🚨UPGB HARDOI में बैंकिंग नहीं बर्बरता हो रही है। RM DK Tiwari की प्रताड़ना के कारण अधिकारी RM केबिन में बेहोश होकर गिर पड़ा, अस्पताल में भर्ती❗️
कल #UPGB के हरदोई RO में जो हुआ, वह न सिर्फ शर्मनाक है बल्कि यह दिखाता है कि बैंक के भीतर कितनी जहरीली, अमानवीय और डर पर आधारित कार्यसंस्कृति पनपने दी जा रही है।
प्राप्त जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, RM DK तिवारी ने DEAF अकाउंट के काम को लेकर अधिकारी सुनील कुमार के साथ अपने केबिन में बेहद अपमानजनक और गाली-गलौज भरा व्यवहार किया। यह मानसिक प्रताड़ना इतनी गंभीर थी कि अधिकारी वहीं पर गिर पड़े।
👉 उनका ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया
👉 शरीर अकड़ गया
👉 आंखें बाहर की ओर आ गईं
👉 त्वचा पीली पड़ गई
👉 वे बेहोश हो गए
उन्हें तत्काल बालाजी अस्पताल ले जाया गया, जहां वे रात तक भर्ती रहे।
इस दुर्घटना का न कोई बाहरी कारण, न कोई और ट्रिगर, सिर्फ और सिर्फ एक कारण -आरएम DK तिवारी का अपमानजनक और आक्रामक व्यवहार अगर यह कार्यस्थल पर हिंसा नहीं है, तो फिर क्या है? अब कर्मचारी खुले तौर पर पूछ रहे हैं कि “DK” का मतलब क्या है:
D = Demonic (राक्षस और अमानवीय)
K = Krodhi (क्रोधी, उग्र स्वभाव)
क्योंकि कोई भी सभ्य इंसान, कोई भी जिम्मेदार अधिकारी, कोई भी सच्चा लीडर इस तरह का व्यवहार नहीं करता। पद और सत्ता किसी को यह अधिकार नहीं देती कि वह किसी सहकर्मी को अस्पताल पहुंचा दे।
इससे भी ज्यादा शर्मनाक है UPGB प्रबंधन की पूरी चुप्पी।
एक अधिकारी कार्यालय में गिरता है, अस्पताल में भर्ती होता है और बैंक ऐसा व्यवहार करता है मानो कुछ हुआ ही नहीं। यह चुप्पी सामान्य नहीं है। यह मिलीभगत है।
चेयरमैन #YS_Thakur के नेतृत्व में #UPGB की कार्यसंस्कृति साफ तौर पर डर, दबाव, अपमान और मानसिक टूटन की ओर जा चुकी है। अगर अधिकारी दफ्तरों में मानसिक प्रताड़ना के कारण गिर रहे हैं, तो यह नेतृत्व की नैतिक और प्रशासनिक विफलता है।
अब आता है सबसे शर्मनाक पहलू।
UPGB में इतनी बड़ी और गंभीर घटना हुई जिस पर सबका खून खौल जाना चाहिए था वहाँ सभी यूनियनें चुप हैं और नेताजी लोग पूँछ दबाए चापलूसी में लगे है।
👉 न कोई सख्त बयान
👉 न कोई विरोध
👉 न कोई कार्रवाई की मांग
यूनियनें कर्मचारियों की रक्षा के लिए बनी थीं, प्रबंधन की गलतियों पर पर्दा डालने के लिए नहीं।
अगर एक अधिकारी प्रताड़ना से गिर जाए और यूनियनें चुप रहें, तो वे प्रतिनिधि नहीं, मूक दर्शक हैं।
इतिहास इस चुप्पी को कभी माफ नहीं करेगा।
UPGB, बैंक ऑफ बड़ौदा के अधीन कार्य करता है।
@bankofbaroda प्रबंधन इस घटना से पल्ला नहीं झाड़ सकता। अगर यही बैंकिंग है तो फिर ये बैंकिंग के नाम पर कलंक है।
चेयरमैन साहिब अगर आप में थोड़ी भी शर्म, गैरत और इंसानियत बची है तो इस घटिया RM DK तिवारी (हरदोई) को तत्काल निलंबित किया जाए और यह स्पष्ट संदेश दिया जाए कि गाली गलौज और अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
@DFS_India@RBI@LabourMinistry द्वारा स्वतंत्र जांच हो और पीड़ित अधिकारी को पूरी चिकित्सा व मानसिक स्वास्थ्य सहयोग और मुआवजा मिले
हालाकि यूनियनों और उनके …….. नेताओ से हालाकि कोई उम्मीद तो नहीं लेकिन यदि इस बदतमीजी का यहीं पर मुंहतोड जवाब नहीं दिया गया तो आज सुनील कुमार है कल कोई भी अधिकारी होगा।
अगर प्रबंधन चुप रहा और यूनियनें भी चुप रहीं तो याद रखिए चुप्पी भी मारती है।
#Bankersvoice
#UPGB बाँदा रीजन के कर्मचारी फिर से RM #VINOD_KESWANI के आतंक का शिकार हो रहे हैं।
इस जाहिल ने पहले भी स्टाफ को परेशान किया हैं और अब फिर वही ज़ुल्म शुरू कर दिया है।
👉 शाखा हर हाल में टारगेट कैसे पूरा करे?
क्या यह इमरजेंसी के ज़बरदस्ती नसबंदी कैंप जैसा है, जहाँ अबरदस्ती लोन बाँटे जाएंगे?
👉 अगर ग्राहक लोन लेना ही नहीं चाहते तो इसमें शाखा की क्या गलती?
पहले गलत लोन बाँटने पर जवाबदेही तय होती थी, अब लोन ना बाँटने पर भी जवाबदेही तय होगी! वाह!
👉 ऊपर से बीमा का दबाव भी क्योंकि RM साहब को अपनी जेब कमीशन से भरनी है।
👉 25 सितम्बर तक KCC रोलओवर करो वरना सुनामी आ जाएगी, ये बैंक है या तानाशाही?
👉 आज के समय में लगभग हर किसी के खाते पहले से खुले हैं, मार्केट सैचुरेटेड है। अब नए खाते कहाँ से लाएँ?
और सबसे बड़ी विडम्बना कि इतना सब करने के बाद भी रोज़ 9 पॉइंट की रिपोर्टिंग करनी है और गालियाँ भी सुननी हैं।
सच यह है कि RM विनोद केसवानी बैंक नहीं चला रहा, तानाशाही और मानसिक आतंक फैला रहा है।
ऐसे RM को कुर्सी पर नहीं, सीधे पागलखाने में होना चाहिए।
@bankofbaroda@RBI@DFS_India यह प्रबंधन नहीं, सरासर मानसिक उत्पीड़न है।
#UPGBExposed #BankHarassment #StopTargetPressure #VinodKeswani
UPGB RO मैनपुरी का कुख्यात RM J.C. Matti का असली और घिनौना चेहरा
एक कर्मचारी ने सुसाइड नोट में लिखा: मेरी मौत का जिम्मेदार ये RM Matti है। लेकिन शर्मिंदा होने की बजाय, ये आदमी अब भी नए आदेश निकालकर कर्मचारियों को धमका रहा है।
12 अकाउंट खोलो, लोन दो, NPA घटाओ, वरना शाम 4:45 बजे VC में सबको घसीटा जाएगा।
यानी एक मौत भी इनके लिए सबक नहीं बनी।
ये आत्महत्या नहीं, ये सीधा हत्या है और इसके गुनहगार सिर्फ RM मट्टी ही नहीं, बल्कि चेयरमैन ठाकुर और वो पूरी सरकार है जो बैंकर्स को गुलाम बनाकर कब्र में धकेल रही है।
@DFS_India@RBI@bankofbaroda@FinMinIndia
बैंकर्स की जान कोई मायने नहीं रखती क्या?
कितनी लाशों के बाद आप जागेंगे?
#BankerLivesMatter #StopBankerHarassment #UPGB #JusticeForBankers #RemoveJCMatti #BanBankerBullying #SaveBankers
बैंकर्स की मौत = सिस्टम की हत्या
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में एक बैंक कर्मचारी ने सुसाइड नोट लिखकर अपनी मौत का जिम्मेदार #UPGB RO मैनपुरी के RM J.C. Matti को ठहराया।
- रोज़ाना रात 7:30–8 बजे तक अनऑफिशियल VC/मीटिंग
- अफसर ही नहीं, क्लेरिकल स्टाफ तक को बुलाना
- गालियाँ देकर बेइज़्ज़ती करना
- असंभव टारगेट्स व लगातार प्रेशर
- मानसिक प्रताड़ना से मजबूर होकर मौत चुनना
सुसाइड नोट में साफ़ लिखा कि मेरी मौत का जिम्मेदार RM J.C. Matti है। और कॉपी RO व SP को भेजने की बात कही।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि चेयरमैन ठाकुर सब जानते हुए भी चुप क्यों हैं?
क्या वो भी इस हत्या के हिस्सेदार नहीं?
ये आत्महत्या नहीं, ये है इंस्टीट्यूशनल मर्डर।
#YS_Thakur साब आप इसमें शामिल नहीं है तो तुरंत इस जाहिल आरएम पर कार्यवाही करते हुए इसे हटाए अन्यथा अपनी भी संलिप्तता स्वीकार करे।
@DFS_India@RBI@bankofbaroda@FinMinIndia
कितनी और लाशें चाहिए आपको? कब रुकेगा ये अत्याचार?
@DmMainpuri@mainpuripolice इस आरएम पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करके इसे तुरंत गिरफ्तार करे।
@myogiadityanath@dgpup कृपया कार्यवाही कराए।
#BankerLivesMatter #StopBankerHarassment #UPGB
एक कैंपेन ख़त्म → दूसरा शुरू।
बैंकिंग गई भाड़ में, बस बीमा बेचो!
यही हाल है #UPGB (उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक) का →
बैंक = बीमा की दुकान
बैंकर = जबरन सेल्समैन
सबसे बड़ा मजाक → Circular में लिखा force-selling prohibited पर पूरा circular ही force-selling है!
UPGB = टारगेट की दुकान
RM = जल्लाद
Chairman = बेहोश।
रायबरेली RM मीटिंग: शाम 5 से 9
दिन भर बैंक में काम, शाम को मीटिंग में गाली
न ओवरटाइम, न सुरक्षा
लोग हादसे झेल रहे हैं, लेकिन इन्हें चाहिए बस Target
चेयरमैन भी इस ज़ुल्म का साझेदार
आख़िर कब तक झेलेंगे UPGB स्टाफ ये शोषण?
Surinder Singh 72 घंटे से लापता हैं
और @Uppolice FIR तक नहीं लिख रही है
SBI RACPC आगरा के क्लर्क श्री सुरेंद्र पाल सिंह AGM विक्रम कुमार के जुल्म और तानाशाही से इतने मानसिक रूप से टूट गए कि आत्महत्या पत्र लिखकर घर से निकल गए और तब से लापता हैं।
उस पत्र में उन्होंने साफ़-साफ़ लिखा है कि अगर मुझे कुछ होता है, तो उसके जिम्मेदार मेरे AGM विक्रम कुमार होंगे। यानी यह मामला केवल गुमशुदगी नहीं, बल्कि सीधा-सीधा आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध है।
लेकिन दुख और शर्म की बात यह है कि जब परिवार FIR दर्ज कराने गया तो @PsRakabganj थाने के SHO ने साफ़ कह दिया कि मैं SBI से पंगा नहीं ले सकता, केवल गुमशुदगी लिखूँगा।
सोचिए, पुलिस की यह मानसिकता कैसी है?
@dgpup क्या यूपी पुलिस अब SBI के दबाव में काम कर रही है?
जब एक कर्मचारी अपने खत में अपराधी का नाम लिखकर गया है, तब भी पुलिस क्यों आँख मूँदकर बैठी है? सुरेंद्र सिंह का परिवार दर-दर भटक रहा है, लेकिन FIR दर्ज करने तक की हिम्मत पुलिस नहीं दिखा रही।
यह केवल एक बैंक कर्मचारी का दर्द नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम पर एक काला धब्बा है।
अगर पुलिस ऐसे मामलों में निष्क्रिय रहती है तो यह संदेश जाएगा कि कर्मचारियों की जान की कोई कीमत नहीं, और बैंक के अफसर चाहें जितना जुल्म करें, उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है।
🙏 माननीय @myogiadityanath जी आपसे प्रार्थना है:
1. परिवार की FIR तत्काल दर्ज की जाए।
2. सुरेंद्र सिंह की खोज के लिए तुरंत विशेष टीम बनाई जाए।
3. AGM विक्रम कुमार पर IPC की सख़्त धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ़्तार किया जाए।
4. FIR से बचने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।
क्या यही है “नया उत्तर प्रदेश”?
क्या यही है “पुलिस की जवाबदेही”?
क्या आम कर्मचारी की ज़िंदगी की कोई अहमियत नहीं?
सुरेंद्र सिंह का परिवार न्याय और सुरक्षा के लिए तड़प रहा है। अगर आज आवाज़ न उठी तो कल हर बैंक कर्मचारी की यही नियति होगी।
@TheOfficialSBI इस AGM विक्रम कुमार को तुरंत निलंबित करे।
@myogioffice@CMOfficeUP@PMOIndia@agrapolice@timesofindia@AmarUjalaNews@JagranNews@DainikBhaskar@NavbharatTimes
शोषण की पराकाष्ठा, सीधी धमकी कि ट्रांसफर नहीं होने दिया जायेगा
अफसरशाही का भूत सर चढ़कर बोलता हुआ उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में
एक एकता दिखाते हुए इस धमकी पर समस्त स्टाफ ऐसे तथाकथित बड़े साहब का बहिष्कार कर दे तो???