उसकी ऐसी भी क्या ग़लती थी?
उसकी रोज़ी रोटी को यूँ कुचल दिया !
उसके दिल का दर्द, उसकी मिन्नतें, सब कुछ टूट जाने पर उसकी आँखों का सूनापन…
तुम्हें ईश्वर क्षमा नहीं करेंगे.
हमारा धर्म इस क्रूरता के लिये ‘रौरव नर्क’ नियत करता है.
वही मिले तुम्हें. तथास्तु
दिवाली के अवसर पर दलित सपा सांसद अवधेश प्रसाद जी को ना पिछले साल अयोध्या में दीपोत्सव का निमंत्रण मिला, ना ही इस बार मिला, जबकि आयोजन सरकारी होता है।
तो मेरा सवाल ये है कि क्या इसकी वजह यही है कि ये दलित समाज से आते हैं?
बिहार में आदर्श आचार संहिता लागू है लेकिन नरेंद्र मोदी की पार्टी मुसलमानों के ख़िलाफ़ थोक में नफ़रत बांट रही है।
क्या भारत के चुनाव आयोग की मौत हो चुकी है ?
Is India’s Election Commission dead ?
या फिर 14 नवंबर को BJP की जीत की घोषणा के लिये फिर से ज़िंदा हो जायेगा?
TV स्टूडियो में एक पढ़ी लिखी युवा लड़की एक पूरी क़ौम को पंक्चर बनाने वाला बताती है
🔺जिस पर स्टूडियो में ठहाका लगता है
🔺ख़ुद एंकर महोदय और BJP प्रवक्ता हंसते हैं
🔺लड़की को भी लगता है उसने क्या ज़बरदस्त बात बोली है
लेकिन यह चिंता का विषय है
▪️सोचिए समाज में घोली गई नफरत कैसे बच्चों के मन में घर कर रही है
▪️कितनी घृणा भर चुकी है इन छोटे बच्चों के मन में
▪️इन मासूमों को बजाय संवेदना, सम्मान और प्रेम के यह सब क्या सिखाया जा रहा है?
👉 पीढ़ियों को बर्बाद करने का, उनमें ज़हर भरने का काम किया है नरेंद्र मोदी ने
अब जिम्मेदारी आप अभिभावकों की है. अपने बच्चों को BJP की इस गंदी सोच से बचाइए, उन्हें अच्छा इंसान बनाइए
जिनके मन में सबके लिए प्रेम हो, किसी वर्ग के लिए घृणा नहीं
अरे लूट लेहनी, खाय लेहनी, भैंसिया के चारा,
गुंडा-माफिया सब इनका है प्यारा...
लालू जी के छोटका बेटा 'बड़का नकारा'...
सुनिए, लालू के जंगलराज की सच्चाई उजागर करता ये धमाकेदार गाना..
आप सोचिए कि, मेरे जैसा अहिंसा में विश्वास रखने वाला व्यक्ति ऐसा करने को क्यों मजबूर हो गया?
मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने वाले वकील जो कह रहे हैं, सुनिए और सोचिए
सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस बी आर गवई की ओर जूता फेंकने का प्रयास निंदनीय है लेकिन सरकार को इसकी गंभीरता समझ आने में इतना वक्त क्यों लगा? वरिष्ठ वकील पिल सिब्बल @KapilSibal पौने छह बजे सवाल कर चुके थे कि इस घटना पर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और कानून मंत्री क्यों चुप हैं? क़ानून मंत्री को सूचना मिलते ही निंदा करनी चाहिए थी। दोपहर तक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी से लेकर केरला और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने इसकी कड़ी निंदा कर दी थी। क्या सरकार को इस घटना की गंभीरता समझने में इतना वक्त लग गया? इतनी देर तक क्या गुणा भाग हो रहा था? कई दिनों से चीफ जस्टिस बी आर गवई के ख़िलाफ़ गोदी ऐंकरों के कार्यक्रम से लेकर सोशल मीडिया में अनाप शनाप बातें की जा रही थीं। उन सबको नज़रअंदाज़ किया गया। यह बेहद अफसोसनाक है कि ऐसी घटना हुई है। क्या किसी और के साथ ऐसी उदारता दिखाई जाती? क्या इसलिए सरकार ने इतना वक्त लिया क्योंकि जूता उछालने वाला सनातन का नारा लगा रहा था? बार संघ ने अच्छा किया समय रहते एक्शन लिया लेकिन जजों से लेकर सभी को इस पर बोलना चाहिए। यह रैंडम घटना नहीं है। जूता निकालने वाले का अधिकार बोध कहां से आया है? जूता निकालने की घटना का संबंध जातिगत और सामंती पृष्ठभूमि से है। आज डॉ अंबेडकर होते तो राष्ट्रीय उपवास पर चले गए होते। गांधी होते तो सबके बदले ख़ुद प्रायश्चित कर रहे होते। यह घटना संस्थाओं के ख़त्म होने के बाद इन्हें कुछ नहीं समझने के दुस्साहस का प्रदर्शन करती है।
बिना सीज़ फ़ायर किए पाकिस्तान का भूगोल सिर्फ एक ही प्रधानमंत्री ने बदला था जिनका नाम इंदिरा गांधी है,
बाक़ी सब सिर्फ़ हवाई फ़ायर और जुमले का चूरण दे रहे हैं।😛
लगता है आजकल बॉलीवुड में काम और पैसा दोनों मोदी जी-आरएसएस की चापलूसी से ही मिलते हैं।
कभी मोदी जी की सालगिरह पर, कभी आरएसएस की। विडियो बनाने पड़ते हैं, ट्वीट भी करना पड़ता है।
घर सबको चलाना है, डर सबको लगता है
😂 दीदी बार-बार नेहरू जी, इंदिरा जी और भूतकाल की गली में घूमती रहीं...
पर जैसे ही कन्हैया कुमार बोले — बस वहीं से गेम पलट गया 🎯
भाजपा प्रवक्ता की तो ऐसी क्लास लगी कि एंकर भी मुस्कुराए बिना नहीं रह पाए 😄
सीधा, सटीक और शानदार जवाब —
कन्हैया स्टाइल में धोया पूरा मैदान! 💥🔥
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