दिनांक 22/23 मई 2026 की मध्यरात्रि लगभग 12 बजे 3 पुलिसकर्मी अभिमन्यु सैनी के घर, ग्राम टांडा भागमल, लक्सर पहुंचे। बिना कोई गिरफ्तारी वारंट दिखाए जबरदस्ती घर में घुसकर अभिमन्यु सैनी को उठा ले गए। परिवार द्वारा कारण पूछने पर गाली-गलौज और धमकियां दी गईं। ��भिमन्यु सैनी को पहले चौकी भिक्कमपुर और बाद में थाना लक्सर ले जाया गया।
अभिमन्यु सैनी का मामला केवल फैमिली कोर्ट वाद संख्या 243/2025 से संबंधित है, जिसमें केवल रिकवरी वारंट जारी था, कोई गिरफ्तारी वारंट नहीं। इसके बावजूद उन्हें हवालात में बंद किया गया। परिजनों को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराने का भी प्रयास किया गया।
अगले दिन न्यायालय में पेश किए जाने पर माननीय न��यायालय ने पुलिस से पूछा कि जब गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं था तो अभिमन्यु सैनी को किस आधार पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद न्यायालय ने अभिमन्यु सैनी को तत्काल मुक्त करने का आदेश दिया।
परिवार के पास घर से उठाकर ले जाने की वीडियो, फैमिली कोर्ट द्वारा जारी रिकवरी वारंट की प्रति तथा न्यायालय के आदेश की प्रति उपलब्ध है। मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर��ने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की जाती है।
न्याय और जवाबदेही की अपेक्षा।
मामला थाना लक्सर जिला हरिद्वार का है
#JusticeForAbhimanyuSaini #HumanRights #Haridwar #Laksar #UttarakhandPolice #Justice #RuleOfLaw #HumanRightsViolation
@haridwarpolice @uttarakhandcops @ukcmo @India_NHRC @OfficeofDhami @aajtak @Umeshnni @UttarakhandRB @PMOIndia @ABPNews @smacharexpress @DmHaridwar
दिनांक 22/23 मई 2026 की मध्यरात्रि लगभग 12 बजे 3 पुलिसकर्मी अभिमन्यु सैनी के घर, ग्राम टांडा भागमल, लक्सर पहुंचे। बिना कोई गिरफ्तारी वारंट दिखाए जबरदस्ती घर में घुसकर अभिमन्यु सैनी को उठा ले गए। परिवार द्वारा कारण पूछने पर गाली-गलौज और धमकियां दी गईं। अभिमन्यु सैनी को पहले चौकी भिक्कमपुर और बाद में थाना लक्सर ले जाया गया।
अभिमन्यु सैनी का मामला केवल फैमिली कोर्ट वाद संख्या 243/2025 से संबंधित है, जिसमें केवल रिकवरी वारंट जारी था, कोई गिरफ्तारी वारंट नहीं। इसके बावजूद उन्हें हवालात में बंद किया गया। परिजनों को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराने का भी प्���यास किया गया।
अगले दिन न्यायालय में पेश किए जाने पर माननीय न्यायालय ने पुलिस से पूछा कि जब गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं था तो अभिमन्यु सैनी को किस आधार पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद न्यायालय ने अभिमन्यु सैनी को तत्काल मुक्त करने का आदेश दिया।
परिवार के पास घर से उठाकर ले जाने की वीडियो, फैमिली कोर्ट द्वारा जारी रिकवरी वारंट की प्रति तथा न्यायालय के आदेश की प्रति उपलब्ध है। मामले की निष्पक���ष जांच, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की जाती है।
न्याय और जवाबदेही की अपेक्षा।
मामला थाना लक्सर जिला हरिद्वार का है
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@UPPCLLKO@CMOfficeUP@EMofficeUP@aksharmaBharat@mduppcl सुबह से आपकी सेवाओं के कारण बिजली आपूर्ति नहीं कर रहा है स्मार्ट मीटर ओर जबकि रिचार्ज भी है और यदि रिचार्ज खत्म हो जाए तो आपका स्मार्ट मीटर बिजली आपूर्ति रोक देता है लेकिन रिचार्ज होने के बावजूद बिजली आपूर्ति की कटौती का जिम्मेदार कौन है
@UPPCLLKO@CMOfficeUP@EMofficeUP@aksharmaBharat@mduppcl सुबह से आपकी सेवाओं के कारण बिजली आपूर्ति नहीं कर रहा है स्मार्ट मीटर ओर जबकि रिचार्ज भी है और यदि रिचार्ज खत्म हो जाए तो आपका स्मार्ट मीटर बिजली आपूर्ति रोक देता है लेकिन रिचार्ज होने के बावजूद बिजली आपूर्ति की कटौती का जिम्मेदार कौन है
शामली
@Uppolice@shamlipolice@CMOfficeUP@dm_shamli@PMOIndia@rashtrapatibhvn@PoliceShamli@digsaharanpur@adgzonemeerut
आपके कथन अनुसार रामबीर ने जमीन चंद्र से ठेके पर ली थी तो जमीन के बंटवारे की बात ही नहीं रही इससे स्पष्ट है जमीन चंद्र की है और चंदर के द्वारा ठेके पर जमीन नहीं दी गई है यदि दी गई है तो उससे जुड़े दस्तावेज या ठेके की एवज में जो भी प्रतिपूर्ति राशि चंदर को रामबीर ने दी हो उसकी रशीद इनकी भी जांच हो ओर जब एक बार मारपीट का मुकदमा दर्ज हो गया था तो पुलिस के द्वारा चंदर के घर जाकर तोड़ फोड़ करने की क्या जरूरत थी और इसके बाद शांति भंग की झूठी कार्यवाही करने का कारण जबकि उस समय चन्दर sdm office शामली me tha iski jaanch kyu nhi krayi ja rhi hai or रामबीर अपराधी किस्म का व्यक्ति है जिसके खिलाफ लूट के मुकदमे दर्ज है और जेल भी काटकर आया है उसकी रिपोर्ट पुलिस द्वारा लिख ली गई लेकिन चंदर को रिपोर्ट क्यों नहीं लिखी गई
चन्द्र द्वारा अपने प्रार्थना-पत्र में स्पष्ट रूप से यह अनुरोध किया गया था कि थाना परिसर, डी.एम. कार्यालय, एस.डी.एम. कार्यालय तथा कलेक्ट्रेट गेट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जाँच कराई जाए, क्योंकि इन्हीं से वास्तविक घटना-क्रम का सत्यापन संभव है। चन्द्र ने यह भी उल्लेख किया था कि पुलिस ने उसे धारा 170 (शांति भंग) में जिस समय हिरासत में लिए जाने का समय दर्शाया है, उस�� समय वह डी.एम. कार्यालय में उपस्थित होकर अपना शिकायती पत्र दे रहा था, जिसका प्रमाण सीसीटीवी फुटेज से आसानी से प्राप्त किया जा सकता था। इसके साथ ही चन्द्र ने पुलिस द्वारा उसके विरुद्ध की गई झूठी एवं मनगढ़ंत कार्यवाही तथा उसके घर पर की गई तोड़फोड़ की घटना का भी उल्लेख किया था, जिनकी पुष्टि कैमरा फुटेज एवं स्वतंत्र जाँच से की जा सकती थी।
इसके बावजूद जाँच अधिकारी द्वारा न तो चन्द्र द्वारा बताए गए किसी भी तथ्य की निष्पक्ष जाँच की गई और न ही उसे जाँच प्रक्रिया में सम्मिलित किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि जाँच अधिकारी वास्तविक तथ्यों को सामने लाने के बजाय बिना जाँच किए ही औपचारिक आख्या लगाकर संबंधित दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे संपूर्ण जाँच की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उत्पन्न हो रहे हैं।अतः श्री चन्द्र द्वारा CM पोर्टल पर दर्ज की गई शिकाय��, जिसकी प्रति/स्क्रीनशॉट संलग्न है, का अवलोकन कर सभी बि��दुओं के आधार पर निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने की कृपा करें। साथ ही, संबंधित स्थान के कैमरा फुटेज की जाँच कराई जाए, ताकि समस्त घटनाक्रम की सच्चाई उजागर हो सके।”
मैं प्रार्थी चन्द्र पुत्र नानक, मेरे पिता के नाम की जमीन, गाटा संख्या 2194 तथा खाता संख्या 00395 में लगभग पौने दो बीघा भूमि मुझे विरासत में मिली है। इसकी खसरा-खतौनी की नकल संलग्न है, जिसमें मेरा नाम स्पष्ट रूप से दर्ज है। फतेह सिंह मेरा सगा भाई है, पर वह अपने बेटों रामबीर और रामपाल के साथ मेरी जमीन पर कब्जा करना चाहता है। रामबीर अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ लूट जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और वह जेल जा चुका है।दिनांक 19/11/2025 को शाम लगभग 4 से 5 बजे जब मैं अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई करा रहा था, तभी फतेह सिंह, रामबीर और रामपाल वहाँ आए और तीनों ने मिलकर लाठी-डंडों और गंडासे से मुझ पर हमला कर दिया। मेरी आवाज सुनकर भोला, अरुण, रोहतास और शंकर नाम के ग्रामीण आए और उन्होंने मुझे बचाया। जाते समय रामबीर ने मुझे जान से मारने की धमकी दीइस गंभीर घटना के बाद मैं शिकायत लेकर थाना बाबरी पहुँचा, लेकिन वहाँ मौजूद दरोग़ा ने मेरा प्रार्थना-पत्र मुझसे छीनकर फाड़ दिया और मुझे थाने से वापस भेज दिया। पुलिस की इस हरकत से मैं बहुत डर गया और घर चला गया।
अगले दिन 21/11/2025 को दोपहर लगभग ढाई से तीन बजे थाना बाबरी की पुलिस की गाड़ी मेरे घर पहुँची। दरोग़ा सहित तीन पुलिसकर्मी मेरे घर में घुस आए और दरवाज़े तोड़कर मेरे घर में तोड़फोड़ करने लगे। उन्होंने मेरी मदद करने वाले ग्रामीणों के घरों में भी दरवाज़े तोड़कर तोड़फोड़ की। तोड़फोड़ की फोटो इस प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न हैं।
मैंने इन घटनाओं के संबंध में शिकायत संख्या 40020625016877 दर्ज कराई, जिसमें स्पष्ट बताया कि पुलिस मेरे घर आई, दरवाज़े तोड़े, तोड़फोड़ की और धमकियाँ दीं। लेकिन इस गंभीर शिकायत की पुलिस ने न तो सही जाँच की और न ही किसी तथ्य को देखा। इसके विपरीत, दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और एकतरफा जाँच रिपोर्ट बना दी गईइसके बाद पुलिस ने मेरे विरुद्ध झूठी कहानी तैयार करके मुझे दबाव में लेने की कोशिश की। पुलिस ने यह दिखा दिया कि दिनांक 22/11/2025 को मैंने अपने सहयोगियों के साथ फतेह सिंह से झगड़ा किया और पुलिस ने मुझे 2 बजकर 10 मिनट पर हिरासत में ले लिया तथा मेरे ऊपर धारा 170 शांति भंग में चालान कर दिया। जबकि सच्चाई यह है कि ठीक 2 बजे मैं SDM कार��यालय में अपनी शिकायत दे रहा था। SDM कार्यालय से मेरे गाँव तक पहुँचने में कम से कम 15 से 20 मिनट लगते हैं। ऐसे में 2 बजे SDM कार्यालय में होना, फिर मात्र 10 मिनट में गाँव पहुँचकर झगड़ा करना, पुलिस को सूचना मिलना, पुलिस का मौके पर पहुँच जाना और 2:10 बजे मुझे हिरासत में लेना — यह सब व्यवहारिक और समय की दृष्टि से किसी भी तरह संभव नहीं है। यह पूरी कार्यवाही शुरू से अंत तक झूठी और मनगढ़ंत है।प्रार्थी
चन्द्र पुत्र ���ानक
निवासी – ग्राम रघुनाथपुर बाबरी
जिला – शामली
@Uppolice @shamlipolice @CMOfficeUP @dm_shamli @PMOIndia @rashtrapatibhvn @PoliceShamli
@digsaharanpur @adgzonemeerut
शामली
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चंदर के द्वारा प्रार्थना पत्र में 170 के अंतर्गत चलान और हिरासत में लेने का बताया गया समय 22/11/2025 को दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर पुलिस द्वारा दर्शाया गया है जबकि चंद्र 2 बजे sdm कार्यालय शामली पर था जिसके लिए sdm कार्यालय or पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज को जांच में शामिल करने का आग्रह किया गया लेकिन इस प्रकरण पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा जबकि शांति भंग की घटना के समय sdm ऑफिस में था तो घटना में सम्मिलित कैसे हुआ इसकी जांच पुलिस द्वारा क्यों नहीं की जा रही या अपनी गलती छिपाई जा रही है
शामली
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चंदर के द्वारा प्रार्थना पत्र में 170 के अंतर्गत चलान और हिरासत में लेने का बताया गया समय 22/11/2025 को दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर पुलिस द्वारा दर्शाया गया ह��� जबकि चंद्र 2 बजे sdm कार्यालय शामली पर था जिसके लिए sdm कार्यालय or पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज को जांच में शामिल करने का आग्रह किया गया लेकिन इस प्रकरण पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा जबकि शांति भंग की घटना के समय sdm ऑफिस में था तो घटना में सम्मिलित कैसे हुआ इसकी जांच पुलिस द्वारा क्यों नहीं की जा रही या अपनी गलती छिपाई जा रही है
चन्द्र द्वारा अपने प्रार्थना-पत्र में स्पष्ट रूप से यह अनुरोध किया गया था कि थाना परिसर, डी.एम. कार्यालय, एस.डी.एम. कार्यालय तथा कलेक्ट्रेट गेट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जाँच कराई जाए, क्योंकि इन्हीं से वास्तविक घटना-क्रम का सत्यापन संभव है। चन्द्र ने यह भी उल्लेख किया था कि पुलिस ने उसे धारा 170 (शांति भंग) में जिस समय हिरासत में लिए जाने का समय दर्शाया है, उस�� समय वह डी.एम. कार्यालय में उपस्थित होकर अपना शिकायती पत्र दे रहा था, जिसका प्रमाण सीसीटीवी फुटेज से आसानी से प्राप्त किया जा सकता था। इसके साथ ही चन्द्र ने पुलिस द्वारा उसके विरुद्ध की गई झूठी एवं मनगढ़ंत कार्यवाही तथा उसके घर पर की गई तोड़फोड़ की घटना का भी उल्लेख किया था, जिनकी पुष्टि कैमरा फुटेज एवं स्वतंत्र जाँच से की जा सकती थी।
इसके बावजूद जाँच अधिकारी द्वारा न तो चन्द्र द्वारा बताए गए किसी भी तथ्य की निष्पक्ष जाँच की गई और न ही उसे जाँच प्रक्रिया में सम्मिलित किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि जाँच अधिकारी वास्तविक तथ्यों को सामने लाने के बजाय बिना जाँच किए ही औपचारिक आख्या लगाकर संबंधित दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे संपूर्ण जाँच की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उत्पन्न हो रहे हैं।अतः श्री चन्द्र द्वारा CM पोर्टल पर दर्ज की गई शिकाय��, जिसकी प्रति/स्क्रीनशॉट संलग्न है, का अवलोकन कर सभी बि��दुओं के आधार पर निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने की कृपा करें। साथ ही, संबंधित स्थान के कैमरा फुटेज की जाँच कराई जाए, ताकि समस्त घटनाक्रम की सच्चाई उजागर हो सके।”
मैं प्रार्थी चन्द्र पुत्र नानक, मेरे पिता के नाम की जमीन, गाटा संख्या 2194 तथा खाता संख्या 00395 में लगभग पौने दो बीघा भूमि मुझे विरासत में मिली है। इसकी खसरा-खतौनी की नकल संलग्न है, जिसमें मेरा नाम स्पष्ट रूप से दर्ज है। फतेह सिंह मेरा सगा भाई है, पर वह अपने बेटों रामबीर और रामपाल के साथ मेरी जमीन पर कब्जा करना चाहता है। रामबीर अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ लूट जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और वह जेल जा चुका है।दिनांक 19/11/2025 को शाम लगभग 4 से 5 बजे जब मैं अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई करा रहा था, तभी फतेह सिंह, रामबीर और रामपाल वहाँ आए और तीनों ने मिलकर लाठी-डंडों और गंडासे से मुझ पर हमला कर दिया। मेरी आवाज सुनकर भोला, अरुण, रोहतास और शंकर नाम के ग्रामीण आए और उन्होंने मुझे बचाया। जाते समय रामबीर ने मुझे जान से मारने की धमकी दीइस गंभीर घटना के बाद मैं शिकायत लेकर थाना बाबरी पहुँचा, लेकिन वहाँ मौजूद दरोग़ा ने मेरा प्रार्थना-पत्र मुझसे छीनकर फाड़ दिया और मुझे थाने से वापस भेज दिया। पुलिस की इस हरकत से मैं बहुत डर गया और घर चला गया।
अगले दिन 21/11/2025 को दोपहर लगभग ढाई से तीन बजे थाना बाबरी की पुलिस की गाड़ी मेरे घर पहुँची। दरोग़ा सहित तीन पुलिसकर्मी मेरे घर में घुस आए और दरवाज़े तोड़कर मेरे घर में तोड़फोड़ करने लगे। उन्होंने मेरी मदद करने वाले ग्रामीणों के घरों में भी दरवाज़े तोड़कर तोड़फोड़ की। तोड़फोड़ की फोटो इस प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न हैं।
मैंने इन घटनाओं के संबंध में शिकायत संख्या 40020625016877 दर्ज कराई, जिसमें स्पष्ट बताया कि पुलिस मेरे घर आई, दरवाज़े तोड़े, तोड़फोड़ की और धमकियाँ दीं। लेकिन इस गंभीर शिकायत की पुलिस ने न तो सही जाँच की और न ही किसी तथ्य को देखा। इसके विपरीत, दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और एकतरफा जाँच रिपोर्ट बना दी गईइसके बाद पुलिस ने मेरे विरुद्ध झूठी कहानी तैयार करके मुझे दबाव में लेने की कोशिश की। पुलिस ने यह दिखा दिया कि दिनांक 22/11/2025 को मैंने अपने सहयोगियों के साथ फतेह सिंह से झगड़ा किया और पुलिस ने मुझे 2 बजकर 10 मिनट पर हिरासत में ले लिया तथा मेरे ऊपर धारा 170 शांति भंग में चालान कर दिया। जबकि सच्चाई यह है कि ठीक 2 बजे मैं SDM कार��यालय में अपनी शिकायत दे रहा था। SDM कार्यालय से मेरे गाँव तक पहुँचने में कम से कम 15 से 20 मिनट लगते हैं। ऐसे में 2 बजे SDM कार्यालय में होना, फिर मात्र 10 मिनट में गाँव पहुँचकर झगड़ा करना, पुलिस को सूचना मिलना, पुलिस का मौके पर पहुँच जाना और 2:10 बजे मुझे हिरासत में लेना — यह सब व्यवहारिक और समय की दृष्टि से किसी भी तरह संभव नहीं है। यह पूरी कार्यवाही शुरू से अंत तक झूठी और मनगढ़ंत है।प्रार्थी
चन्द्र पुत्र ���ानक
निवासी – ग्राम रघुनाथपुर बाबरी
जिला – शामली
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चन्द्र द्वारा अपने प्रार्थना-पत्र में स्पष्ट रूप से यह अनुरोध किया गया था कि थाना परिसर, डी.एम. कार्यालय, एस.डी.एम. कार्यालय तथा कलेक्ट्रेट गेट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जाँच कराई जाए, क्योंकि इन्हीं से वास्तविक घटना-क्रम का सत्यापन संभव है। चन्द्र ने यह भी उल्लेख किया था कि पुलिस ने उसे धारा 170 (शांति भंग) में जिस समय हिरासत में लिए जाने का समय दर्शाया है, उसी समय वह डी.एम. कार्यालय में उपस्थित होकर अपना शिकायती पत्र दे रहा था, जिसका प्रमाण सीसीटीवी फुटेज से आसानी से प्राप्त किया जा सकता था। इसके साथ ही चन्द्र ने पुलिस द्वारा उसके विरुद्ध की गई झूठी एवं मनगढ़ंत कार्यवाही तथा उसके घर पर की गई तोड़फोड़ की घटना का भी उल्लेख किया था, जिनकी पुष्टि कैमरा फुटेज एवं स्वतंत्र जाँच से की जा सकती थी।
इसके बावजूद जाँच अधिकारी द्वारा न तो चन्द्र द्वारा बताए गए किसी भी तथ्य की निष्पक्ष जाँच की ��ई और न ही उसे जाँच प्रक्रिया में सम्मिलित किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि जाँच अधिकारी वास्तविक तथ्यों को सामने लाने के बजाय बिना जाँच किए ही औपचारिक आख्या लगाकर संबंधित दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे संपूर्ण जाँच की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उत्पन्न हो रहे हैं।अतः श्री चन्द्र द्वारा CM पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत, जिसकी प्रति/स्क्रीनशॉट संलग्न है, का अवलोकन कर सभी बिंदुओं के आधार पर निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने की कृपा करें। साथ ही, संबंधित स्थान के कैमरा फुटेज की जाँच कराई जाए, ताकि समस्त घटनाक्रम की सच्चाई उजागर हो सके।”
मैं प्रार्थी चन्द्र पुत्र नानक, मेरे पिता के नाम की जमीन, गाटा संख्या 2194 तथा खाता संख्या 00395 में लगभग पौने दो बीघा भूमि मुझे विरासत में मिली है। इसकी खसरा-खतौनी की नकल संलग्न है, जिसमें मेरा नाम स्पष्ट रूप से दर्ज ह��। फतेह सिंह मेरा सगा भाई है, पर वह अपने बेटों रामबीर और रामपाल के साथ मेरी जमीन पर कब्जा करना चाहता है। रामबीर अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ लूट जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और वह जेल जा चुका है।दिनांक 19/11/2025 को शाम लगभग 4 से 5 बजे जब मैं अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई करा रहा था, तभी फतेह सिंह, रामबीर और रामपाल वहाँ आए और तीनों ने मिलकर लाठी-डंडों और गंडासे से मुझ पर हमला कर दिया। मेरी आव���ज सुनकर भोला, अरुण, रोहतास और शंकर नाम के ग्रामीण आए और उन्होंने मुझे बचाया। जाते समय रामबीर ने मुझे जान से मारने की धमकी दीइस गंभीर घटना के बाद मैं शिकायत लेकर थाना बाबरी पहुँचा, लेकिन वहाँ मौजूद दरोग़ा ने मेरा प्रार्थना-पत्र मुझसे छीनकर फाड़ दिया और मुझे थाने से वापस भेज दिया। पुलिस की इस हरकत से मैं बहुत डर गया और घर चला गया।
अगले दिन 21/11/2025 को दोपहर लगभग ढाई से तीन बजे थाना बाबरी की पुलिस की ग���ड़ी मेरे घर पहुँची। दरोग़ा सहित तीन पुलिसकर्मी मेरे घर में घुस आए और दरवाज़े तोड़कर मेरे घर में तोड़फोड़ करने लगे। उन्होंने मेरी मदद करने वाले ग्रामीणों के घरों में भी दरवाज़े तोड़कर तोड़फोड़ की। तोड़फोड़ की फोटो इस प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न हैं।
मैंने इन घटनाओं के संबंध में शिकायत संख्या 40020625016877 दर्ज कराई, जिसमें स्पष्ट बताया कि पुलिस मेरे घर आई, दरवाज़े तोड़े, तोड़फोड़ की और धमकियाँ ���ीं। लेकिन इस गंभीर शिकायत की पुलिस ने न तो सही जाँच की और न ही किसी तथ्य को देखा। इसके विपरीत, दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और एकतरफा जाँच रिपोर्ट बना दी गईइसके बाद पुलिस ने मेरे विरुद्ध झूठी कहानी तैयार करके मुझे दबाव में लेने की कोशिश की। पुलिस ने यह दिखा दिया कि दिनांक 22/11/2025 को मैंने अपने सहयोगियों के साथ फतेह सिंह से झगड़ा किया और पुलिस ने मुझे 2 बजकर 10 मिनट पर ह��रासत में ले लिया तथा मेरे ऊपर धारा 170 शांति भंग में चालान कर दिया। जबकि सच्चाई यह है कि ठीक 2 बजे मैं SDM कार्यालय में अपनी शिकायत दे रहा था। SDM कार्यालय से मेरे गाँव तक पहुँचने में कम से कम 15 से 20 मिनट लगते हैं। ऐसे में 2 बजे SDM कार्यालय में होना, फिर मात्र 10 मिनट में गाँव पहुँचकर झगड़ा करना, पुलिस को सूचना मिलना, पुलिस का मौके पर पहुँच जाना और 2:10 बजे मुझे हिरासत में लेना — यह सब व्यवहारिक और समय की दृष्टि ��े किसी भी तरह संभव नहीं है। यह पूरी कार्यवाही शुरू से अंत तक झूठी और मनगढ़ंत है।प्रार्थी
चन्द्र पुत्र नानक
निवासी – ग्राम रघुनाथपुर बाबरी
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जियो फाइबर वाले से निवेदन है कि ग्राहकों से धोखा न करे 15 दिन से शिकायत करने पर भी समाधान नहीं हुआ ओर कल आपके द्वारा समाधान का आश्वासन दिया लेकिन समाधान हुआ ही नहीं क्या ड्रामा बनाया हुआ है ये @JioCare ओर टोलफ्री नि से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है आपसे अ��ुरोध है आप इसको हटवा ले
@HeroFinCorpLtd aapki company ke dwara mere credit score acount me farji laon dikhakar kyu mera credit score khrab kiya ja rha hai iska jwab de meri samajik chavi ko dhumil karne ke liye #herofincorp ke dwara farji loan dikha kar mera credit score khrab kiya gya hai esa kyu
@Adityabirlafin1 mere credit score acount me farji loan dikhakar aapki company ke dwara mera credit score kis aadhar par khrab kiya ja rha hai jabki mere dwara koi loan aaj tak #adityabirlacapitalfinnance
Se liya hi nhi gya hai
@RBI
@HeroFinCorpLtd aapki company ke dwara mere credit score acount me farji laon dikhakar kyu mera credit score khrab kiya ja rha hai iska jwab de meri samajik chavi ko dhumil karne ke liye #herofincorp ke dwara farji loan dikha kar mera credit score khrab kiya gya hai esa kyu
@Adityabirlafin1 mere credit score acount me farji loan dikhakar aapki company ke dwara mera credit score kis aadhar par khrab kiya ja rha hai jabki mere dwara koi loan aaj tak #adityabirlacapitalfinnance
Se liya hi nhi gya hai
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