनके सामने खाना आता, तो उनकी आँखों से आँसू छलक पड़ते थे और वह कहते थे, 'नबी का नवासा भूखा-प्यासा ज़िब्ह कर दिया गया'।
@RccShashank1 हर इंसान बेहतर की तलाश में होता है। अगर उसे अगला उससे बेहतर लग रहा है और वह उसके साथ खुश है तो उसमें बुराई कुछ नहीं मेरे हिसाब से उसके पति को भी लाइफ में आगे बढ़ जाना चाहिए।
@ab_official9@Uppolice यह ट्वीट पूरी तरह निराधार और द्वेषपूर्ण है। एक अधिवक्ता की छवि खराब करने के इस कृत्य के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। @ab_official@CMOfficeUP@dgpup@Uppolice @prayagraj_police कृपया इस भ्रामक और मानहानिकारक पोस्ट का संज्ञान लें।
@ab_official9@Uppolice झूठ फैलाकर दबाव बनाना बंद करें। मेरे भाई पर हुए हमले की FIR (सं. 0073/2026, थाना करेली) दर्ज है, जिसमें फैसल और अन्य आरोपी हैं । @ab_official आप अपराधियों को बचाने के लिए यह भ्रामक पोस्ट कर रहे हैं।@CMOfficeUP@dgpup@Uppolice @prayagraj_police कृपया छवि खराब करने का संज्ञान लें।
एक हफ्ते से प्रयागराज में संगम गैस एजेंसी ताला लगाकर गायब है। पब्लिक ग्रुप में परेशानी सिलेंडर के लिए ना फोन उठा रहे हैं ना किसी प्रकार का कोई जवाब दे रहे हैं कृपया संज्ञान ले इसका। @IndianOilcl@jagograhakjago@CMOfficeUP
@VakilAh60249105 जिस किसी ने बनू उमैय्या का दौर ना देखा हो आज के इन मुसलमान को देख ले समझ में आ जाएगा हक सामने होते हुए भी बनू उमैय्या की पैरोकारी कर रहे हैं।