कुंभकर्ण से भी ज्यादा घनघोर निंद्रा में तो हमारा समाज सोया है..
फ्रांस का एक शिक्षक अकेला मर कर पूरे फ्रांस को जगा गया...
और हम कमलेश, चंदन, नितिका, राहुल राजपूत, गुड़िया, हजारो कश्मीरी हिंदू खोने पर भी सोए हुए हैं और सेकुलर बनकर भाईचारे का सपना देख रहे हैं..
जागो सनातनियों
अभी वक्त है सवर्ण भाई बहनो
संभल जाओ एक धागे से बंध जाओ वरना भविष्य स्वयं सोच लो ?????????
आरक्षण हम भोग रहे हमारे बच्चे भी भोगे ऐसा ना होने दो ।अलग अलग कुछ नही होगा एक संगठन मे आओ ।मजिंल एक राश्ते एक फिर अलग क्यू सभी भाई बहन एक आवाज़ बुलंद करे।
#आरक्षण हटाओं
#आरक्षण मुर्दाबाद