योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की बहुत शुभकामनाएं।
ईश्वर उन्हें दीर्घायु दे। सदबुद्धि दे।
वे नीति, नियम और नैतिकता के आधार पर कुछ सार्थक फैसले कर सकें।
वे अपने इर्द-गिर्द के अधिकारियों और सलाहकारों से ऐसे ही सतर्क रहें जैसे धूल भरी आंधी से आंख की पुतलियां,
जैसे बंगाल के मछली प्रेमी के व्यक्ति की नज़र में मछली के भीतर का कांटा,
जैसे खरीददार की नज़र में घुन से घिरा हुआ पुराना आटा।
ईश्वर आपको प्रधानमंत्री बनाए, न बनाए,
मगर मनुष्यता के मार्ग पर ज़रूर चलाए।
सादर
First the NEET paper leak affecting 22 lakh students.
Then CBSE Class 12 students receiving unexpectedly low marks from a broken OSM system - many losing their college eligibility.
Now lakhs of CBSE Class 9 students suddenly asked to learn a new language from July 1, with no teachers, no textbooks, and Class 6 books being handed to 14-year-olds as a “transitional” fix.
Three exams. Three age groups. One Minister.
Dharmendra Pradhan ji has not failed once. He has failed every single age group of India’s students at once.
Every announcement plunges children deeper into uncertainty. Every failure goes unpunished. The Education Ministry has become a department of disasters.
Prime Minister Modi ji - can you at least apologise to the lakhs of children whose futures you and your Minister have destroyed?
#SackPradhan
बीजेपी के एक मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट के ए��� कद्दावर मंत्री से छुटकारा पाना चाहते हैं।मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नेतृत्व को सुझाव दिया है कि मंत्री जी को
दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में शामिल कर लिया जाए।मतलब प्रदेश सरकार से हटाकर केंद्रीय संगठन में ले लिया जाए।
मुख्यमंत्री का कहना है कि मंत्री की नजर फ़ाइलो पर कम,मुख्यमंत्री की कुर्सी पर ज़्यादा लगी रहती है।
मंत्री जी भी निश्चिंत है।उन्हें पता है कि सरकार से बाहर होंगे तो संगठन में बड़ी ज़िम्मेदारी मिलेगी।
मंत्री भी चाहते हैं कि एक बार मुख्यमंत्री के चुंगल से निकलकर और दिल्ली में बैठकर मुख्यमंत्री से दो दो हाथ किया जाए।
केंद्रीय नेतृत्व भी कम कलाकार नहीं है।मुख्यमंत्री जिस मंत्री से छुटकारा पाना चाहते हैं,उसी मंत्री को मुख्यमंत्री के गले में लटका हुआ केंद्रीय नेतृत्व देखना चाहता है।
मुख्यमंत्री त्रस्त है,मंत्री मस्त हैं।
ये ले @ScienceJourney2 फर्जी इतिहासकार आजा कर डिबेट
प्रमाण 1.- सुटपिटक /खुद्दक निकाय/सुतनिपात्त = जहां बुद्ध को इक्ष्वाकुवंशीय बताया गया है और यहां पालि के " ओक्काक" का स��स्कृत अर्थ "इक्ष्वाक" है
प्रमाण 2 - चतुर्थ बौद्ध संगीति के उपाध्यक्ष अश्वघोष द्वारा रचित बुद्ध चरित
विश्व के सबसे महान अहिंसावादी दार्शनिक सूर्यवंश में जन्मे भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवन बुद्ध की जयंती (बुध्द पुर्णिमा) पर कोटिशः नमन् 🙏🚩
इक्ष्वाकु वंशीय क्षत्रिय, लुम्बिनी के राजा शुद्धोधन के पुत्र,भगवान विष्णु के नौवे( 9 ) अवतार- महाराजा सिद्धार्थ (गौतम बुध्द) जिसने विश्व को बौद्ध ज्ञान रूपी प्रकाश से प्रकाशमय किया !
गौतम बुद्ध (जन्म ५६३ ईस्वी पूर्व - मृत्यु ४८३ ईस्वी पूर्व) - विश्व के प्राचीनतम धर्मों में से एक बौद्ध धर्म के प्रवर्तक थे।उनका जन्म क्षत्रिय ��ुल के शाक्य नरेश शुद्धोधन के घर हुआ ! भगवान बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के पास लुम्बिनी वन में 563 ई.पू. में हुआ था। इनके पिता शुद्धोधन शाक्य राज्य कपिलवस्तु के शासक थे। माता का नाम महामाया था , जो देवदह की राजकुमारी थी।
महात्मा बुद्ध अर्थात सिद्धार्थ (बचपन का नाम) के जन्म के सातवें दिन माता महामाया का देहान्त हो गया था, अतः उनका पालन-पोषण उनकी मौसी व विमाता प्रजापति गौतमी ने किया था।
गौतम बुद्ध एक ऐसे क्षत्रिय थे, जिन्होंने क्षत्रियों की युद्ध नीति के उलट अहिंसा का पाठ पूरे विश्व को पढ़ाया !
यही कारण है कि गौतम बुद्ध की ख्याति विश्व की चारों ओर फैली हुई है ! महात्मा गांधी को यूं तो विश्व का सबसे बड़ा अहिंसावादी कहां जाता है; पर अहिंसा का पाठ महात्मा गांधी ने गौतम बुद्ध की शिक्षा से सीखा था सच ही है !
"क्षत्रिय अगर लड़े तो विश्व का सबसे बड़ा योद्धा और अगर आध्यात्मिक हो जाए तो #भगवान "
सिद्धार्थ ( गौतम बुद्ध) जी की 16वर्ष की आयु में गण��ाज्य की राजकुमारी यशोधरा से शादी करवा दी गई।
विवाह के कुछ वर्ष बाद एक पुत्र का जन्म हुआ जिसका नाम राहुल रखा गया। समस्त राज्य में पुत्र जन्म की खुशियां मनाई जा रही थी लेकिन सिद्धार्थ ने कहा, आज मेरे बन्धन की श्रृंखला में एक कड़ी और जुड़ गई।
यद्यपि उन्हे समस्त सुख प्राप्त थे, किन्तु शान्ति प्राप्त नही थी।
चार दृश्यों (वृद्ध, रोगी, मृतव्यक्ति एवं सन्यासी) ने उनके जीवन को वैराग्य के मार्ग की तर��� मोङ दिया।
अतः एक रात पुत्र व अपनी पत्नी को सोता हुआ छोङकर गृह त्यागकर ज्ञान की खोज में निकल पङे।
इसके पश्चात सिद्धार्थ गया(बिहार) पहुँचे, वहाँ वह एक वट वृक्ष के नीचे समाधी लगाये और प्रतिज्ञां की कि जबतक ज्ञान प्राप्त नही होगा, यहाँ से नही हटुँगा।
सात दिन व सात रात समाधिस्थ रहने के उपरान्त आंठवे दिन बैशा�� पूणिर्मा के दिन भगवान गौतम बुद्ध को सच्चे ज्ञान की अनुभूति हुई। इस घटना को “सम्बोधि” कहा गया। जिस वट वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था उसे “बोधि वृक्ष” तथा गया को “बोध गया” कहा जाता है।
गौतम बुद्ध क्षत्रिय थे। कडी तपस्या करके #__बुद्धत्व प्राप्त किया। भारत के समस्त क्षत्रिय लोगो को गर्व होना चाहिए था। उनके समाज का एक महान तपस्वी को #बुध्दत्व प्राप्त हुआ। और समता और बंधुता पर आधारीत महान ���ौद्ध धर्म का प्रसार करना था।
विपरीत आज के कुछ बेवकूफ क्षत्रिय बौद्ध धम्म को नफरत से क्यो देखते..?
भगवान बुद्ध के उपदेशों एवं वचनों का प्रचार प्रसार सबसे ज्यादा सम्राट अशोक ने किया।
कलिंग युद्ध में हुए नरसंहार से व्यथित होकर अशोक का ह्रदय परिवर्तित हुआ उसने महात्मा बुद्ध के उपदेशों को आत्मसात करते हुए इन उपदेशों को अभिलेखों द्वारा जन-जन तक पहुँचाया।
महात्मा बुद्ध आजीवन सभी नगरों में घूम-घूम कर अपने विचारों को प्रसारित करते रहे।
भ्र��ण के दौरान जब वे पावा पहुँचे, वहाँ उन्हे अतिसार रोग हो गया था। तद्पश्चात कुशीनगर गये जहाँ 483ई.पू. में बैशाख पूणिर्मा के दिन अमृत आत्मा मानव शरीर को छोङ ब्रहमाण्ड में लीन हो गई।
|| #____बुद्धम_____शरणम____गच्छामी ||🙏
कल The Hindu में छपा लेख वही बात दोहराता है, जिसे मैं पिछले 4 साल से कह रही हूँ; ‘Kshatriyasation’ या 'राजपूतिकरण' कोई अचानक उभरा ट्रेंड नहीं, बल्कि एक सोची-समझी सामाजिक-राजनीतिक प्रक्रिया है। आज भाजपा-आरएसएस अलग-अलग क्षेत्रों के ऐतिहासिक योद्धाओं (जैसे सुहेलदेव, वेलु नाचियार, लाचित बोरफुकन) को जोर-शोर से celebrate कर रहे हैं। सवाल है, अभी क्यों?
इतिहास बताता है कि 19वीं-20वीं सदी में कई जातियों (यादव, जाट, गुज्जर, कुर्मी आदि) ने खुद को ‘क्षत्रिय’ साबित करने की कोशिश की, लेकिन मंडल आयोग की सिफ़ारिशें लागू होने के बाद वही समुदाय OBC पहचान के लिए भी संघर्ष करते दिखे; यानी सामाजिक सम्मान और राजनीतिक लाभ, दोनों साथ-साथ।
डॉ. आंबेडकर ने ‘Castes in India’ में लिखा था कि कथित निचली जातियाँ अक्सर कथित ऊँची जातियों की नकल करके अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश करती हैं यानि "the infection of imitation". इतिहासकार इसे ‘क्षत्रियकरण’ (या राजपूतिकरण) कहते हैं जहाँ अलग-अलग समुदाय खुद को राजपूत योद्धा परंपरा से जोड़कर ताकत हासिल करना चाहते हैं।
आज यही प्रक्रिया एक नए राजनीतिक रूप में दिख रही है। ‘योद्धा गौरव’ के ज़रिए अलग-अलग जातियों को एक ब���़े हिंदू राष्ट्रवादी नैरेटिव में जोड़ा जा रहा है जिससे एक मजबूत वोट बैंक तैयार होता है और ‘हिंदू पहचान’ को और आक्रामक बनाया जाता है।
लेकिन इस पूरी प्रक्रिया का एक दूसरा पहलू भी है। राजपूत यानी पारंपरिक क्षत्रिय समुदायों में इस “पहचान की बंदरबांट” को लेकर असंतोष साफ दिखता है। उन्हें लगता है कि उनकी ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान को राजनीतिक जरूरतों के हिसाब से फैलाया और पुनर्परिभाषित किया जा रहा है, जिससे उनकी पहचान की विशिष्टता कमजोर होती है।
मुद्दा यह है: क्या इस अभ्यास से जाति खत्म हो रही है? या फिर एक नए राजनीतिक रूप में और मजबूत हो रही है? और साथ ही क्या समुदायों के बीच नए तनाव पैदा नहीं हो रहे हैं?
ऐसी वेबसाइट्स जिनके बारे में जानना आपको गैर-कानूनी लग सकता है
1. FlightRadar24
हवाई जहाज़ों की लाइव लोकेशन दिखाता है। आप किसी खास फ़्लाइट को ट्रैक कर सकते हैं।
2. 10 Minute Mail
आपको एक टेम्पररी ईमेल एड्रेस देता है। यह कुछ समय बाद एक्सपायर हो जाता है।
3. Hosting Nigeria
अपनी वेबसाइट्स के लिए बहुत सस्ते डोमेन नेम और होस्टिंग पाएँ।
4. Temp-number
आपको मुफ़्त में टेम्पररी विदेशी नंबर देता है।
5. Wayback Machine
किसी वेबसाइट को सर्च करें और देखें कि वह पहले कैसी दिखती थी। हटाए गए कंटेंट को ढूँढ़ने के लिए यह बहुत काम का है।
6. BugMeNot
कुछ वेबसाइट्स के लिए शेयर्ड लॉगिन डिटेल्स देता है। आपको बिना अकाउंट बनाए कंटेंट एक्सेस करने देता है।
7. Whois
आपको यह चेक करने देता है कि किसी वेबसाइट या डोमेन नेम का मालिक कौन है। यह डिटेल्स दिखाता है, जैसे कि इसे कब बनाया गया था, किसने रजिस्टर किया था, और यह कब एक्सपायर होगा।
8. Down For Everyone Or Just Me
चे�� करता है कि कोई वेबसाइट डाउन है या नहीं। बताता है कि समस्या ग्लोबल है या सिर्फ़ आपके साथ है।
9. BugMeNot
कुछ वेबसाइट्स के लिए शेयर्ड लॉगिन डिटेल्स देता है। आपको बिना अकाउंट बनाए कंटेंट एक्सेस करने देता है।
10. FutureMe
खुद को एक ईमेल लिखें और उसे बाद में पाएँ। आप डिलीवरी की तारीख खुद चुन सकते हैं।
11. Remove .bg
इमेजेज़ से बैकग्राउंड को अपने-आप हटा देता है।
12. WindowSwap
दुनिया भर की खिड़कियों से दिखने वाले नज़ारे दि��ाता है। आप रैंडम लोकेशन्स के बीच स्विच कर सकते हैं।
13. ScanWP
चेक करता है कि कोई वेबसाइट WordPress पर बनी है या नहीं। यह दिखाता है कि साइट कौन सी थीम और प्लगइन्स इस्तेमाल कर रही है।
14. Privnote
आपको ऐसे नोट्स भेजने देता है जो पढ़े जाने के बाद गायब हो जाते हैं। मैसेज एक बार खुल जाने के बाद अपने-आप डिलीट हो जाता है।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री व हमारे राजनैतिक गुरु श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की १००वीं जयंती पर राजघाट, नई दिल्ली पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
मौके पर श्रद्धेय चंद्रशेखर जी के सुपुत्र मा. सांसद नीरज शेखर जी व देश के तमाम गणमान्यजनों की उपस्थिति रही।
#चन्द्रशेखर#Chandrashekhar
संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के जीवन में क्षत्रिय योगदान 💐
1. भगवान गौतम बुध्द
2. पुर्व PM श्रध्देय वी. पी. सिंह
3. सिरोही महाराजा अभय सिंह देवड़ा
4. शिक्षाविद् डॉ हरि सिंह गौर
5. कश्मीर महाराजा हरि सिंह जामवाल
6. महाराजा गंगा सिंह राठौड़
🧵 1/2
#AmbedkarJayanti
YOU PREDICT – Now that the *Week 1* business of #DhurandharTheRevenge [#Dhurandhar2] is public knowledge, what's YOUR estimate of the film's *lifetime business*?
Note: #Hindi version | Nett BOC | #India biz.
YOU PREDICT – Now that the *Week 1* business of #DhurandharTheRevenge [#Dhurandhar2] is public knowledge, what's YOUR estimate of the film's *lifetime business*?
Note: #Hindi version | Nett BOC | #India biz.