आराध्य मेरे,अभिमान मेरे, अनुराग मेरे.
अनुपम,अखण्ड,अपराजित हे राष्ट्र! मेरे.
तेरे वैभव तेरी माटी हित हो जाऊं अर्पित,
हो पूरित तब ही जीवन का अभिप्राय मेरे।
~अमित
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं...
#RepublicDay#RepublicDay2022#गणतंत्रदिवस
संविधान के किसी पन्ने पर नहीं लिखा है कि जब-जब देश पर संकट आयेगा तब-तब एक ब्राह्मण उसे संभालेगा। फिर भी ब्राह्मण सदैव इसे संभालते आ रहा है। आज सोनम वांगचुक को कुछ हो जाता तो देश में आग लग जाता। मगर नड्डा जी ने सरकार को ब्रेकथ्रू दिला दिया है।
इसीलिए हर भारतवासी यह माँग करे कि हर सदन में विप्रों के लिए अलग से पचास सीट देने का कानून हो ताकि हम निस्वार्थ भाव से देश सेवा कर सकें। 🙏🏼
@GabbbarSingh At my workplace huge discussion going on and mostly people think demand of Students is valid but resignation, aggression is not the solution for that. Govt should make sure this will not be repeated and students should demand democratically not by anarchy which is going on there
मैं इतना भी बूढ़ा नहीं
कि सपनों पर हँस दूँ,
और इतना भी जवान नहीं
कि हर नारे को क्रांति समझ लूँ।
मैंने भी भीड़ देखी है,
मुट्ठियाँ तनी हुई देखी हैं,
आँखों में आग देखी है,
और फिर वही आँखें
कुछ वर्षों बाद
बच्चों की फीस,
माँ की दवा,
होम लोन की EMI
और नौकरी की चिंता में डूबी देखी हैं।
इतिहास का एक अजीब स्वभाव है…
वह हर पीढ़ी को
कुछ दिनों के लिए
मुख्य पात्र बना देता है।
उसे लगता है,
बस यही आख़िरी लड़ाई है,
यहीं से नया भारत निकलेगा,
यहीं से सब बदल जाएगा।
लेकिन इतिहास
न नारों से चलता है,
न ट्रेंडिंग हैशटैग से।
इतिहास चलता है
धीमे-धीमे…
कभी अदालतों की फाइलों में,
कभी संसद की बहसों में,
कभी किसी किसान के खेत में,
कभी किसी इंजीनियर की फैक्ट्री में,
कभी किसी शिक्षक की कक्षा में।
क्रांति
दरवाज़ा खोल सकती है,
घर नहीं बना सकती।
घर बनाने के लिए
ईंट भी चाहिए,
सीमेंट भी,
धैर्य भी,
और रोज़ सुबह उठकर
काम पर जाने वाले लोग भी।
इसलिए
जब भी कोई आंदोलन देखो,
न उससे डरना,
न उसे भगवान बना देना।
हर आवाज़ सुनना,
हर अन्याय पर सवाल पूछना,
लेकिन
अपने विवेक को
भीड़ के हवाले मत कर देना।
याद रखना,
एल्गोरिदम
तुम्हें वही दिखाता है
जो तुम्हें और उत्तेजित करे।
देश
वह नहीं होता
जो तुम्हारी स्क्रीन पर दिख रहा है।
देश
वह भी है
जहाँ अभी किसी गाँव में
एक किसान बारिश देख रहा है,
कोई लड़की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है,
कोई जवान सीमा पर खड़ा है,
कोई दुकानदार शाम की बिक्री गिन रहा है,
और करोड़ों लोग
कल सुबह फिर काम पर निकलेंगे।
यही भारत है।
हो सकता है
तुम सरकार से नाराज़ हो,
व्यवस्था से निराश हो,
किसी घटना से आहत हो।
होना भी चाहिए।
लेकिन
नाराज़गी और नफ़रत में,
परिवर्तन और अराजकता में,
साहस और लापरवाही में,
एक बहुत पतली रेखा होती है।
उसे पहचानना ही
परिपक्व नागरिक होने की पहली शर्त है।
मैं तुम्हें
उत्साह छोड़ने को नहीं कह रहा।
मैं बस इतना कह रहा हूँ…
इतिहास में
आग लगाने वाले
बहुत मिल जाते हैं।
राख पर
फिर से शहर बसाने वाले
बहुत कम होते हैं..
And how exactly is Police supposed to "monitor" his health? Going by that logic, can the Doctors "monitor" law and order at Jantar Mantar?
Those "activists" who were opposing his shifting to Hospital had only one intention: let him die, so that his death could be exploited by them
मैंने आज Biryani Bees रेस्टोरेंट से 3 प्लेट कबाब पराठा ऑर्डर किया था, लेकिन मुझे गलती से 3 प्लेट बिरयानी डिलीवर कर दी गई।
डिलीवरी के तुरंत बाद मैंने कई बार रेस्टोरेंट के दिए गए नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी मेरा कॉल रिसीव नहीं किया। @zomato
Paid on 2nd June. Waited for weeks. No installation. Switched to another ISP. Now when raised refund - only automated email replies from Jio. How long does it take to refund ₹807 for a service that was never provided? @JioCare@jio_fiber@reliancejio@reliancegroup#JioFiber
@IRCTCofficial@RailwaySeva please let us know the status of 22416 it's showing on time at the etrain website but it has been constantly running late for 5 days.