चमोली!!! चमोली जिले के अन्तर्गत रह रहे एक मुस्लिम परिवार ने हिन्दू धर्म अपनाया। मकबूल अहमद नाम के व्यक्ति ने रघुनाथ मंदिर के समीप अलकनंदा नदी तट पर मुंडन करवाया, हवन यज्ञ के बाद तिलक लगाकर हिन्दू धर्म को विधिवत अपनाया गया। मकबूल अहमद का नाम अब कमल के नाम से जाना जायेगा।
नए नारों के साथ करें 2027 का स्वागत मेरे दुरस्त गांव के लोगों जग जाओ समय से जाग जाओ नहीं तो डांडी चारपाइयों में ही हमारी मां बेटियां बहुओं मारती रहेगी भालू तो घर तक पहुंच गए तुम्हें मरने । अब क्या बचा है तुम्हारे पास ज़िन्दगी जिंदाबाद
भाई साहब कुछ बोल रहे है ,,,,,,,, cmo साहब
मरता पहाड़ जान के दुश्मन हमारे सभी शिक्षा स्वस्थ सड़के जानवर .…. दो जीवन बचाने के इतने सारे लेवल को पार कर जाए वही पहाड़ी … बाकी हमारी न पहले किसी को पड़ी थी ना अब बाकी जमीन तो हमारी तुम साहूकार लोग छीन ही चुके हो
@ChamoliPolice हमारी बेटियाँ कहाँ हैं?
2023 से अब तक चमोली में कई बेटियाँ लापता हैं। यह सिर्फ गुमशुदगी नहीं—टूटे घर और सूनी उम्मीदें हैं।क्या इसके पीछे Human Trafficking है?
हर केस को प्राथमिकता
AHTU को मजबूत करें
#MissingGirls#HumanTrafficking#गुमशुदा_बेटियाँ
अब मत बोलना डोटीयाल बुद्धि हमसे बहुत कुछ अच्छा सोच गए और कर गए।उत्तराखंड के युवा अब और सहन नहीं करेंगे!बेरोजगारी की मार ने यहां के युवाओं को बेहाल कर दिया है।वोरोजगार की तलाश में हैं,पर सरकारी योजनाएं और भ्रष्टाचार उनके भविष्य को निगल रही हैं। जंग अब आर पार की ज़िन्दगी जिंदाबाद
🚨 गोपेश्वर पालिका में करोड़ों का भ्रष्टाचार!
RTI से खुलासा: बिना टेंडर, बिना वर्क ऑर्डर निर्माण जारी ❌
SDM रोक आदेश के बावजूद काम चालू।
जिम्मेदारों पर IPC 420/409/467/468/471 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम लागू।
कार्यवाही करो वरना न्यायालय पहुँचेगा मामला।
#ChamoliCorruption
🏗️ गोपेश्वर नगर पालिका में
करोड़ों का निर्माण = बिना टेंडर
RTI में मिला जवाब –
“सिर्फ़ बोर्ड प्रस्ताव से काम बाँटा गया” 🤯
क्या DM और अफसर मिले हुए हैं?
👉 जनता अब जवाब माँगेगी!
@Anticorrupciono
उत्तराखंड को जिंदा रखने के लिए कौन-सा नारा आपके दिल को छूता है?
या फिर सबके नारे सिर्फ़ खोखले हैं?"
1️⃣ जय भाजपा तय भाजपा – (क्या सच में?)
2️⃣ कांग्रेस का हाथ, विकास के साथ – (या फिर हाथ सिर्फ़ कुर्सी पकड़ने के साथ?)
3️⃣ ज़िन्दगी ज़िंदाबाद – (संघर्ष, जनता और असली उम्मीद का नारा!)
उत्तराखंड को जिंदा रखने के लिए कौन-सा नारा आपके दिल को छूता है?
या फिर सबके नारे सिर्फ़ खोखले हैं?"
1️⃣ जय भाजपा तय भाजपा – (क्या सच में?)
2️⃣ कांग्रेस का हाथ, विकास के साथ – (या फिर हाथ सिर्फ़ कुर्सी पकड़ने के साथ?)
3️⃣ ज़िन्दगी ज़िंदाबाद – (संघर्ष, जनता और असली उम्मीद का नारा!)
🌿🏔️ सुप्ताल–झलताल से नंदा नगर की गाथा 🌿🏔️1200m से 1600m की ऊँचाई तक,
हरे-भरे बुग्याल, तालों की शांति और हिमालयी चोटियों की गोद में —
🏐 इस जन्माष्टमी पर हुआ एक अनोखा वॉलीबॉल टूर्नामेंट।
🙏 स्थानीय जनता की मेहमाननवाज़ी और सहयोग ने इसे बनाया विश्व का सबसे अलबेला आयोजन
देवताओं की भूमि का एक अद्भुत रहस्य देवताल झील उत्तराखंड की गोद में बसा एक ऐसा रहस्यमय, दिव्य और रोमांचकारी स्थल, यह है देवताल झील, जो भारत की सबसे ऊँचाई पर स्थित प्राकृतिक झीलों में से एक मानी जाती है।स्थान भारत-चीन सीमा के समीप, माना पास क्षेत्र, ऊँचाई18,399ft
देवताओं की भूमि का एक अद्भुत रहस्य देवताल झील उत्तराखंड की गोद में बसा एक ऐसा रहस्यमय, दिव्य और रोमांचकारी स्थल, यह है देवताल झील, जो भारत की सबसे ऊँचाई पर स्थित प्राकृतिक झीलों में से एक मानी जाती है।स्थान भारत-चीन सीमा के समीप, माना पास क्षेत्र, ऊँचाई18,399ft
🏔️ अगर पहाड़ी बचेगा तभी पहाड़ बचेगा
अब उत्तराखंड को लद्दाख से सीखने की ज़रूरत है!
📢 लद्दाख ने कर दिखाया —
👉 85% सरकारी नौकरियाँ सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित!
👉 यह कोई छोटा फैसला नहीं — ये पहाड़ों की पहचान, संस्कृति और आत्मसम्मान की रक्षा है।
मैं शांत वादियों में बैठा,
पक्षियों की चहचहाहट से संवाद कर रहा था।
पत्तों की सरसराहट मेरी कविता बन रही थी,
बादलों की परछाइयाँ मेरे विचारों की छांव।
तभी,एक कमर्शियल हेलीकॉप्टर
शोर के बूट पहनकर आसमान को रौंदता हुआ गुज़रा जैसे बाज़ार ने फिर से प्रकृति की पीठ पर
शब्दों की खरोंचें छोड