समाज से जातिगत अत्याचार मिटाने और सभी के लिए शिक्षा की अलख जगाने के लिए अपना समस्त जीवन समर्पित करने वाले महान समाज सुधारक, लेखक एवं अस्पृश्यता व जाति व्यवस्था विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता #ज्योतिबाफुले जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कृतज्ञ श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
एक पत्ता आपकी लीवर, किडनी और हार्ट को 70 साल तक बीमार नहीं होने देगा...
पपीता एक ऐसा फल है, जिसे लगभग सभी लोग खाना पसंद करते हैं. आपने यह जरूर पढ़ा होगा कि पपीता खाने के क्या-क्या फायदे हैं? लेकिन आज हम आपको पपीता के पत्तों का रस पीने के फायदे बताने वाले हैं. पपीते के पत्तों में कई तरह के बीमारियों का इलाज संभव है. पपीता का पत्ता आपकी लीवर, किडनी और हार्ट को 70 साल तक बीमार नहीं होने देगा. तो चलिए जानते हैं इसके बारे में। आपने पपीते का सेवन कभी ना कभी तो जरुर ही किया होगा| पपीता को आप सब्जी और फल दोनों बोल सकते है| पपीता जब कच्चा होता है तो इसे लोग सब्जी बनाकर खाते है| वहीँ जब पपीता पाक जाता है तब इसे फल के रूप में खाया जाता है| आपको शायद पता ना हो तो मैं आपको बता दू की पके पपीता में सभी फलो से ज्यादा गुण पाए जाते है| इसलिए अगर आप नियमित रूप से पपीते का सेवन करते है तो आपका शरीर कई बीमारियों से दूर ही रहता है|
◾ पपीता बालों और त्वचा के लिए भी अच्छा होता है. पपीते का उपयोग उपयोग सलाद के रूप में भी किया जाता है। तो आइए पपीता के क्या-क्या फायदे हैं और इसका उपयोग किस-किस तरह से किया जा सकता है। पपीता केवल फल नहीं है यह एक दवाई भी है क्योंकि यह पेट से दिल तक स्वस्थ्य लाभ पहुंचता है। पपीता एक ऐसा फल है, जो कच्चा और पका हुआ दोनों ही रूप में खाया जाता है। सबसे अच्छी बात यह है पपीते में कई तरह के विटामिन मिलते हैं, नियमित रूप से खाने से शरीर में कभी विटामिन्स की कमी नहीं होती। बीमार व्यक्ति के लिए भी यह बहुत फायदेमंद होता है। यह आसानी से अवशोषित होकर शारीर को काफी फायदा पहुचता है। पपीते में पपेन नामक पदार्थ पाया जाता है जो मांसाहार गलाने के काम आता है। भोजन पचाने में भी यह अत्यंत सहायक होता है।
◾ पपीता आसानी से हजम होने वाला फल है। पपीता भूख व शक्ति को बढ़ाता है। यह प्लीहा (तिल्ली), यकृत (लीवर), पांडु (पीलिया) आदि रोग को समाप्त करता है। पेट के रोगों को दूर करने के लिए पपीते का सेवन करना लाभकारी होता है। पपीते के सेवन से पाचनतंत्र ठीक होता है। पपीते का रस अरूचि, अनिद्रा (नींद का न आना), सिर दर्द, कब्ज व आंवदस्त आदि रोगों को ठीक करता है। पपीते का रस सेवन करने से अम्लपित्त (खट्टी डकारें) बंद हो जाती है। पपीता पेट रोग, हृदय रोग , आंतों की कमजोरी आदि को दूर करता है। पके या कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर खाना पेट के लिए लाभकारी होता है। पपीते के पत्तों के उपयोग से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है और हृदय की धड़कन नियमित होती है।
◾पपीते के पत्ते के फ़ायदे ◾
1. डेंगू :- डेंगू के उपचार के लिए पपीते के पत्तों का रस रामबाण की तरह कार्य करता है. पपीते के पत्तों का रस ब्लड में प्लेटलेट्स और आरबीसी को बढ़ाता है। जिससे ब्लड सर्कुलेशन में तेजी से सुधार होता है।
2. कैंसर :- कैंसर की रोकथाम में पपीते का पत्ता लाभदायक होता है। पपीते के पत्तों में एंटी ट्यूमर गुण पाए जाते हैं. जो ट्यूमर को बढ़ने से रोकने में सहायक होते हैं. पपीते के पत्तों का रस सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और फेफड़ों के कैंसर को होने से रोकते हैं।
3. कब्ज :- पपीते के पत्तों का रस कब्ज दूर करने में भी लाभकारी साबित होता है। क्योंकि यह एक लैक्सेटिव के रूप में भी जाना जाता है. लैक्सेटिव कब्ज की समस्या को दूर करता है।
4. लीवर, किडनी और हार्ट :- पपीते के पत्तों का रस शरीर की इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करते हैं। पपीते के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं. जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने और लीवर, किडनी और हार्ट को सही रखने में सहायक होते हैं। साथ ही यह हमारे हार्ट को भी स्वस्थ बनाए रखता है।
◾पके पपीते खाने के फायदे ◾
🔹माता-बहनो के लिए : पीरियड के दौरान महिलाओं को पपीते का सेवन जरुर करना चाहिए| पपीते में पाए जाने वाला गुण मासिक चक्र को बनाए रखता है साथ ही उस दौरान होने वाले पेट दर्द को कम करने में मदद करता है|
🔹 आँखों की रौशनी :- पके पपीते में विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में मौजदू होती है| जिसका सेवन रोजाना 10 दिनों तक करने से आँखों की रौशनी बढती है साथ ही बढती उम्र के साथ होने वाली बीमारियों से भी बचाए रखता है|
🔹मोटापा :- अगर आपका वजन काफी ज्यादा है और आप अपने वजन को घटाना चाहते है| तो अपने डाईट में पके पपीते को जरुर शामिल करे| सिर्फ 10 दिनो तक लगातार पके पपीते खाने से आपको अपने शरीर में फर्क दिखना शुरू हो जाएगा|
🔹 दिल की बीमारी- : पपीते में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ए, सी और इ पाया जाता है। इस ऑक्सीडेंट से शारीर में कोलेस्ट्रॉल नहीं जम पाता, जिससे वजह से दिल की बीमारी नहीं होती। इसके अलावा इसमें फाइबर होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को खून में कंट्रोल कर
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Computer education is an important part of the learning process. The computer has now replaced the pen and paper to write in the exam and assignments as it has become an important part of the education system.
#बिहार_बोर्ड_मांगे_कंप्यूटर_शिक्षा@NitishKumar@yadavtejashwi