VIDEO | Delhi: Haryana Congress leaders meet at the residence of party leader Bhupinder Singh Hooda to discuss preparations for the rally at Ramlila Maidan on Nov 1.
Speaking to reporters, Hooda says, “This is not just a big rally; it is a mega rally, as Rahul Gandhi has said, and lakhs of people will attend it. Haryana will have the highest participation. Our colleagues who are present here today include sitting and former MLAs and district presidents. All of them are our strong supporters, and they have assured us that this will be the biggest rally ever held. There is no doubt about it..."
केजरीवाल की घोटाले वाली शराब नीति पर रेखा गुप्ता जी विधानसभा में खड़े होकर बहनों के उजड़ते घरों की दुहाई देती थीं।
आज खुद सत्ता में आकर शराब की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी!
केजरीवाल हों या रेखा गुप्ता, दिल्ली के परिवारों की चिंता आखिर किसे है?
रेखा जी, अब दिल्ली की बहनों के खून के आँसू दिखाई नहीं देते?
फॉर्म 16 लेकर भाजपा के लोग अंदर जा रहा थे जिसपर मोहर भी नहीं लगा हुआ था। पूछने पर बस फाइल है बोल रहे थे। और खाना का टिफिन दिखा रहे थे। मीडिया के दबाव में जब देखा गया तो फॉर्म 16 निकला... आखिर अंदर फॉर्म 16 लेकर जाने का क्या मतलब है....वोट चोरी ही न??
Congress hits the streets! 🔥
Congress leaders stage a flash protest outside the Railway GM’s office, demanding special trains for the Delhi protest on November 1
राहुल से हलफनामा मांगने वाला चुनाव आयोग अब अपने जवाब पर ही क्यों घिरा है?
केपी मलिक बोले: मिलकर फैसले लेने की बात दोहराई गई, लेकिन असली सवालों के जवाब कहां हैं!
दूसरे चुनाव आयुक्तों की चिट्ठियों और उनके जवाब का हिसाब कौन देगा?
अखबार की रिपोर्ट पर उठे सवालों को सफाई में टाल दिया गया।
साथ बैठकर फैसले हुए तो बैठक का वीडियो सामने क्यों नहीं आता?
राहुल गांधी अब मतदाता सूची के विवाद को सड़क की लड़ाई बना रहे हैं।
देखिए 4PM Editor-in-chief संजय शर्मा @Editor_SanjayS और वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकार @TheKPMalik का विश्लेषण
अन्ना आंदोलन में तो ये लंगर खिला रहे थे,नाच रहे थे
कोई फर्क नहीं पड़ेगा व्यापार पर उल्टे व्यापार बढ़ेगा। गारंटी।
क्योंकि जो लोग बाहर से रैली में आयेंगे वो सदर बाजार से, चांदनी चौंक से करोल बाग से खरीदारी करेंगे। जितना ज्यादा फुट फॉल होगा, उतना अधिक व्यापार बढ़ेगा।
एक दिन भारत में मोदी का नाम शर्म से लिया जाएगा,
और अडानी या तो देश छोड़ कर भागेगा या फिर अडानी ग्रुप को नेशनलाइज किया जाएगा।
-Mark my words.
यदि मुकेश अंबानी समय रहते नहीं सुधरे तो उनको भी गंभीर नुकसान होने वाला है।
डेमोक्रेसी जब खत्म होने पर आती है तो जनता और आने वाली सरकारें उन सभी बिजनेस और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाती है जिससे नए रेजीम में सर्वाइव करना असंभव हो जाता है,
रही बात कॉरपोरेट के फ्लेक्सिबल होकर अगली सरकार से फिर से nexus बनाने की, तो बता दूं, जुल्म की पराकाष्ठा होने पर नई सरकार और राजनीतिक पार्टियों के लिए यह असंभव बना देता है कि वो इन कॉरपोरेट्स का साथ दें,
उल्टा वो उनको नुकसान करेंगी, डेमोक्रेसी में जनता जब नेता और सत्ता के संस्थाओं को मानना ही बंद कर देती है तो सरकार और इन कॉरपोरेट्स की वैधता खत्म हो जाती है,
इसलिए सही सलाह ये है कि लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाए रखने के लिए कॉरपोरेट्स और बाकि लोगों को सरकार का उस वक्त बिल्कुल भी साथ नहीं देना चाहिए जब जुल्म की पराकाष्ठा सरकारें करने लगें,
उल्टा कॉरपोरेट्स को सरकार का खुले में विरोध करना चाहिए,
लेकिन इंडियन कॉरपोरेट्स अंबानी और अडानी में ये सब लगता ही नहीं है कि वो सरकार का विरोध करेंगे, उल्टा ऐसे लगता है कि ये खुद ही सरकार हैं।
ऐसी स्थिति में नए रेजीम में इनका भविष्य शून्य होगा, कोई देश छोड़कर भागेगा तो कोई घोटाले में फंसकर अपनी छवि गवां देगा, और अंततः जनता से मिली लेजिटमैसी भी।
मोदी BJP को पूरी तरह से खत्म करने पर आमदा हैं, आने वाली पीढ़ी मोदी सरकार का नाम भी नहीं लेगी और text books में पढ़ाया जाएगा कि लोकतंत्रों में कैसे नियंत्रण और संतुलन होने चाहिए,
मोदी एक इतिहास बनेगा लेकिन सुनहरा नहीं, भारत को कलंकित करने का। और अडानी के साथ ये 100 परसेंट ये होगा, और अंबानी की एक परसेंट स्कोप रख सकते हैं,
लेकिन जिस हिसाब से अंबानी मोदी के साथ लगे हैं, देखकर लगता नहीं है कि उनके बचने का भी कोई स्कोप है,
कई लोग कहेंगे कि "too big to fall",
लेकिन बता दूं ये तभी संभव हो पाता जब कॉरपोरेट्स में wisdom बची हो,
अंबानी जिस हिसाब से गठजोड़ कर रहा है धर्मिक गठजोड़ और RSS और मोदी के साथ भी, उसके बाद लगता नहीं है कि लौटने का कोई रास्ता बचा है।
हां चुनाव के लिए धन की आवश्यकता होती है लेकिन जुल्म की पराकाष्ठा पर कोई धन काम नहीं आता है, उल्टा जनता संस्थानों को मानना बंद कर देती है,
देखना ये है कि ये तानाशाही कितने दिन या साल और चलती है।
लखनऊ स्नातक खंड में कुल 10 राउंड की गणना होनी 5 राउंड की गणना के बाद समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी श्रीमती कांति सिंह जैसे ही 10 हजार वोटों से आगे हुई नारंगी अंडे फिरंगी कमलगट्टे भाजपाई बौरा गए और मतगणना स्थल पर ही पुलिस से भिड़ गए पुलिस वालों ने भाजपाइयों को जमकर कूटा है भाजपाई काउंटिंग छोड़कर भाग गए काउंटिंग का बहिष्कार करने लगे लेकिन डीएम साहब ने कह दिया जिसको जाना हो जाए काउंटिंग फाइनल रिजल्ट आने तक नहीं रुकेगी
चुनाव आयोग को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए इस लूट के बाद
लखनऊ में MLC मतगणना केंद्र पर बवाल! मतगणना कक्ष में घुसे भाजपाई, पुलिस से भिड़ंत के बाद मची अफरा-तफरी!
लखनऊ में MLC चुनाव की मतगणना के दौरान जमकर हंगामा! मतगणना में बेईमानी का आरोप लगाते हुए भाजपाई कक्ष संख्या 7 से 14 में घुस गए। पुलिस ने उन्हें खदेड़ा। हंगामे के दौरान कई सिपाही और भाजपाई जमीन पर गिर पड़े। गेट नंबर एक पर भी बवाल हुआ। आखिर मतगणना केंद्र पर क्यों बिगड़े हालात?
टाटा समूह को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है!
और कोई भी कारोबारी नेता एक शब्द भी बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा है।
कब तक चुप रहोगे? जब तक वे तुम्हें अपना गुलाम न बना लें?
भारत 🇮🇳 का व्यापार क्या मोदी और शाह का खिलौना है?क्या आप सब में साहस की कमी है?
हम तो नहीं डरेंगे हम इन अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे।
अभी तक राहुल गांधी खेती, किसानी, शिक्षा स्वास्थ्य, युवा, छोटे उद्योग धंधों वालों की आवाज उठा रहे थे। कांग्रेस के कार्यकर्ता उन्हें न्याय योद्धा कहते हैं। लेकिन आज राहुल गांधी ने जिस तरह से TATA के पक्ष में आवाज उठाई है। उस से साफ है कि राहुल गांधी कॉरपोरेट जगत में भी एक या दो व्यापारिक घरानों के आधिपत्य के खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। आज देश में उद्योगजगत के कई लोगों का मानना है सरकार उन्हें लेवल प्लेइंग फील्ड नहीं दे रही है..