दिन में संवाद का ढोंग, रात में JSSC-CGL रद्दीकरण की मांग कर रहे छात्रों पर लाठियाँ। यह दोहरा चेहरा झारखंड का युवा कभी नहीं भूलेगा।
AISA धरना स्थल पर छात्रों के साथ मजबूती से मौजूद है। संघर्ष भी जारी रहेगा, और घायल छात्रों की देखभाल भी हमारी जिम्मेदारी है।
.@JharkhandPolice की बर्बरता के बाद छात्र आक्रोशित हैं। अब माँग हो गई है - @RahulGandhi झारखंड आओ, या तो @HemantSorenJMM का साथ दो या छात्रों का”
लाठीचार्ज जिन छात्रों पर हुआ उनके चोट के निशान मंच से दिखाए गए और अपील की गई अब सब एक साथ अनशन पर बैठें जब तक राहुल गांधी न आ जाएँ। #RanchiStudentProtest #JPSC #JSSC
अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी गांवों में, लोग जब भी अपना फोन चालू करते हैं, तो उन्हें एक चीनी मोबाइल नेटवर्क से मैसेज मिलता है।
इसकी जांच हो. क्या ये आरोप सही है? यह सिर्फ नेटवर्क का मामला नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा लीक का बड़ा खतरा है!
देश के सीमावर्ती नागरिकों की लोकेशन, कॉल और पर्सनल डेटा सीधे चीनी सर्वर तक पहुँचने का जोखिम है।
56 इंच की बात करने वाली सरकार का आईटी मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय आख़िर इस गंभीर डिजिटल घुसपैठ पर खामोश क्यों हैं?
भारत सरकार को ऐसे गंभीर सवालों पर तत्काल जवाब देकर नागरिकों की शंका का समाधान करना चाहिए.
🚨ALERT🚨: Anti-social elements brought by BJP were caught on camera trying to criminalise the J’khand students’ movement. AISA stands for peaceful democratic protest & rejects all violence. J’khand govt can’t use these anti-social elements to brand the whole movement as violent.
देश में मुसलमानों से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई और सिस्टम के रवैये पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। हाल ही में एक वाकया सामने आया जहां सिर्फ इसलिए एक दुकान तोड़ दी गई क्योंकि वहां नॉन-वेज बिरयानी बिक रही थी और हिंदू संगठनों को इस पर ऐतराज था। @khanumarfa
अमरोहा में कांवड़ यात्रा के नाम पर 30 दिन तक गोश्त और नॉन-वेज होटलों को बंद रखने के पुलिस फरमान को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एडवोकेट नासिर फारुख ने अदालत को बताया कि यह पाबंदी कांवड़ रूट से दूर की दुकानों पर भी थोप दी गई है।
पत्रकार:- उमर खालिद के समर्थन बोलने से आपको गुस्सा आया?
सृष्टि भट्टाचार्य:- नहीं, हम प्राउड फील करते हैं कि हम उमर खालिद के समर्थक हैं
पत्रकार:- उनपर तो देश विरोधी होने के आरोप भी लगे हैं
सृष्टि भट्टाचार्य:- अभी तक सरकार सिद्ध कर पाई है? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है? सरकार डरती है
पत्रकार:- आपका आइडल कौन है?
सृष्टि भट्टाचार्य:- दुनिया में जो भी समानता और स्वतंत्रता के लिए आवाज उठाएगा, सब हमारे आइडल हैं।
- सृष्टि भट्टाचार्य एक बंगाली ब्राह्मण हैं...!!
हमारे देश की न्यायपालिका को भी तुरंत एक्शन लेने की आदत डालनी चाहिए ,
अमरोहा पुलिस ने 21 दुकानों को नोटिस जारी करके 30 दिन तक नॉनवेज दुकानो को बंद करने का आदेश जारी किया , इस आदेश के दायरे में कुछ ऐसे होटल और रेस्टोरेंट भी आ गए थे जो नॉन-वेज खाना परोसते थे ,
इस आदेश को अमरोहा के अधिवक्ता नासिर फारुख ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है , याचिका में बताया गया कि यह प्रतिबंध पूरे शहर में लागू कर दिया गया है , जबकि कांवड़ यात्रा के मार्ग से दूर स्थित दुकानों और गली-मोहल्लों में भी व्यापार बंद करा दिया गया है ,
नासिर फारुख ने दलील दी कि दुकानों से कई परिवार चलते है , बच्चो की स्कूल फीस , कॉलेज फीस , घर का राशन , जरूरत का सभी खर्च इन दुकानों में कमा कर आता है , ऐसे में 30 दिनों तक दुकानों को बंद रखना बिल्कुल गलत है , हम सब धर्मों की आस्था का सम्मान करते है लेकिन इस प्रतिबंध से कई परिवारो को नुकसान होगा ,
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अमरोहा शहर कोतवाल , प्रदेश के प्रमुख सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है , कोर्ट ने अधिकारियों से इस प्रतिबंध के आधार और नियमों के संबंध में जवाब मांगा है ,
वैसे इस मामले अगली सुनवाई कब होगी , पुलिस का जवाब कब आएगा ये एक बड़ा सवाल है , लेकिन सोचने वाली ये बात है कि अगर दुकाने कावड़ यात्रा मार्ग में नहीं है तो उन पर ये आदेश हटाने के लिये कोर्ट को तुरंत आदेश दे देना चाहिए था ,
आपकी जानकारी के लिये बता देते है , इलाहाबाद हाईकोर्ट में 11 लाख केस पेंडिंग पड़े है , इतने पेंडिंग केस किसी भी हाईकोर्ट में नहीं है , सुप्रीम कोर्ट की बात करे तो 80000 केस पेंडिंग पड़े है ,
तस्वीर गवाह है कि अतीक अहमद के बेटों ने सब्र कर लिया है, और जब सहने वालों को सब्र आ जाता है तो ज़ुल्म करने वाले की औकात की दो कौड़ी की रह जाती है। अतीक अहमद का परिवार भले तबाह-ओ- बर्बाद हो चुका है लेकिन उन्होंने सब्र करके ज़ालिम की इज़्ज़त को भी मिट्टी में मिला दिया है।
ये क्या मजाक चल रहा है भाई?
न्यूज 18 इंडिया चैनल के मुताबिक अतीक के बेटे उमर के खिलाफ टोल ना देने पर FIR दर्ज कर दी गई है!
एक व्यक्ति पुलिस वैन में और पुलिस की हिरासत में बैठा था फिर वो टोल टैक्स कैसे देगा?
अब या तो यूपी सरकार ने फर्जी मुकदमे लगाने की PHD कर रखी है या तो फिर ये न्यूज चैनल वाले भांग खाकर न्यूज चला रहे हैं!
पहलगाम का हमला आतंकी हमला था, उस हमले में 26 भारतीयों को आतंकियों ने मार दिया था। उस हमले का बदला भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में ले लिया है। अब इस रिपोर्ट को देखिए! दो महीने में भारत में 25 मुसलमान मार दिए गए, इनमें से दस मुसलमान हिन्दुवादी दक्षिणपंथियों द्वारा मारे गए हैं। क्या इन घटनाओं को आतंकी घटना नहीं माना जाना चाहिए?
📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश
मोहम्मद आफताब ने अपने Instagram अकाउंट @anam_aftab_ पर वीडियो साझा करते हुए लिखा—
“आज 9 अगस्त 2026 को डूब रहे 3 लोगों की जान बचाने का मौका मिला। अल्हम्दुलिल्लाह, तीनों सुरक्षित हैं। किसी की जान बचाने से बढ़कर कोई नेक काम नहीं।”
इंदिरा नहर में डूब रहे तीनों युवक गैर-मुस्लिम समुदाय से थे। मोहम्मद आफताब, अज़मत खान और कमलेश जायसवाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना नहर में उतरकर तीनों युवकों की जान बचाई।
इंसानियत सबसे पहले—जहां किसी की जान बचाने का सवाल हो, वहां मज़हब नहीं देखा जाता।
@mr_aftab17
मरहूम अतीक अहमद का मज़लूम परिवार और उत्तर प्रदेश प्रशासन!
पूर्व सांसद अतीक अहमद साहब के छोटे बेटे अबान अहमद के अंतिम विदाई के दौरान कसारी मसारी कब्रिस्तान में एक पल ऐसा भी आया, जब चाचा अशरफ के तीनों बच्चे जनाजा गुजरने के दौरान खड़े थे, कुछ कदम की दूरी पर बड़े बेटे उमर और अली गुजरे, तो पूर्व विधायक अशरफ की बेटी 12 साल की स्वालिहा ने "भाई" बोलकर आवाज लगा दी।
उमर और अली इस भीड़ में आवाज पहचान गए, अचानक उनके कदम रुक गए, अशरफ की बड़ी बेटी स्वालिहा के साथ 10 साल की छोटी बेटी आलिया और 7 साल का बेटा अब्दुल्ला एक साथ थे, उमर ने लपक कर अब्दुल्ला को गोदी में उठा लिया, दोनों भाइयों ने नम आंखों से उसका माथा चूमा।
इसी बीच दोनों बेटियां उमर, अली के करीब आने लगीं तो पुलिस ने रोक दिया, आईपीएस अधिकारी ने कहा, "हाईकोर्ट के आदेश के हिसाब से ही मिलें"।
उमर ने पुलिसवालों से कहा, "अरे मेरी छोटी बहन है", पुलिस ने कहा, "नहीं", सबसे मिलने की इजाजत नहीं है, इस पर उमर-अली भावुक हो गए, बहनें भी रोने लगीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ की पुलिस ने मिलने नहीं दिया।
कब्रिस्तान में एक वक्त ऐसा भी आया कि अली, योगी आदित्यनाथ की पुलिस की सख्ती पर नाराज हो गया, हालांकि, उमर ने उसे लिपटा कर चुप कराया।
अबान को दफनाने के बाद उमर और ने मिट्टी डाली, इसके तुरंत बाद ही पुलिस ने अली से कहा "चलो", इसी पर अली ने जोर से कहा, "अरे फातेहा तो पढ़ने दो", अली की नाराजगी देख भीड़ शोर करने लगी।
तभी बड़े बेटे उमर ने अली को लिपटा लिया, कहा- सब्र करो, चुप रहो, जनाजे में हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ शोर करने लगी तो उमर ने अपनी उंगली होंठ पर रखी और भीड़ को शांत रहने का इशारा किया। #अतीकअहमद
ये हैं मोहित चौपड़ा 8 अगस्त को बरेली में आला हज़रत के उर्स में गए थे, वहां लाखों मुसलमानों की भीड़ थी लेकिन ये अकेले हिंदू थे फ़िर भी इनको कोई डर नहीं लगा।
बाक़ी बीजेपी के नेता हिंदुओं को डराने के लिए बोलते हैं कि एक हिंदू 100 मुसलमानों के बीच में सेफ नहीं रह सकता जबकि ये मोहित चौपड़ा लाखों मुसलमानों के बीच में सेफ थे।
आप ख़ुद ही सुन लो इस वीडियो में मोहित चौपड़ा क्या बोल रहे हैं!