दिल्ली छावनी परिषद एवं छावनी सार्वजनिक अस्पताल में Maintenance कार्य जेसे (बिजली, प्लंबर, Air Conditioner, तकनीकी मरम्मत आदि) का कार्य करने वाले Contract कर्मचारी पिछले कई महीनों से वेतन वृद्धि से वंचित हैं।
छावनी सार्वजनिक अस्पताल में ठेके पर कार्य करने वाले कर्मचारी Amit Associates Engineers & Contractors के Under कार्य कर रहे हैं।
केंद्र सरकार एवं दिल्ली में लागू Minimum Wages के अनुसार समय-समय पर मजदूरी दरें बढ़ाई जाती हैं, लेकिन ठेकेदार द्वारा अभी तक कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी नहीं दी जा रही।
जबकि इसी संस्थान में Housekeeping, Security और अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को संशोधित वेतन का लाभ मिल रहा है।
दिल्ली छावनी परिषद के अधिकारी वा JE द्वारा ठेकेदारों से मोटा माल घुस लेकर कर्मचारियों को तनख्वाह समय पर ना देना
कर्मचारियों को Cheque द्वारा तनख्वाह दी जाती है जिस पर महीने की 2 तारीख लिखी होती
परंतु तनख्वाह/Cheque कर्मचारियों को 12 से 15 तक में दिया जाता है
बड़े बड़े IDES, IAS अधिकारी, राजनेता नेताईन लोग आए दिन फीता काटने उद्घाटन करने पहुचे रहते हैं पर किसी ने कभी वहाँ कार्य कर रहे कर्मचारियों की परेशानी पर कोई बात तक नहीं की
Maintenance कर्मचारियों को वेतन वृद्धि से वांछित रखना श्रम कानूनों का उल्लंघन है
Minimum Wages Act, Contract Labour Act तथा श्रम विभाग के नियमों के अनुसार:
• किसी भी कर्मचारी को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन से कम भुगतान नहीं किया जा सकता।
• वेतन वृद्धि लागू होने पर उसका लाभ कर्मचारियों को समय पर देना अनिवार्य है।
• ठेका कंपनी और विभाग दोनों की जिम्मेदारी होती है कि कर्मचारियों का वेतन नियम अनुसार दिया जाए।
• कई महीनों तक बढ़ा हुआ वेतन रोकना श्रमिक अधिकारों का उल्लंघन माना जाता है।
मैं Delhi Cantonment Board के @ceo_delhi माननीय श्री Robin Baleza, श्रम विभाग एवं रक्षा मंत्रालय से निवेदन करता हूं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कर्मचारियों को उनका बढ़ा हुआ वेतन और बकाया राशि जल्द दिलाई जाए।
@LabourMinistry@DefenceMinIndia@DelhiGovDigital@CMODelhi@gupta_rekha@LtGovDelhi@SpokespersonMoD@rajeshgoelbjp@BansuriSwaraj@RakshaSampada@pdde_wc
Iran पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएंगे।
अमेरिका, ईरान की 24 अरब डॉलर की Frozen हुई संपत्तियों को जारी करेगा।
अमेरिका, ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अपनी सेना वापस बुलाएगा।
अमेरिका और उसके सहयोगी देश, ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर का भुगतान करेंगे।
यह सब केवल Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के लिए किया जा रहा है, जो युद्ध से पहले भी खुला हुआ था। 🔥
जनरल जीडी बख़्शी:
“पैसा कमाने गरीब घर के लड़के मर गए और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ रहा।
फ़र्क़ इसलिए नहीं पड़ रहा है क्योंकि वो बच्चे किसी नेता-अधिकारी के रिश्तेदार नहीं थे।
कोई कुछ बोल नहीं रहा और अभी यहां कुछ ही दिन में ट्रंप के गले लगा जाएगा।”
“भारत में औसतन 100 करोड़ के बैंक फ्रॉड रोज़ हो रहे हैं।
एक ज्वेलरी शॉप चलाने वाली कंपनी 15 लाख करोड़ का फ्रॉड कर लेती है और सरकार को पता तक नहीं चलता।
हम किस इकोनॉमी की बात कर रहे हैं?”
— विजय ग्रोवर
2017 में तमिलनाडु की छात्रा S.Anitha को 12th स्टैंडर्ड के स्टेट बोर्ड में 98% आया था.
बहुजन समाज की S.Anitha डॉक्टर बनना चाहती थी. NEET क्लियर करना जरूरी था. NEET की तैयारी के कोचिंग सेंटर लाखों रुपए फीस वसूल रहे थे.
गरीब परिवार की Anitha के पास इतना पैसा नही था. Anitha NEET क्वालीफाई नही कर पाई, NEET का पेपर अंधा कुआं लग रहा था. कारण NEET का पेपर सेंट्रल बोर्ड के स्टूडेंट्स के हिसाब से डिजाइन किया होता है.
Anitha के परिवार के पास अगर लाखों रुपए होते तो वो भी कोचिंग सेंटर में एडमिशन लेकर NEET की तैयारी करती. 2017 में ऑनलाइन क्लास इतने नही थे.
साल 2000 के बाद ऑनलाइन क्लास की बाढ़ आ गयी. अब तो NEET की तैयारी के लिए कई ऑनलाइन क्लास 5000 में कोर्स उपलब्ध करा रहे हैं.
Anitha ने NEET के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी. वो केस और जिंदगी दोनों हार गई. Anjana Om Kashyap को हाथ जोड़कर शिक्षकों से माफी मांगनी चाहिए. ऑनलाइन शिक्षक उन छात्रों तक शिक्षा पहुंचा रहे हैं जो बेहद गरीब हैं.