शर्म तो बेच खायी है तुम लोगों ने
TRP के लिए कुछ भी करोगे,कोई भी अनर्गल आरोप लगा दोगे,किसी भी महिला को sex racket से जबरन लिंक कर दोगे
और फिर यह कह के कि ‘तथ्यों के आधार पर ग़लत’ पाया गया और पल्ला झाड़ लोगे
‘खेद’ तो इस बात का है कि ‘लोकतंत्र’ का चौथा स्तंभ तुम जैसे भी कहलाते हो
@ABPNews तुम्हारी फेक न्यूज़ के बाद से मुझसे मेरा रेट पूछा जा रहा है.
बोलो! मेरे इस मानसिक उत्पीड़न की कैसे भरपाई होगी?
@Uppolice क्या आपको मेरे ऊपर होने वाली इस तरह की छींटाकशी से कोई फ़र्क़ पड़ता है?
@NCWIndia ज़िंदा हो या मर गये?
@MIB_India क्या आपको @ABPNews से कुछ नहीं कहना?
Abhijeet Dipke, Saurav Das and Ashutosh Ranka have been taken to an undisclosed location.
They’re being denied access to their lawyers and cut off from all contact with others.
WHY NOT JUST DECLARE AN EMERGENCY?
⚠️ IMPORTANT FOR STUDENTS
If you miss your Delhi exam tomorrow due to the sudden cancellation of trains, you can take legal action against the concerned authorities, depending on the circumstances.
Keep your train tickets, cancellation notices, and exam admit card as evidence.
A student’s future should not suffer because of circumstances beyond their control. Students deserve justice and accountability! ⚖️
Dear Cockroaches!
I am so proud of how far we have all come. Tomorrow, whatever happens, we WILL make history.
बस एक बात याद रखना - हाथ में संविधान और दिल में गांधी। कुछ भी हो जाये, हाथ हमारा नहीं उठेगा।
भारत माता की जय।
देशभर की पुलिस के नाम एक संदेश।
हमें पता है कि इस समय जो भी आपसे करवाया जा रहा है, वो ऊपर के निर्देश से हो रहा है। लेकिन आप अपने बच्चों पर ऐसे कैसे हाथ उठा रहे है? आप उनको रात के अंधेरे में ऐसे गुंडों की तरह कैसे लेकर जा रहे है?
क्या आपका मन इस बात की गवाही दे रहा है? क्या यह सब करने से आपके ज़मीर को ठेस नहीं पहुँच रही? क्या अगर आपके बच्चे होते, तो भी आप उनसे ऐसे ही बर्ताव करते?
ब्रिटिश राज में भी कुछ पुलिसकर्मी ऐसे थे जिन्होंने अपने ही देशवासियों के ख़िलाफ़ गोलियाँ चलायी थी, यह कहकर कि वो ड्यूटी कर रहे है। लेकिन याद रखिए, आज देश उन पुलिसवालों को गद्दार ही मानता है।
दिल्ली पुलिस के हाथों पर तो 20 July का खून है। क्या आप भी वही चाहते है?
आपको पता है कि हम सब पढ़ने लिखने वाले बच्चे है। हक की लड़ाई लड़ रहे है। अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे है। आपको यह भी पता है कि हम गांधी और अंबेडकर में मानने वाले लोग है। अहिंसा और संविधान के रास्ते पर चलने वाले लोग है। हम ना हाथ उठायेंगे, ना मारपीट करेंगे।
लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि आप कुछ भी कर ले, हम हर हाल में कल जंतर मंतर पहुचेंगे। और देश को बचाने की ऐतिहासिक लड़ाई लड़ेंगे।
फ़ैसला आपको करना है, कि आप इतिहास में किस तरह याद किया जाना पसंद करेंगे - जनरल डायर की तरह, या शहीद मंगल पांडे की तरह?
If they don’t allow @Cockroachisback on 10th they will do on 11th… or on 12th… or 13th.. or.. each day everyday… how long will Modi Shah shut down Delhi for to save these Chors?
जेएनयू के पूर्व छात्र नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता उमर खालिद को 2026 का 'फ्रंट लाइन डिफेंडर्स अवॉर्ड फॉर ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स एट रिस्क' दिया गया है। आयरलैंड स्थित संगठन फ्रंट लाइन डिफेंडर्स ने गुरुवार को डबलिन के ट्रिनिटी कॉलेज में आयोजित समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया।
चूंकि उमर खालिद सितंबर 2020 से तिहाड़ जेल में बिना मुकदमा चलाए बंद हैं, इसलिए वे समारोह में शामिल नहीं हो सके। उनके पिता डॉ. इलियास ने उनकी ओर से पुरस्कार स्वीकार किया।
महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के साथ हमारी मीटिंग हुई।
मैं आश्चर्यचकित रह गया कि जब हमने 'वोट चोरी' के बारे में जानकारी दी तो उन्होंने इसे मानने से इनकार नहीं किया। उन्होंने ये नहीं कहा कि हिंदुस्तान में चुनाव चोरी नहीं हो रहे हैं।
उल्टा राष्ट्रपति जी ने हमसे कहा है- आप 'वोट चोरी' के सबूत लाइए। हम उन्हें 'वोट चोरी' का सबूत देने को तैयार हैं।
पूरा देश जानता है, छात्र जानते हैं कि देश में 'वोट चोरी' हो रही है। नरेंद्र मोदी इसके architect हैं। अमित शाह और ज्ञानेश कुमार इसे लागू कर रहे हैं। राष्ट्रपति जी ने इससे भी इनकार नहीं किया।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 दिल्ली
थोड़ा उमर ख़ालिद, शरजील इमाम को भी याद कीजिए। छह साल हो गए। ट्रायल भी नहीं। ज़मानत भी नहीं। आकृति चौधरी को भी याद कीजिए, जिस पर फ़र्ज़ी आधार पर NSA लगा दिया गया, सत्यम वर्मा को भी याद कीजिए। स्टेन स्वामी और साईं बाबा को भी। दस साल साईं बाबा को बिना किसी आधार के जेल में रखा गया।
सड़क पर सुरक्षा बलों की तैनाती आपातकाल की आहट बताई जा रही है। दरअसल यह तेरह साल की चुप्पियों के अपराधबोध की सांस्थानिक अभिव्यक्ति है।
No permission is required for citizens to protest criminal actions against our democracy. Nothing at all. We’re all with you @NehaAisa - let @DelhiPolice do what they like. Hum Dekhenge.
Removing Gyanesh Kumar is not enough.
The next election commissioner MUST be appointed by a panel of PM, Leader of Opposition and CJI. Only a person chosen by all three 'ayes' would be deserving of the post.
Modi cannot be trusted, he will install another puppet otherwise.