👉ब्रो का नाम ज़ोहेब खान है।
👉ब्रो की उम्र 20 वर्ष है और ये भोपाल का रहने वाला है।
👉ब्रो BBA की पढ़ाई कर रहा है।
👉ब्रो ने इंस्टाग्राम में एक रील देखा जहाँ बताया जा रहा था कि आदमी के आंड़ की कीमत 6 करोड़ रुपये होती है। अरब कंट्रीज में ये करोड़ों में बिकते हैं।
👉ब्रो ने BBA की पढ़ाई को साइड में रखा और एके बार में 6 करोड़ रुपये कमाने की सोची।
👉ब्रो ने ऑनलाइन स्टेथेस्कोप, एप्रोन और एक थरमामीटर मंगाया। और खुद को मेडिकल स्टूडेंट दिखाना शुरू किया।
👉ब्रो ने फिर एक गैंग बनाना शुरू किया। कुल चार लड़कों को इकट्ठा किया।
👉ब्रो ने इन चारों को बताया कि तुम्हें कुछ करना नहीं है। गली मोहल्ले में जो गरीब लड़के होते हैं न मोस्टली फेरी वाले उन सब में से ही किसी को निशाना बनाना है। उसके बाद क्या करना है मैं बताऊंगा।
👉 ब्रो को इसके गैंग ने इक़बाल मैदान और मोती मस्जिद के पास पेन और चाभी रिंग बेचने वाले 16 साल के लड़के नाम रेहान को चिन्हित कर के दिया।
👉ब्रो ने उसे किसी तरह सुनसान इलाके में ले जाने को कहा। दो बार फेल हुए लेकिन तीसरी बार सुनसान इलाके में ले जाने में कामयाब रहे।
👉ब्रो ने वीडियो कॉल के माध्यम से पूरा निर्देशित किया कि कैसे मारना है। गैंग ने चाकू मार-मार के उक्त लड़के को मार दिया।
👉ब्रो ने फिर कहा कि इसके आंड़ काटो और मेरे पास ले के आओ.. और बॉडी को झील में फेंक दो।
👉ब्रो ने आंड़ को बर्फ में पैक करके अपने छत के ऊपर रख दिया।
👉ब्रो इसके बाद ग्राहक ढूंढ़ने लगा। लेकिन ब्रो को कोई ग्राहक नहीं मिला। तीन दिन हो गए कोई ग्राहक नहीं।
👉ब्रो को उसके बाद ये आंड़ कैसे प्रिजर्व करके के रखना है का आइडिया नहीं मिला।
👉ब्रो ने फिर अपने लड़कों को बुला कर एक-एक आंड़ हाथ में थमा दिया और कहा कि एक आंड़ ऊपर झील में फेंक दो और एक आंड़ नीचे झील में।
👉ब्रो बाद में पकड़ा गया।
👉ब्रो 6 करोड़ का आंड़ तो नहीं बेच गया लेकिन अपनी गां$ जरूर मरवा लिया।
👉ब्रो को अंड़कटवा आदाब रहेगा।
मिसोजिनिस्ट गंगवा,
पेण से।
क्या देश मे सच क़ानून व्यवस्था खत्म हो गई है पुलिस पूरी तरह से गुंडागर्दी पे उतर आई ।।
अपराधी को सजा न्यायलय देती है या पुलिस कर्मी देंगे एक व्यक्ति को इतनी बेरहमी से क्या पीटना सही है ये तो सविधान और क़ानून का ब्लंडर हो रहा है ।।
उपरोक्त वीडियो किस समय और किस जगह का है मुझे नही मालूम है।।
@PMOIndia@narendramodi@CMOfficeUP Respected PM sir & Yogi ji, This is to bring to your kind notice that we recently visited Varanasi for Kashi Vishwanath Mandir darshan and other temples. But the kind of mismanagement we experienced & noticed at kasi Vishwanath Mandir was bad
Continued: that every person was trying to extract money from the devotees & visitors, we purchased sugam darshan ticket ₹300 each but still couldn't darshan properly the police personnel on duty there were literally pushing every one and didn't let anyone stand for a second.
When I objected to it the lady guard said "20 minutes khade rahoge kya" this was our first visit to Varanasi and the experience is not good also pandits were trying to make people fool in the name of pooja and darshan & trying to extract huge money from people. While coming out
Staff and people misguided us and sent us in narrow streets instead of gate no. 04 which were so dirty with a lot of garbage there and we all were barefoot as our shoes were in a shop outside the temple. We request you to kindly look into this as all this leaves a bad experience.
Staff and people misguided us and sent us in narrow streets instead of gate no. 04 which were so dirty with a lot of garbage there and we all were barefoot as our shoes were in a shop outside the temple. We request you to kindly look into this as all this leaves a bad experience.
@PMOIndia@narendramodi@CMOfficeUP Respected PM sir & Yogi ji, This is to bring to your kind notice that we recently visited Varanasi for Kashi Vishwanath Mandir darshan and other temples. But the kind of mismanagement we experienced & noticed at kasi Vishwanath Mandir was bad
When I objected to it the lady guard said "20 minutes khade rahoge kya" this was our first visit to Varanasi and the experience is not good also pandits were trying to make people fool in the name of pooja and darshan & trying to extract huge money from people. While coming out
माननीय महोदय @AlwarPolice@PoliceRajasthan यह समीन ख़ान नामक व्यक्ति जो गोविन्दगढ़ अलवर 301604 का रहने वाला है।
यह लगातार मेरी AI द्वारा घटिया फोटो एडिट कर के मेरी छवि को धूमिल करने का निरंतर प्रयास कर रहा है।
मेरे बारे में गाली भरी वीडियो और गंदी एडिटिंग कर के बहुत ही अभद्र भाषा शैली का इस्तेमाल कर वीडियो बाजी कर रहा है।
माननीय @AlwarPolice से मेरा निवेदन है इस असामाजिक तत्व पर सख्त से सख्त कार्यवाही करे और संगीन धारा व महिला गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस पद मुकदमा दर्ज कर के सुनिश्चित करें।🙏🏻🥹
आपकी अति कृपा होगी।🥹@RajCMO@PoliceRajasthan
https://t.co/j7CaT9aTUd
#Repost
अम्बेडकर के बारे में फैलाये गये मिथक और उनकी सच्चाई ?
▪️1-मिथक-अंबेडकर बहुत मेधावी थे।
सच्चाई - अंबेडकर ने अपनी सारी शैक्षणिक डिग्रीयां तीसरी श्रेणी में पास की।
▪️2-मिथक -अंबेडकर बहुत गरीब थे!
सच्चाई -जिस जमानें में लोग फोटो नहीं खींचा पाते थे उस जमानें में अंबेडकर की बचपन की बहुत सी फोटो है, वह भी कोट पैंट और टाई में!
▪️3-मिथक- अंबेडकर ने शूद्रों को पढ़ने का अधिकार दिया !
सच्चाई -अंबेडकर के पिता जी खुद उस ज़माने में आर्मी में सूबेदार मेजर थे! इसके अलावा सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 26sc और 33st के सदस्य शामिल थे !
▪️4-मिथक- अंबेडकर को पढ़नें नहीं दिया गया।
सच्चाई -उस जमानें में अंबेडकर को गुजरात बडोदरा के क्षत्रिय राजा सियाजी गायकवाड़ नें स्कॉलरशिप दी और विदेश पढ़ने तक भेजा और ब्राह्मण गुरु जी ने अपना नाम अंबेडकर दिया।
▪️5-मिथक- अंबेडकर नें नारियों को पढ़ने का अधिकार दिया!
सच्चाई- सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 15 महिलाएं शामिल थी जिसमें एक दलित महिला भी शामिल थी और इन 15 महिलाओ ने संविधान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया!
▪️6- मिथक-अंबेडकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे!
सच्चाई -अंबेडकर नें सदैव अंग्रेजों का साथ दिया भारत छोड़ो आंदोलन की जम कर खिलाफत की एंव जिस साइमन कमीशन ने लालालाजपत राय की हत्या की और भगतसिंह को फांसी हुई, अम्बेडकर अंग्रेजों के उस साइमन कमीशन के साथ थे एंव अंग्रेजों को पत्र लिखकर बोला कि आप और दिन तक देश में राज करिए उन्होंने जीवन भर हर जगह आजादी की लड़ाई का विरोध किया।
▪️7-मिथक -अम्बेडकर बड़े शक्तिशाली थे!
सच्चाई- 1946 के चुनाव में पूरे भारत भर में अंबेडकर की पार्टी की जमानत जप्त हुई थी।
▪️8- मिथक-अंबेडकर नें अकेले आरक्षण दिया!
सच्चाई- आरक्षण संविधान सभा नें दिया जिसमें कुल 299 लोग थे, अंबेडकर का उसमें सिर्फ एक वोट था आरक्षण सब के वोट से दिया गया था और भारत में कई दलित जातियों को आरक्षण 1909 में ही दे दिया गया था !
▪️9-मिथक-अंबेडकर ने सविंधान बनाया।
सच्चाई- अंबेडकर केवल संविधान की 16 समितियों में से सिर्फ एक प्रारूप समिति के ही अध्यक्ष थे जबकि सविंधान बनाने वाली पूरी संविधान सभा के अध्यक्ष परम् विद्वान डाक्टर राजेंद्र प्रसाद जी थे और सविंधान का मसौदा, ढांचा बी एन राव ने बनाया था !
▪️10-मिथक-अंबेडकर राष्ट्रवादी थे।
सच्चाई-1931में गोलमेज सम्मेलन में गांधी जी से भारत के टुकड़े करनें की बात कर दलितों के लिए अलग दलिस्तान की मांग की थी।
▪️11-मिथक- आरक्षण को लेकर संविधान सभा के सभी सदस्य सहमत थे।
सच्चाई- इसी आरक्षण को लेकर सरदार पटेल से अंबेडकर की कहा सुनी हो गई थी। पटेल जी संविधान सभा की मीटिंग छोड़कर बाहर चले गये थे, बाद में नेहरू के कहनें पर पटेल जी वापस आये थे। सरदार पटेल नें कहा कि जिस भारत को अखण्ड भारत बनानें के लिए भारतीय देशी राजाओं, महराजाओं, रियासतदारों, तालुकेदारों नें अपनी 546 रियासतों को भारत में विलय कर दिया जिसमें 513 रियासतें क्षत्रिय राजाओं की थी।इस आरक्षण के विष से भारत भविष्य में खण्डित होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
▪️12-मिथक-अंबेडकर स्वेदशी थे।
सच्चाई-देश के सभी नेताओं का तत्कालीन पहनावा भारतीय पोशाक धोती -कुर्ता, पैजामा-कुर्ता, सदरी व टोपी,पगड़ी, साफा आदि हुआ करता था। गांधी जी नें विदेशी पहनावा व वस्तुओं की होली जलवाई थी। यद्यपि कि नेहरू, गाधीं व अन्य नेता विदेशी विश्वविद्यालय व विदेशों में रहे भी थे फिर भी स्वदेशी आंदोलन से जुड़े रहे।अंबेडकर की कोई भी तस्वीर भारतीय पहनावा में नही है।अंबेडकर अंग्रेजियत के हिमायती थे ।
अंत में कहना चाहते हैं कि अंग्रेज जब भारत छोड़ कर जा रहे थे तो अपने नापाक इरादों को जिससे भविष्य में भारत खंडित हो सके के रुप में अंग्रेजियत शख्सियत अंबेडकर की खोज कर लिए थे।
हमारा उद्देश्य सच्चाई बयां करने की कोशिश करना है।तथ्यों की जानकारी स्वयं अपने स्तर पर भी पता कर सकते हैं। ये सभी तथ्य गूगल पर मिल जायेंगे।
सादर धन्यवाद पढ़ने के लिए !!🙏
-साभार