@sumaratsingh 2027 में पोस्ट करते, कुछ जल्दी नहीं कर दी
😡
ऐसा ही रवैय्या रहता है आप सभी पदाधिकारी का घटना या कार्यक्रम रहता आज है पोस्ट उसके 2 दिन बाद करते हैं
अब जाकर मुझे समझ आया कि अमित शाह ही नहीं, नरेंद्र मोदी से लेकर योगी आदित्यनाथ तक पूरी की पूरी भाजपा बसपा का नाम सीधे-सीधे लेने से कतराती क्यों है!
अरे भाई, सीधी सी बात है, इनके अंदर एक अलग ही खौफ बैठा हुआ है!
आज अमित शाह ने तो बस इतना बोलने की चालाकी की थी कि "सपा-बसपा राज में गुंडागर्दी थी..." और इतने भर से ही जनता ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। मेरी टाइमलाइन पर तो जैसे बाढ़ आ गई! लोगों ने बहन जी के शासनकाल की कड़क कानून-व्यवस्था और उस दौर के वीडियो भेज-भेजकर इनकी बोलती बंद कर दी। सबने एक सुर में बता दिया कि असली सुशासन क्या होता है।
सोचिए ज़रा! शाह ने तो जानबूझकर सपा और बसपा को एक ही पलड़े में तोलकर बात घुमाने की कोशिश की थी, फिर भी जनता ने ऐसा करारा जवाब दिया कि इनके जुमलों की हवा निकल गई। अगर ये गलती से भी अकेले बसपा के काम पर निशाना साधते, तो क्या इनकी राजनीति एक दिन भी टिक पाती?
कभी नहीं!
भाजपा बहुत अच्छे से जानती है कि बसपा का रिकॉर्ड इतना बेदाग है कि अगर मुद्दों पर बात हुई, तो इनकी अपनी ही बुनी चालें उल्टी पड़ जाएंगी। इसीलिए ये बसपा से दूरी बनाकर रखते हैं और चुप्पी साधने में ही अपनी भलाई समझते हैं।
लेकिन ये लोग एक बात भूल जाते हैं! बसपा कोई साधारण राजनीतिक पार्टी नहीं है, यह हम जैसे करोड़ों लोगों के स्वाभिमान की ढाल है!
माननीय गृहमंत्री जी आपने अपने व्यक्तव्य में कहा उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार में उत्तर प्रदेश अपराध की इंडस्ट्री,कट्टा और तमंचा की इंडस्ट्री लगती थी.वाहन चुराने का कुटीर उद्योग लगता था .चैन स्नेचिंग का उद्योग था. माननीय गृहमंत्री जी जिस पद को आप सुशोभित कर रहे हैं उसे पद पर बिना तथ्यों के बिना बात करना आपकी छवि को धूमिल करता है. आपकी जानकारी हेतु बताना चाहता हूँ .उत्तर प्रदेश में आदरणीय बहन जी की चार बार की सरकार में उत्तर प्रदेश में गुंडाराज माफिया राज और डाकुओं का राज खत्म किया. गुंडा टैक्स बंद कर कराया गया। कहीं कोई दंगा फसाद नहीं हुआ। हर वर्ग में अमन चैन स्थापित हुआ।गरीब और अमीर पूरी तरह खुश थे। गरीब परिवारों को जमीनों का मालिकाना हक दिया गया जहाँ पर वह रहते थे। भूमिहीनों को दो से तीन तीन एकड़ के जमीन के पट्टे दिये गये।लेकिन आपकी सरकार ने उनको बुलडोजर से बेघर कर दिया आज भी यूपी के गरीब लोग दर-दर भटकने के लिए मजबूर हो रहे हैं। और आपकी जानकारी में बताना चाहता हूँ 2017 से लेकर 2024 की यूपी में आपकी बीजेपी सरकार में पेपर लीक का उद्योग चरम पर पहुंच गया है ।जिसके तहत नए-नए कीर्तिमान स्थापित हुए 2017 में यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा रद्द 2018 में (uppcl) उत्तर प्रदेश में पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड परीक्षा रद्द, 2018 में यूपी पुलिस कांस्टेबल नलकूप चालक भर्ती परीक्षा रद्द ,2021 में UPTET परीक्षा पेपर वापस रद्द ,2022 में लेखपाल भर्ती परीक्षा पेपर लीक रद्द ,2024 में यूपी पुलिस कांस्टेबल पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक और रद्द जिसमें 48 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए, 2024 में यूपी में RO/ARO समीक्षा अधिकारी परीक्षा पेपर लीक की वजह से रद्द, 2022 में यूपी बोर्ड के इंग्लिश पेपर 12 जिलों में परीक्षा पेपर लीक हुआ जिसकी वजह से आपको पेपर रद्द करना पड़ा था ।आपकी बीजेपी सरकार में उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाला की तरह ही पेपर लीक उद्योग स्थापित हुआ ।जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश में करोड़ों छात्र प्रभावित हुए हैं और तमाम छात्रों का भविष्य अंधकार मय हुआ है।उसकी पूरी की पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की है। साथ ही मैं कुछ आंकड़ों को आप को बताना चाहता हूँ 2017 से अब तक 26000 ज्यादा उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राथमिक और जूनियर स्कूल बंद किए गए शिक्षा का पूरा हाल हुआ। आज उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार की गलत नीतियों की वजह से सात लाख से अधिक बच्चे आउट ऑफ स्कूल हैं उनको पढ़ने के अवसर ही नहीं मिल रहा है।और वही 2007 से 2012 के बीच में आदरणीय बहन जी के शासनकाल में 5000 प्राथमिक और जूनियर स्कूल खोले गए। 2007 से 12 के बीच में आदरणीय बहन जी की सरकार में 572 राजकीय हाई स्कूल माध्यमिक विद्यालय खोले गए, साथी 100 से अधिक डिग्री कॉलेज और 6 विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय,5 इंजीनियरिंग कॉलेज, 7 मेडिकल कॉलेज भी खोले गए ,विशेष रूप से दलित और पिछड़े बहुल ग्रामीण क्षेत्र में माध्यमिक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए इन विद्यालयों का निर्माण कराया गया। और इस कार्य में आपकी बीजेपी सरकार ने 10 सालों में जीरो का कीर्तिमान स्थापित किया है। गरीब परिवारों के बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, बैंकर्स बनाने के लिए छह कोचिंग इंस्टीट्यूट खोलने का काम किया उदाहरण स्वरूप लखनऊ के गोमतीनगर स्थापित भागीदारी भवन है आप यहाँ जाकर विजिट कर सकते हैं।उसके साथ ही में आपको या भी बताना चाहता हूं 2007 से पहले उद्योग प्रदेश डाकुओं के नाम से जाना जाता था चारों तरफ दहशत का माहौल था उस माहौल को खत्म करके उत्तर प्रदेश को भय मुक्त प्रदेश बनाया। आज यूपी में जातिवाद ऊँच नीच की भावना चरम पर हेयर बहन जी के शासनकाल में इस तरह का कोई माहौल नहीं था। सभी लोग भाई चारे के साथ अमन और चैन से रहते थे। पिछले 10 सालों में हत्या बलात्कार जबरन कब्जा आदि घटनाएं चरम पर हैं। उत्तर प्रदेश में नकली दवाइयां का उद्योग भी चरम पर है जिसकी वजह से कई बच्चों की जान चली गई लेकिन दोषियों और नकली दवाई उद्योग को बुलडोजर चला कर ध्वस्त करने की बजाय उनको भी संरक्षण प्राप्त है।इसलिए आप इस तरह की बातें करना कहीं ना कहीं से आपका और आपके पद को शोभा नहीं देता है।धन्यवाद
जय भीम जय भारत
"2027 में मायावती जी सरकार बना रही है।"
अयोध्या में लोगों ने कहा इस बार मायावती जी की सरकार आ रही है। मायावती जी सबके लिए ठीक कार्य करती हैं।
भाजपा सरकार में केवल महंगाई और भ्रष्टाचार है,ये कुछ विशेष लोगों की ही बात सुनती है, मायावती जी सर्व समाज की बात सुनती है।
सपा-भाजपा से ऊब चुकी जनता 2027 में फिर से बीएसपी की सरकार माग रही है।
सबसे अच्छी मायावती जी, बाकी सब बेकार हैं।
हरदोई जिले के संडीला विधानसभा में जनता ने कहा सबसे अच्छी मायावती जी बाकी सब बेकार हैं,ठग है।
हम आज भी मायावती जी की बनवाई कॉलोनी में रह रहे हैं।उनकी बनवाई कॉलोनी आज भी मजबूती से खड़ी है।
जमीन पर माहौल बसपा के पक्ष में दिख रहा है।जितने भी मीडिया सर्वे देखो सभी में लोग बसपा को चुनते दिख रहे हैं। यूपी की जनता पांचवीं बार बसपा की सरकार बनाने के लिए कमर कस चुकी है।
पूरे उत्तरप्रदेश में बसपा का बहुत जबरदस्त माहौल बन रहा है और इस बार बहन जी प्रत्याशी भी बढ़िया दे रही है ।
जनता का भी जबरदस्त समर्थन मिल रहा है क्योंकि जनता भी समझ चुकी है कि सपा कभी भाजपा को नही हरा सकती ।
आईआईटी बॉम्बे में दलित छात्र के समर्थन में 400 छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या आपको लगता है कि ये 400 छात्र सिर्फ दलित हैं? इनमें OBC, EWS कैटेगरी के छात्र भी है।
अगर वास्तव में उस छात्र पर लगाए गए आरोप सही होते, तो क्या इतने छात्र उसके समर्थन में प्रदर्शन करने आते?
इसलिए झूठ फैलाना बंद करें। सच्चाई का सामना करें क्योंकि यह मानना पड़ेगा कि आज भी द्रोणाचार्य जिंदा है।
Breaking News 🚨 🚨 IIT Bombay के छात्रों का कहना है कि, दलित स्टूडेंट के सुसाइड का कारण लगातार हैरासमेंट था, उसे 3 महीनों से परेशान किया जा रहा था,
मनुवादी संप्रदाय के लोग दुष्ट जातिवादी प्रोफेसर को बचाने के लिए चीटिंग वाला एंगल लेकर आए हैं,
JEE -AIR-614 थी, 1st year में 8.5 CGPA था, ब्रिलियंट स्टूडेंट था, मज़ाक है क्या IIT Bombay की सीट लेना,
एक बच्चा मर गया, मनुवादी मखौल उड़ा रहे हैं, उसको कमजोर बताया जा रहा है, मुंह से जन्म लेने को साबित करने वाले उसकी विद्वता पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं,
तुम लोगों की औलादें भी मर जाए यह मेरी कामनाएं है, फ़िर जिस पीड़ा से तुम गुजरोगे उसी पर हम जश्न मनाएंगे ।
IIT बॉम्बे के 20 साल के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत पर संदेह बिलकुल नहीं है. जातिवादियों से तंग आकर साहिल ने खुदकुशी की उसका परिवार रो-रोकर यही कह रहा है कि उनका बेटा पिछले 3 महीनों से लगातार जातिगत प्रताड़ना और ताने झेल रहा था। जब एक बेबस बाप पुलिस में जाकर प्रोफ़ेसर और प्रशासन के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करवाता है, तब यह मामला सिर्फ़ किसी 'एग्ज़ाम के स्ट्रेस' का नहीं रह जाता! वैसे भी इस तरह के मामलों में बचने के लिए अनर्गल आरोप ही लगाये जाते हैं वही IIT बॉम्बे भी कर रही है.इस घटना की निष्पक्ष जाँच सीबीआई से कराई जाय और साहिल के परिवार को न्याय दिलाया जाय.वैसे देश में कई मामले हत्या के आये जहाँ पीड़ित व्यक्ति को पीट पीट कर मार देते हैं (दलित और आदिवासी).फिर एक इल्जाम लगाकर की वह चोरी करने आया था या चोरी की थी लोगों ने पीट दिया जिससे उसकी मौत हो गयी.यहाँ तक की पुलिस भी इनको पीट पीट कर मार देती है कई मामले संज्ञान में है.लेकिन सरकार दलितों आदिवासियों के साथ पिछड़ों के आरक्षण और तमाम अधिकारों को छीनकर पुरानी गैर बराबरी व्यवस्था लागू करने पर आमादा है.
1. यूपी के आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारी हेतु समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख का प्रचारित ’पीडीए रथ’ सपा के अपने लाल रंग का कम तथा आरएसएस/भाजपा के ’भगवा’ रंग का (भगवाकरण) ज़्यादा है, तो ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब उनका वोटों के स्वार्थ की ख़ातिर गिरगिट की तरह लगातार रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा प्रमुख का वोट पाने का भरोसा उठ जाना है?
2. वैसे भी यूपी के ख़ासकर मुस्लिम समाज को इस कड़वी हकीकत का पूरी तरह से अहसास है कि पिछले चुनावों में सपा को उनके द्वारा अधिकांश एकतरफा वोट देने के बावजूद भी यह पार्टी (सपा) यूपी व केन्द्र की सत्ता में भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोक पाती है तो इस पार्टी को बार-बार वोट देकर अपना वोट ख़राब क्यों किया जाये और इस मामले में अब वे अपरकास्ट में से ख़ासकर ब्राह्मण समाज की तरह ही अपना रवैया काफी तेज़ी से बी.एस.पी. के पक्ष में बदल रहे हैं।
3. क्योंकि बी.एस.पी. यूपी में खासकर अपराध नियंत्रण व शान्ति-व्यवस्था के मामलों में क़ानून द्वारा क़ानून के राज के साथ ही व्यापक जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी बेहतरीन आयरनलेडी राज यहाँ कई बार स्थापित करके दिखा चुकी है और जिसकी सर्वसमाज के हित व कल्याण में प्रदेश को सख़्त ज़रूरत भी है।
4. इसके साथ ही, सपा को यह भी जनता को ज़रूर बता देना चाहिये कि अब इनके ’पीडीए’ की असली वास्तविकता क्या है? क्योंकि चुनावी स्वार्थ में अब तक इन्होंने कभी ’पीडी’ को ’पिछड़ा, दलित’ बताया तो कभी ’पीडी’ को ’पण्डित’ बताया है और कभी अपने आपको ’अम्बेडकरवादी’ दर्शाने के चक्कर में बी.एस.पी. का ’नीला’ रंग वाला वस्त्र धारण कर तस्वीरें खिंचवाई है, किन्तु इसको लोगोें ने फौरन ही फेक अम्बेडकरवादी कहकर रिजेक्ट भी कर दिया।
5. जबकि इसके विपरीत, बी.एस.पी. सर्वसमाज हेतु ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है तथा सभी को रोटी-रोज़गार-युक्त आत्म-सम्मान व स्वाभिमान आदि का जीवन जीने की पक्षधर है। इसीलिये सर्वसमाज में बी.एस.पी. का अपना सम्मान है।
राहुल गांधी और कांग्रेस का सत्ता से बाहर होने के बाद राहुल गांधी कई मंचों से कहता है कि हमारी रही सरकार ने गलत किया हमने अपनी रही सरकारों में सी ST OBC को उचित प्रतिधित्व नहीं दिया आने वाली सरकार में हम ये काम करेंगे और संविधान के नाम का ये लाल किताब लिए हुए घूमता है और कहता है कि हम संविधान बचायेंगे जब की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका लाल किताब खुल गया और पता चला कि वो किताब में कुछ लिखे हुआ ही नहीं था अभी हाल में लगातार भाजपा की सरकार दलितों का अधिकार छिन रही है और ऊपर से ये काम कोर्ट के आड़ में भी किया जा रहा है इसी कड़ी में स्पेशल कम्पोनेंट प्लान के धन से चार जिलों में SC वर्ग के लिए 50 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण का प्रावधान किया गया था जिसे भाजपा खत्म करने जा रही है जब इस वक्त इस आदमी को भाजपा को घेरना चाहिए था तो ये मध्य प्रदेश के इंदौर में अपने ही जैसे एक समर्थक के साथ मंच साझा कर नाच रहा है और इसका यही नाच बहुजन समाज पार्टी के सत्ता में रहते आप हर महीने उत्तर प्रदेश के सड़को पे देख सकते थे अब ये भाजपा का अंदरूनी तौर पे इस फैसले का समर्थन कर रहा है
यही हाल लाल टोपी खाकी चड्डी वालो का भी है बेचारे चुनाव के समय लगातार रंग बदल रहे है जिस से इन्हें दलितों का वोट मिल जाए जबकि इनके पास 37 सांसद है चाहते तो सड़क जाम कर देते जैसे ये करते है जबकि इनके एक सांसद ने एक ट्वीट तक करना सही नहीं समझा कुछ पूर्व बसपाई इस पार्टी में बहुजन आंदोलन को मजबूत करने गए थे जबकि इनके मुंह में कपड़ा ठूस दिया गया कि कुछ भी दलित के हक में बोले तो ठीक नहीं होगा
दलितों बहन जी तुम्हारे लिए सड़क से संसद तक लड़ी तुम्हारे लिए रोटी छिन कर लाई विरोधियों से कपड़ा दिया मान सम्मान स्वाभिमान दिया जिस से तुम। कुर्शी पे बैठे आज जरूरत है "बहन जी के साथ" mqjbutis खड़े होने का भाजपा सपा कांग्रेस ये सब एक ही विचारधारा के लोग है सत्ता में आने के बाद क्या होता तुम्हे भी पता है तो बिना बेवकूफी किए हमे बहन जी के साथ खड़ा रहना है अपने आने वाले भविष्य के लिए ।
@Mayawati@AnandAkash_BSP@RahulGandhi@akhi
@govindbhaskar20@DINESHPATEL_up अनपढ़ हैं साले, बसपा की भाषा शैली की नकल करना जानते हैं, अर्थ से क्या लेना देना 😀😀😀
सरकार बनते ही इनकी चौराहों पर हरकते देखने लायक होती हैं, ठेले रेहड़ी वालों को भी नहीं छोड़ते 😡