ईमानदारी से देखा जाये तो पिछड़े वर्ग का हक अधिकार 'यादव-समाज' और एससी-एसटी वर्ग का हक अधिकार 'जाटव-समाज' की वजह से सुरक्षित है.!
क्योंकि ये दोनों जातियाॅं अपने अधिकारों को लेकर सैकड़ो वर्ष से जागरूक और संघर्षशील हैं.!
इसीलिए आरएसएस जानबूझकर पूरे पिछड़े समाज को यादव समाज से लड़ा रखा है और अब आरक्षण बॅंटवारे का लॉलीपॉप देकर पूरे एससी-एसटी वर्ग को जाटव समाज से लड़ाने का षडयंत्र रच रहा है.!
आरएसएस को पता है कि यादव समाज और जाटव समाज के अलावा उनका मुकाबला अभी कोई अन्य दलित पिछड़ा समाज नहीं कर पाएगा.!
आरएसएस के फेंके जाल मे फॅंसकर अगर हम सभी दलित पिछड़े समाज के लोग बिखरे तो आरएसएस सबको बारी बारी गुलाम बना लेगा, आरक्षण वारक्षण देना तो बहुत दूर की बात है.!
-केशव देव मौर्य
राष्ट्रीय अध्यक्ष,महान दल
कहाँ हैं दो करोड़ नौकरियाँ?
बोलिये! @narendramodi
आपने झूठ बोला. आप झूठे हैं मोदीजी.
बेरोज़गारी से त्रस्त युवा अपने सर्टिफिकेट और मार्कशीट गंगाजी में फेंक रहा है.
यही दिन दिखाने के लिए वोट माँग रहे थे?
डीग जिले के कामां में बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा "21 अगस्त भारत बंद" की देर रात को क्षतिग्रस्त कर दी गई थी।
इस मामले में विधायक नोक्षम चौधरी के अल्टीमेटम के बाद पुलिस ने आज 1 आरोपी को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।
उसके बाद क्षतिग्रस्त मूर्ति के स्थान पर नई मूर्ति स्थापित कर दी गई है।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है . जाँच करे . जो लोग दोषी पाए जाएँ उनके ख़िलाफ़ क़ानून सम्मत कार्रवाई हो . उन्हें उनके किए की सज़ा मिले . ये काम अदालत का है . आनन फ़ानन में बुलडोज़र से मकान -दुकान को रौंदकर किसी को सज़ा नहीं दी जा सकती है . क़ानून इसकी इजाज़त नहीं देता है .
जिस ढंग से पुलिस और प्रशासन ने इमारत को ज़मींदोज़ किया है , गाड़ियों को जेसीबी से कुचलकर कबाड़ बना दिया है , वो क़ानून सम्मत नहीं है .
मैं यही कहा है . इसी पर क़ायम हूँ .
क्या आरक्षण छोड़ देने के बाद संपन्न दलितों को वो सम्मान मिलेगा जो देश के सवर्ण समाज को मिलता है.?
मुझे लगता है नहीं मिलेगा। अरे.! यहां मांझी जी जब CM थे। राज्य के मुखिया थे। राजा की कुर्सी पर बैठे थे। मंदिर चले गए तो दुष्ट पुजारी ने मन्दिर धुलवा दिया।
बाकि लोगों की क्या इज्जत रहेगी। जातिसूचक गाली सुनते रहेंगे। मांझी जी भी संपन्न दलित हैं। लेकिन हर दिन बिहार के लोग, बीजेपी के लोग, उनकी अपनी पार्टी के सवर्ण नेता उन्हें जातिसूचक गाली देते हैं।
और ये महाशय आरक्षण छुड़वा रहें हैं।
यह कविता कई मुद्दों पर तथ्यों से भ्रामक और गलत है। @AnjulBamhrolia भाई, ऐसी चीजों को सकारात्मक रूप से क्यों बढ़ावा दे रहे हैं?
गांधी जी ने दलितों, विशेष रूप से मेहतर समाज को 'हरिजन' कहा, यह कहते हुए कि आप भगवान के जन हैं और बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। लेकिन क्या आप 'हरिजन' कहलाने पर गर्व कर सकते हैं?
इसी तरह, @dhruv_rathee शूद्र होने पर गर्व करने की बात कह रहे हैं, लेकिन गुलामी भरे वर्ण और जबरदस्ती थोपे गए इस पहचान पर किस प्रकार गर्व किया जा सकता है?
हस्तिनापुर एक प्राचीन नगरी है जिसका उल्लेख महाभारत में है, लेकिन इसे शूद्रों द्वारा बनाए जाने का दावा कर, महाभारत को इतिहास बता कर, गर्व करने की बात करना भी भ्रम फैलाना है।
यह सब Soft Hindutva के प्रचार का हिस्सा है।
2. इसको लेकर 21 अगस्त के भारत बंद के बावजूद अगर केन्द्र इसमें जरूरी सुधार के लिए गंभीर नहीं तो यह सोचने वाली बात है। पहले मा. कोर्ट में लचर पैरवी और अब उसको लेकर संविधान संशोधन बिल नहीं लाने से साबित है कि बीजेपी का एससी/एसटी आरक्षण विरोधी रवैया पूर्व की तीव्रता के साथ बरकरार है।
एससी एसटी के भारत बंद को देशविरोधी कहने वाली पत्रकार @shikha_thakur7 की जातिवादी मानसिकता बेहद निंदनीय एवं शर्मनाक। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को इसका स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। इस रवैये पर @Bharat24Liv इन्हें अपने चैनल से बाहर करें। @NCSC_GoI
डरो मत
राहुल गांधी ने दलितों को ही नहीं मुसलमान को भी ठगा है अब मुस्लिम समाज को जागना चाहिए अपनी आंखें खोलना चाहिए और जो लोग आपके साथ खड़े नहीं हो सकते उनको मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए चंद्रशेखर आजाद मध्य प्रदेश में चली बुलडोजर पर खुलकर बोले हैं पर जिनको आप लोगों ने वोट दिया वह चुप बैठे हैं ? और बोल रहे डरो मत इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी
मगर
डरो मत क्योंकि @RahulGandhi ने कहा है
डरो मत।
बस झेलो जो रहा देखो बस डरो मत
दोस्तों, मैं पहले एक एक्टिविस्ट था लेकिन अब एक राजनीतिक विश्लेषक हूँ. कुछ दिनों से गंभीर मुद्दों की वजह से मुझे फिर से एक एक्टिविस्ट के रूप में आना पड़ा. अब फिर से वही अपनी पुरानी विश्लेषण वाला कार्य शुरू रहेगा. चुनाव भी आ रहे है तो कार्य भी ज़रूरी है।
कुछ लिबरल बुद्धिजीवियों का बड़ा हिस्सा इन दिनों SC-ST पर सुप्रीम कोर्ट के हाल के फ़ैसले का समर्थन करते हुए अति-वंचित SCs और अति वंचित STs का ऐसा ‘हमदर्द’ बनकर उभरा है कि पूछिये मत! इसमें ऐसे लोग भी हैं जो इन तबके के लोगों को अपने ड्राइंग रूम में कुर्सी तक न दें!
हम आपका हक नहीं खा रहे हैं अज्ञानी जी चलिए मैं अपनी ही बात बता देता हूं, एक गुप्ता जी की कंपनी है सिक्योरिटी की दिल्ली में तो उनसे किसी दोस्त की थ्रू मुलाकात हुई तो उन्होंने मुझे पार्टनरशिप के लिए ऑफर दिया मैंने उनसे पार्टनरशिप कर लिया उसमें 50% क्या आप मेरा शेयर है, जब मैं वहां बैठने लगा तो मैं देखा,
मुझे लगता था कि बस एससी एसटी ओबीसी वाले ही गार्ड होगे लेकिन,जब गया वहां पर देखा सब थे ब्राह्मण,राय, ठाकुर जाटव,यादव,वाल्मीकि मतलब सर्व समाज, तो वहां पर मैं दो गार्ड से मिला पहले बाउंसर का काम करते थे हाइट 6 फीट 6 फीट 2 इंच शरीर एकदम बढ़िया शानदार दोनों वाल्मीकि समाज से थे लेकिन उनका एजुकेशन 8वीं पास था और दूसरा 5 भी या छठी,
मैं जाटव समाज से हूं मेरा एजुकेशन MBA मेरा भी हाइट 6 फीट है,
अब बताइए अज्ञानी जी अगर कोई एग्जाम होता है वह दोनों और मैं तीनों फॉर्म भर देंगे जब वह दोनों एलिजिबल ही नहीं होंगे उनके पास डिग्री ही नहीं है और मेरे पास डिग्री है मैं एलिजिबल हूं तो मैं ही बस फॉर्म भर सकता हूं ना
फिर आप बताइए मैं उनका हक कैसे खा रहा हूं हाइट में हम तीनों एक जैसे शरीर मे भी एक जैसे,
आप बाल्मीकि समाज के बच्चे को एजुकेशन के लिए प्रोत्शाहित करिए,
आप अगर अलग भी हो जाएंगे तो आपका हक कहां जाएगा Not for suitable करके वही चीज जनरल कोटा में डाल दी जाएगी तो पहले अपने समाज को जागरुक करे, पढ़ाईये लिखाइए फिर बात करिए उप वर्गीकरण का फिर बोलिए इनके झांसे में ना आइए!
हमारी एक पीढ़ी ने गवर्नमेंट जॉब कर लिया है हम खुद नहीं चाहते हम खुद नहीं आरक्षण का लाभ ले रहे हैं क्योंकि हम कैपेबल है बिजनेस करते हैं हम प्राइवेट सेक्टर में अच्छा जॉब कर सकते हैं अच्छा इनकम कमा सकते हैं ऐसे ही हमारे भाई है रिश्तेदार है बहुत लोग बहुत एग्जांपल दे सकता हूं!!
@Ravindr96380642
@ashokagyani