मैं इन टीचर को नहीं जानती, लेकिन जो ये कह रही हैं उसमें दम है.
मैंने पाया है कि अंजना ओम कश्यप को और कोई भाषा शायद आती हो, लेकिन शिष्ट हिंदी बोलना अंजना ओम कश्यप को नहीं आता.
पिछले 12 सालों में मीडिया पर कोई नैतिक नकेल नहीं कसी गई, बल्कि उसे साम्प्रदायिकता फैलाने की खुली छूट दी गई, और अंजना ओम कश्यप ने इसका भरपूर फायदा उठाया.
इसलिए ये टीचर जो कह रही हैं, वो बिल्कुल सही है.
और मैं ये दोबारा कहूंगी कि अंजना ओम कश्यप को सभ्य भाषा प्रयोग के लिये हिंदी की कोचिंग अवश्य लेना चाहिए, जिससे वे केवल साक्षर नहीं, बल्कि शिक्षित भी हो सकें.
ये रांची झारखंड की लॉरेटो कॉन्वेंट से पढ़ी है। पहले यहां सिर्फ प्रथम श्रेणी के अधिकारियों कि बेटियां ही पढ़ा करती थी जहां स्कूल में हिंदी बोलना निषेध था। इस स्कूल से पास करने वाली लड़कियां बाकी स्कूल कि लड़कियों से कॉलेज में सीधे मुँह बात नहीं करती थी। इनमें एक अलग अकड़ होती थी।
मैं इन टीचर को नहीं जानती, लेकिन जो ये कह रही हैं उसमें दम है.
मैंने पाया है कि अंजना ओम कश्यप को और कोई भाषा शायद आती हो, लेकिन शिष्ट हिंदी बोलना अंजना ओम कश्यप को नहीं आता.
पिछले 12 सालों में मीडिया पर कोई नैतिक नकेल नहीं कसी गई, बल्कि उसे साम्प्रदायिकता फैलाने की खुली छूट दी गई, और अंजना ओम कश्यप ने इसका भरपूर फायदा उठाया.
इसलिए ये टीचर जो कह रही हैं, वो बिल्कुल सही है.
और मैं ये दोबारा कहूंगी कि अंजना ओम कश्यप को सभ्य भाषा प्रयोग के लिये हिंदी की कोचिंग अवश्य लेना चाहिए, जिससे वे केवल साक्षर नहीं, बल्कि शिक्षित भी हो सकें.
@airtelindia Right now I know there are multiple airtel fiber connection are active on different locations of outside of my city fraudulently using my adhar number without verification.
It's a serious issue.
शपथ के बाद जश्न मनाने का ये कैसा तरीका है ? ममता बनर्जी के घर के बाहर जाकर नारेबाजी करना, हुड़दंगबाजी करना ? तीन बार CM रही हैं ममता बनर्जी इतना लिहाज़ बनता है
Dear @KolkataPolice . Since you like watching social media videos. Watch this. This is in front of @MamataOfficial’s home. Is this how you keep a ruled for 15 years chief minister safe?
अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना का जयचंद नही बनते तो मुंबई में बीजेपी का मेयर कभी नही बनता!
मराठी जनता शिंदे को जयचंद के तौर पर याद रखेगी
@Dev_Fadnavis
@mieknathshinde
अफ़सोस। हर साल का यह शर्मनाक तमाशा। प्रधानमंत्री शायद मन की बात में इस हिंसा का विरोध करें। सुधांशु त्रिवेदी उदारता पर कोई श्लोक सुना सकते हैं ? अगर इन्हें रोकने की बात नहीं कर सकते तो ।
गांधी के सामने कोई झुक नहीं रहा, वो तो राजनीतिक शिष्टाचार है,
इसी तरह की राजनीतिक शिष्टाचार निभा रहे थे आडवाणी जिन्ना के साथ, फिर हो गया राजनीतिक वनवास।
इतनी अकल आप लोगों को होती,
मोदी नहीं राहुल गांधी की सत्ता होती।
This image demolishes the Islamophobia excuse.
The world doesn’t hate Islam.
The world hates terrorism.
He is Ahmed Al Ahmed …a Muslim who risked his life to save hundreds of Jews from an Islamist terrorist.
If the world were Islamophobic, he wouldn’t be honoured.
Respect isn’t demanded. It’s earned by values, courage and humanity.
Stop hiding behind victimhood, Islamophobia
Be Ahmed Al Ahmed.
Fight terrorists.
Confront radical ideology.
गोवा के एक नाइट क्लब में आग लगी, 29 लोग जलकर मर गए. क्लब के मालिक लूथरा बंधु थाईलैंड भाग गए!
ये सरकार अपनी सारी बहादुरी मेरे ख़िलाफ़ दिखाती है.
एक मामूली लड़की की इतनी हिम्मत कि वो सरकार से सवाल पूछ ले! डरा दो इसे…मुक़दमा कर दो…बोली लगवा दो इसकी…जेल भेज दो इसे.
एक विक्षिप्त बालक जो उम्र के हिसाब से प्रौढ़ हो चुका है, भाजपा चाहती है कि ये हमेशा चर्चा में रहे ताकि जनता को बता सके कि क्या ये विक्षिप्त प्रौढ़ बालक मोदी जी का विकल्प हो सकता है?
ग़ज़ब चुतियापा है। ध्वजारोहण पर तुम्हे मोदी जी देश के प्रधानमंत्री दिख रहे हैं तो राहुल को क्यों नहीं समझाते कि देश के प्रधानमंत्री से तुम तड़ाक की भाषा में बात नहीं करते।
"किस हैसियत से मोदी जी राम मंदिर में झंडा फहरा सकते है "
--- रशीद अल्वी, कांग्रेस नेता
👉100 करोड़ हिंदुओं ने उनको वोट देकर अधिकार दिया है
मजहब वाले राम मंदिर से दूर रहे