Pakistani Journalist: Where will Pakistan be in 5 years?
Ex-Singapore Ambassador: I will be very blunt. Pakistan took advantage of a diplomatic opportunity in the US-Iran war. But that will not feed your people. Pakistan has been on the brink of failure for a long time.
@iNitinTyagi@DFS_India@RBI देख रहे है इस तरह का अनैतिक दबाव ही कर्मचारियों को गलत तरह से प्रीमियम डेबिट करने के लिए मजबूर करता है , परन्तु मुझे आपसे पूर्ण उम्मीद है कि इस बार भी आप ग्राहक अधिकारों का हनन होते हुए देखेंगे ।
सरकारी बैंक कर्मचारी सुस्त हैं , और प्राइवेट बैंक कर्मचारी एक्टिव >> ये तुलना पूरी सच्चाई नहीं है।
पहले ये समझिए कि प्राइवेट बैंकों में ग्राहक कौन होते हैं.?
ज्यादातर पढ़े-लिखे , तकनीक से परिचित और समय की कीमत समझने वाले लोग।
ये ग्राहक फॉर्म खुद भरते हैं , लाइन में कम लगते हैं , और बहुत-सी चीजें मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग से खुद ही कर लेते हैं।
यानी , बैंक कर्मी का काम पहले से आधा हल्का हो जाता है।
वहीं दूसरी तरफ , सरकारी बैंकों में हर तबके का ग्राहक आता है >>
किसान , मजदूर , बुज़ुर्ग , अनपढ़ , विधवा, पेंशनर , छात्र, विकलांग – कोई भी सोचिए, वो वहीं मिलेंगे।
कई बार तो ग्राहक को अपनी समस्या भी ठीक से समझ नहीं होती , उसे समझाना , दस्तावेज़ जुटवाना , और फिर सिस्टम में उसका काम करना , बैंक कर्मचारी का ही जिम्मा बन जाता है।
इसके बाद भी लोग कहते हैं कि सरकारी बैंक वाले कामचोर हैं।
सरकारी बैंक कर्मचारी ना सिर्फ बैंकिंग कर रहे होते हैं , बल्कि एक सामाजिक ज़िम्मेदारी भी निभा रहे होते हैं।
हर तरह के सरकारी स्कीम पेंशन , जनधन, किसान सम्मान निधि , छात्रवृत्ति, मनरेगा भुगतान – सबका लोड इन बैंकों पर ही आता है।
भीड़ , सिस्टम की धीमी रफ्तार , सरकारी नीतियों की जटिलता और ऊपर से ग्राहक की कम जानकारी – इन सबके बीच भी वो काम कर रहे होते हैं।
तो अगली बार जब आप कहें कि सरकारी बैंक वाले सुस्त हैं , तो एक बार जाकर उनकी कुर्सी पर बैठकर देखिए...
काम समझ में आ जाएगा , और सम्मान भी।
महत्वपूर्ण घोषणा। 📢
एक ऐतिहासिक पहल के तहत, 15 अगस्त 2025 से ₹3,000 की कीमत वाला FASTag आधारित वार्षिक पास शुरू किया जा है। यह पास सक्रिय होने की तिथि से एक वर्ष तक या 200 यात्राओं तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा।
यह पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है और यह देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यात्रा को संभव बनाएगा।
वार्षिक पास के सक्रियण/नवीनीकरण के लिए जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप और NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स पर एक अलग लिंक उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल और सुगम होगी।
यह नीति 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाज़ाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रहें कन्सर्न्स को अधोरेखित करेगी और एक ही सुलभ लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सहज बनाएगी।
प्रतीक्षा समय घटाकर, भीड़ कम कर और टोल प्लाज़ाओं पर विवाद को समाप्त कर, वार्षिक पास नीति लाखों निजी वाहन चालकों के लिए तेज़, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव के लिए प्रतिबद्ध है।
#FASTagBasedAnnualPass #PragatiKaHighway
ख़बर है बिहार के जमुई से,
यहाँ एक व्यक्ति पर लोन था तो लोन रिकवरी एजेंट उसके घर लोन की वसूली करने आया करता था,
धीरे धीरे लोन वसूली एजेंट और उस व्यक्ति की पत्नी के बीच प्यार हो गया,
अब लोन वसूली एजेंट ने उस व्यक्ति की पत्नी से शादी कर ली है, क्षेत्र में इस शादी को लोन वाली शादी के नाम से पुकारा जा रहा है😂😂
इस कहानी से दो सीखें मिलती हैं,
पहली, अपनी EMI टाइम से भरो जो कोई रिकवरी एजेंट घर न आ पाए,
दूसरी, अगर हर जगह से हार चुके हो तो एक बार लोन रिकवरी एजेंट बनकर भी देख लो, शायद विवाह हो जाए😂😂