111 विधायक और 37 सांसद अगर ठान लें, तो मोहम्मद आज़म ख़ान साहब का ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी बचाई जा सकती है।
मैं अखिलेश यादव जी से हाथ जोड़कर कहना चाहता हूँ कि अगर इतना मज़बूत विपक्ष होने के बावजूद भी आप इसे नहीं रोक पाए, तो आने वाले समय में मुस्लिम समाज विकल्प ज़रूर तलाश करेगा।
एसी से बाहर निकलिए, सिर्फ़ ट्वीट-ट्वीट खेलना बंद कीजिए। कुछ काम ज़मीन पर उतरकर भी किए जाते हैं।
और रामपुर के वह सांसद कहाँ हैं, जो लोकतंत्र के लिए मर-मिटने की बात करते थे? आज कहीं दिखाई नहीं दे रहे।
अगर 111 विधायक और 37 सांसद होने के बावजूद भी जौहर यूनिवर्सिटी को नहीं बचाया जा सकता, तो फिर जनता यह सवाल पूछने का पूरा हक़ रखती है कि इतने बड़े जनादेश का इस्तेमाल आखिर किस काम के लिए हो रहा है?
सिर्फ़ ट्वीट, प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानबाज़ी से विपक्ष की भूमिका पूरी नहीं होती। जब ज़मीन पर लड़ने का समय आता है, तब जनता अपने प्रतिनिधियों की मौजूदगी और संघर्ष देखना चाहती है। RT रुकने नहीं चहिये 😑
राजस्थान के बाड़मेर की आवाम की 80% फ़ीसद तादाद हिंदुओं की थी उन्होंने सड़क पर उतर कर चार मस्जिद की शहादत के ख़िलाफ़ शांति वा अमन और सदभाव का पैग़ाम दिया, पूरे मुल्क की बहुसंख्यक आबादी बाड़मेर के लोगो से कोई सीख लेनी चाहिए....
12 साल के तौफीक को 10 लोगों ने मिलकर मॉब लिंचिंग कर दी। पहले पत्थर से सिर कुचला, फिर धड़ अलग किया और बाकी शरीर के ज़ख्मों पर तेज़ाब छिड़क दिया।
सीरिया-फ़िलिस्तीन के बाद हम सबसे मज़लूम क़ौम बनते जा रहे हैं, जिसकी चर्चा तक नहीं होती।
(बिहार) 🥺😡
#MuslimLivesMatter
अब इतने ज़लील और कमजोर हो गए हो कि औरतों पर हाथ उठाने लगे ये हिजड़ों की निशानी है मुस्लिम महिला पर हिन्दू युवक ने हाईवे पर किया हमला
क्या भारत में मुसलमानों के लिए कोई कानून नहीं है? अगर इस महिला ने कुछ गलत किया तो उसको कानून के हवाले करना चाहिए था यह कौन होता करने वाला और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा है
📍दिल्ली, मुस्तफाबाद
दिल्ली में खूनी खेल! बदमाशों ने राशिद को 15 गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया।
वारदात के बाद उसकी बेटी से कहा—"जा, देख हमने तेरे बाप को मार दिया।"
एक जवान औरत यमन से अकेली सफ़र पर निकले। उसके जिस्म पर ज़ेवरात हों, रास्ता लंबा हो और हज़ारों मील का फ़ासला तय करके वह मदीना पहुँच जाए, लेकिन कोई बदनज़र उसकी तरफ़ आँख उठाकर देखने की जुर्रत भी न करे, और न ही उसके ज़ेवरात पर किसी की बुरी नज़र पड़े।
आज के दौर में यह सुनकर तअज्जुब होता है। इंसान हैरानी से पूछता है कि यह कौन लोग थे? कौन सा मुल्क था? कौन सा निज़ाम था, जिसने एक औरत को ऐसा अम्न और इत्मीनान दिया?
तो जवाब मिलता है ये इस्लाम के दूसरे ख़लीफ़ा, अमीरुल मोमिनीन हज़रत उमर फ़ारूक़ रज़ियल्लाहु अन्हु का दौर था। यह उनकी अद्लो-इंसाफ़ पर क़ायम हुकूमत थी। ये निज़ाम-ए-ख़िलाफ़त था, जहाँ ज़ालिम काँपते थे और मज़लूम बेख़ौफ़ जीते थे।
महाराष्ट्र में पश्चिम बंगाल के 3 मुस्लिम महिलाओं और 1 मुस्लिम बच्चे को बांग्लादेशी बताकर हिरासत में लिए जाने कि ख़बर आई थी। बताया जा रहा कि इनके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट तक मौजूद थे। AIMIM कार्यकर्ताओं ने इसपर आवाज़ उठाई जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया है।
महाराष्ट्र के जलगांव के मारुल गांव के हाफिज कासिम के साथ नफ़रती चिंटुओं द्वारा बदसलूकी की गई, इनसे नफ़रती चिंटुओं से ‘अपने’ धर्म का नारा लगवाने का दबाव बनाया गया है। इस घटना पर @warispathan ने संज्ञान लिया। नफ़रती चिंटुओं के खिलाफ FIR दर्ज हुई तो एक नफ़रती चिंटू ने माफी मांगते हुए वीडियो जारी किया है।
इस तरह की घटना होने के बाद भी कोई कहे की क़ानून का राज है तो, फिर वो मूर्ख है ,,
रामराज कहा जा सकता है क्योंकि रामराज में भी अग्निपरीक्षा सीता ने ही दी थी ,,
और आज भी हत्या महिलाओं की ही हो रही है ,,
सुल्तानपुर का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें 4-5 युवक दो लड़कों को पीट पीटकर "जय श्री राम" बोलने को मजबूर कर रहे हैं!
@sultanpurpolice संज्ञान लीजिये, ऐसे ही मनबढ़ और हिंसक प्रवत्ति के लोग आगे चलकर क्रिमिनल बनते हैं!
यह सब भविष्य के अपराधी हैं, इनके दिलों में कानून का डर बिठाना बहुत जरुरी है!
@Uppolice पुलिस ने गुंडो को खुली छूट दे रखी है। वैसे पुलिस बोलती रहती है कानून का राज है कानून का राज है। लेकिन यहां तो गुंडों का राज चल रहा है। किसकी मिली भगत से यह सब हो रहा है।
गायों की निगरानी करने वाले व्यक्ति दक्ष चौधरी 'अक्कू पंडित" एवं उनके सहयोगियों ने एक मुस्लिम व्यक्ति को बुरी तरह पीटा, जिससे वो आधा नंगा हो गया, उन्हें "लव जिहाद" कहकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया....
@Indian__muslim@azamgarhpolice@Uppolice महोदय @azamgarhpolice 3 दिन हो गए मामले के लिए लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं 🤨
आरोपी से जोड़ी सारी जानकारी देने के बाबजूद भी आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं ऐसा क्यों 🤨
क्या अब आप सिर्फ उर्दू नाम बालों पर ही कारवाही करेंगे महोदय @Uppolice
महोदय @azamgarhpolice 3 दिन हो गए मामले के लिए लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं 🤨
आरोपी से जोड़ी सारी जानकारी देने के बाबजूद भी आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं ऐसा क्यों 🤨
क्या अब आप सिर्फ उर्दू नाम बालों पर ही कारवाही करेंगे महोदय @Uppolice