एक तरफ तो AIIMS में खुलेआम लैंगिक भेदभाव हो रहा है और दूसरी तरफ आज लैंगिक समानता का ज्ञान बांटा जा रहा है । शर्म आनी चाहिए भारत सरकार के उन महानुभावों को जो जेंडर इक्वलिटी की बात करते हैं।
#Save_male_nurses
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राजस्थान राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की वाजिब मांगों को लेकर #RACHO संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश जी गुर्जर जी के नेतृत्व में आज 📍शहीद स्मारक जयपुर पर आज जो प्रदर्शन चल रहा है #CSR रूल 2022 के तहत #CHO की नियमितीकरण की मांग को लेकर सरकार से गुजारिश करते हैं इनकी मांगों पर जल्दी ही अमल लाया जाए और जल्दी CHO को नियमितीकरण किया जाए और यह हजारों CHO भीड़ अपने स्वाभिमान की लड़ाई के लिए आई है ध्यान रहे राजस्थान का CHO अब किसी की गोद में नहीं बैठा है वह जाग चुका है ✨ #PermanentCHO
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राजस्थान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (RACHO) द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर करीब 9700 संविदा CHO के हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पिछले चार वर्षों से अधिक समय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोरोना काल के दौरान भी इन अधिकारियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। संगठन ने मांग की है कि तीन वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके CHO का स्क्रीनिंग के माध्यम से नियमितीकरण किया जाए, जिससे उन्हें सेवा सुरक्षा और कैरियर उन्नति का अवसर मिल सके।
इसके अलावा, संगठन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के नियमों के अनुसार अनुभव और सेवाओं के आधार पर लॉयल्टी बोनस एवं अन्य सुविधाएं देने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारियों को उचित सम्मान और स्थायित्व मिलना चाहिए।
संगठन का मानना है कि यदि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल भी बढ़ेगा। अब स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
#CHO
राजस्थान के हजारों संविदा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना प्रदर्शन....! CHO की मांग है की सरकार उनकी जल्द स्क्रीनिंग करके उनको नियमित करें ...! क्योंकि राजस्थान सरकार के संविदा सेवा नियम 2022 की नियमितिकरण की पात्रता यह हजारों संविदा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पूरी कर चुके हैं...! लेकिन चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते यह अभ्यर्थी आंदोलन करने को मजबूर है ..!
गौरतलब है कि गहलोत सरकार के समय वर्ष 2022 में संविदा सेवा नियम सरकार लेकर के आई थी उन नियमों के तहत 5 वर्ष की सेवा के बाद नियमित किए जाने का प्रावधान किया गया था...! (2 वर्ष की छूट) के बाद यह प्रावधान सिर्फ तीन वर्ष का रह जाता है..!
राजस्थान सरकार @RajCMO मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी @BhajanlalBjp एवं चिकित्सा मंत्री @GajendraKhimsar जी निवेदन है कि इन अभ्यर्थियों की मांग जल्द पूरी करके इनको नियमितीकरण का तोहफा दें....! ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा मजबूती के लिए इनका नियमितीकरण आवश्यक है..!
उम्मीद है सरकार जल्द संज्ञान लेगी!
वर्षों की सेवा, लाखों मरीजों का विश्वास और स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनने के बाद भी #CHOs अस्थायी क्यों?
सेवा पूरी, जिम्मेदारी पूरी, लक्ष्य पूरे— फिर अधिकार अधूरा क्यों?
मांग: कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण।
#PermanentCHOs@PMOIndia@JPNadda@myogioffice
2022 में नियुक्त CHOs 4 वर्षों से दूर-दराज़ क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यदि नई भर्ती को पसंद की पोस्टिंग मिल सकती है, तो वर्षों से कार्यरत CHOs को गृह जिले में रिलोकेशन का अवसर क्यों नहीं?
NHM एवं राजस्थान सरकार से मांग है कि पारदर्शी प्रक्रिया से रिलोकेशन किया जाए
#SawaiMadhopur : NHM की मनमर्जी
एक ही विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए अलग-अलग नियमों को लेकर उपजा आक्रोश, सवाई माधोपुर जिले के राजस्थान एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर संगठन के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारीयों ने अपने ड्यूटी समय में अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिर-सब सेंटर पर काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, NHM के द्वारा एक ही विभाग मेडिकल विभाग में सिर्फ CHO की ऑनलाइन उपस्थिति पंच इन और पंच आउट AMS system का विरोध करते हुए किया कार्य
@arvindswm@RammarothaSwm #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
एनएचएम (NHM) में संविदा पर कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) लंबे समय से ग्रामीण उपस्वास्थ्य केंद्रों पर आमजन को समर्पण भाव से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
इनके द्वारा नियमितीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही है, जो कि पूरी तरह से न्यायोचित और आवश्यक है। इनकी सेवा, निष्ठा और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में योगदान को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBJP जी से निवेदन है कि इस विषय पर संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता से संज्ञान लेते हुए इनकी मांगों को शीघ्र पूरा करें।
इससे न केवल सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं भी सुनिश्चित हो सकेंगी।
#CHO_को_नियमित_करो
एनएचएम में संविदा पर लगे CHO उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रहे है इनके द्वारा लंबे समय से नियमितीकरण की मांग की जा रही है मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी को इसपर उचित संज्ञान लेकर इनकी मांगो को पूर्ण करना चाहिए ।
#CHO_को_नियमित_करो