@ngpnmc Dear NMC Team,
My are Sewerage line are blocked since 6 day's and we have to submit written and telephonic complaints 5-6 time but no one visit to the site, Pls resolved the issue ASAP.
Daulat Nagar, Manewada Besa road, near Durga mandir. 9503101060
@ngpnmc
Dear NMC,
Due to the water of Gadar Line in our area being formed outside, a lot of dirt and foul smell has spread.
I have given three-four complete applications in a week but no one has come yet.
Daulat Nagar, Manewada Besa road 440034
It is not expected from a researcher to omit the pioneering developments of Labour & Workers Movements of 19th century, and jumping just to post 1935 contributions in Indian context, Mr.Ritesh Jyoti !?
@IndianExpress @riteshjyotii @azimpremjiuniv
मिलावट का काम, चौगुने दाम!!
देश मे तेल अमूमन सौ रुपये के आसपास बिक रहा है, जबकि खुले बाजार में कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल है।
जब प्रति बैरल कीमत 135 डॉलर थी, तब हम सबने 65 रुपये में पेट्रोल खरीदा। मगर वह 2014 के पहले के बुरे दिन हुआ करते थे।
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अच्छे दिन की गर्माहट, पेट्रोल के दाम के साथ साथ बढ़ती रही है। नसीबो वाले पीएम के दौर में न सिर्फ अंतराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम गिरे, बल्कि वैश्विक हालात यूँ बने कि रूस ने हमे डिस्काउंट भी देना शुरू कर दिया।
तो जो तेल, बाकी दुनिया को 70 डॉलर प्रति बैरल में मिलता है, हमे लगभग 55 से 62 डॉलर प्रति बैरल में ही मिल जाता है। फिर इसमे कक्काजी मिलाते हैं एथेनॉल।
20% तो स्वीकारते है,
करते कितना है, खुदा जाने।
तेल की रिफाइनिंग औसत मूल्य 5 रु, परिवहन 2रु, डीलर कमीशन 3 रुपये जोड़ यह मिलावटी माल 46-47 रुपये का पड़ता है।
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इसे खरीदकर, जो कीमत आप चुकाते है, उसमे कितना पैसा किसको जाता है,देख लें। इसमे जो आधे से ज्यादा जो नारंगी हिस्सा है, उसे सुंदर भाषा मे टैक्स, और खऱाब भाषा मे डकैती कहते है।
गुस्सा होकर लड़ने न आयें।
अभी तो मैंने मिलावटखोर कहा ही नही है।
लूटतंत्र लम्बा चले, इसलिए रेलवे को मारकर, बीमार करके, लोगो को हाइवे पर चलाने बनाने का काम भी जोरो पर है। हाइवे ठेकों का क्या गणित है, अभी उस पर बात नही करता।
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एक दौर में समाजवादी मूर्ख सरकारें, मुनाफाखोर और मिलावटखोर पर छापे मारती थी, उन्हें जेल भेजती थी। तंग आकर उन लोगो ने एक पार्टी बनाई, 40 रु में तेल देने का सपना दिखाकर सत्ता में आये।
अब मिलावटखोरी और मुनाफाखोरी राष्ट्रीय उद्यम है।
कुछ वर्ष पहले किसी महापुरुष ने, जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहा था। वह तो महज 18-28% था। तेल में टैक्स नही, सीधी लूट है।।
जो राष्ट्रवाद और देशभक्ति की बंदूक खोपड़ी पर टिकाकर वसूली जा रही है। इस विषय पर लिखने वाला मैं पहला नही। यह सब हिसाब आपको पहले से पता है। लेकिन आपकी समस्या बहुत कठिन,
और सवाल बहुत बड़ा है।
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गब्बर नही तो कौन?
महाराष्ट्र में 5 बजे तक वोटिंग थी 58.22%
रात 11:30 बजे यह बढ़कर 65.02% हो गई।
मतगणना से पहले पहुँची 66.05%
यानी 76 लाख वोट जादू की तरह जोड़ दिए गए।🚨
❓क्या 5 बजे के बाद इतने लोग कतार में थे?
❓क्या EVM बंद होने के बाद भी वोट गिरते रहे?
❓फाइनल आंकड़े देने में दो दिन क्यों लगे?
यह लोकतंत्र नहीं, यह है वोट चोरी।🔥
और चोरी भी डंके की चोट पर।
वित्त मंत्री के पति परकला प्रभाकर और पत्रकार करन थापर की ये बातचीत सुनिए 👇
#Palestine #ManipurViolence #Rail2Mizoram #earthquake #VoteChori #VoteChorGaddiChor
Sudhir Chaudhary starts his first show Decode on DD News with Misinformation. Plays a 4-year old video from Israel as that of Indian air defence system.
बाल्टी राष्ट्रवाद
मुझे भारत से कोई शिकायत नहीं है। शिकायत करने वालों से शिकायत है। बारिश होते ही वीडियो की बारिश होने लग जाती है। मैं तय नहीं कर पाता हूं कि बारिश ज़्यादा हो रही है या वीडियो ज़्यादा वायरल हो रहे हैं।बारिश के दिनों में वारयल वीडियो को वायरिश कहना चाहिए। ऐसे वीडियो जो केवल बारिश के समय वायरल होते हैं। मैं मानता हूं कि संसद की छत से बारिश के पानी का टपकना अच्छा नहीं है लेकिन इसमें दोष वास्तु का नहीं है, बाल्टी का है। बाल्टी ने संसद की कमियों की शोभा बिगाड़ दी है। मैं स्पीकर होता तो व्यवस्थापकों को बुलाकर हड़काता कि सदन के भीतर बाल्टी कहां से आ गई। वह भी नीले रंग की बाल्टी। संसद है ये। मोहल्ले की शादी का तिलक नहीं है कि कहीं से चौकी ले आए, कहीं से बाल्टी। मैं गिनती करवाता कि संसद में प्लास्टिक की कितनी बाल्टी है, कितने मग हैं? और क्यों हैं? ये बाल्टियां कहीं वहां तो नहीं पहुंच गई हैं, जहां शावर लगे थे। जेट लगा था। अगर ज़्यादा हैं तो एक-एक बाल्टी सांसदों के साथ उनके घर भिजवा देता। हर सांसद अपने घर बाल्टी लेकर जाता। आप सोचिए अगर बाल्टी नहीं होती तो वीडियो इतना ख़राब नहीं लगता। बारिश का भी अपना क्लास है। बाल्टी लगाकर बारिश का क्लास ख़राब कर दिया गया है।
दोष बाल्टी का और गुस्सा बिमल पर। बिमल पटेल वास्तुकार हैं। बाल्टीकार नहीं हैं। दो मिनट भी लोग अपने प्वाइंट पर टिक कर बहस नहीं करते हैं। बाल्टी-बाल्टी करते हुए बिमल पर आ गए।अगर वह बाल्टी बिमल छाप है तब अलग बात है। संसद परिसर में पानी भर गया, उस पर इतना गुस्सा, उसी परिसर में पत्रकारों को एक पिंजड़े में बंद कर गिया तब किसी ने पूछा कि इसका वास्तुकार कौन है? कंटेनर बनाने का विचार किसका था और वास्तुकार कौन था? इतनी जल्दी पिंजड़ा किसने बनाया? गोदी मीडिया को भी डिब्बे में बंद कर दिया? क्या इसी दिन के लिए पत्रकारिता बंद की थी? क्या उस पिजड़ें को देखकर शर्म नहीं आ रही थी जो आप बाल्टी को देखकर शर्म करने लगे? इसलिए मुझे भारत से शिकायत नहीं है। शिकायत करने वालों से शिकायत है।
मैं स्पीकर होता तो सबको बुलाकर हड़काता कि यहां कोई बाल्टी नहीं होगी। मग्गा भी नहीं होगा। जी-20 में चांदी की थाली में भोजन परोसा गया था, उन सबको लाओ। दाल परोसने के लिए चांदी की बाल्टी ज़रूर बनी होगी, उससे पानी रोको। पानी पिलाने के लिए चांद का जग होगा, उन सबको लाओ और जहां-जहां से पानी टपक रहा है, वहां-वहां चांदी का जग रख दो। जी-20 के गोदाम में सब रखा होगा, अभी निकाल कर लाओ। फिर विपक्ष कभी इसका वीडियो नहीं बनाएगा क्योंकि उस वीडियो से जनता को गर्व होगा कि भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। चांदी की बाल्टी से बारिश का पानी रोक रहा है। इस डर से विपक्ष कभी वीडियो बनाएगा ही नहीं।
कितनी अच्छी बात है कि बारिश में दिल्ली दूसरे शहरों से अलग नहीं लगती। इससे उन शहरों के लोग अब ईर्ष्या नहीं करते जिनके यहां की सड़कें तीन-तीन दिन डूबी रहती हैं, बिजली नहीं आती है और एक वीडियो भी वायरल नहीं होता है। अब जाकर दिल्ली का शहरीकरण हुआ है। अभी तक उसका राजधानीकरण हो रखा था। गुरुग्राम की सड़कों पर पानी भर जाता है। इसमें क्या ब्रेकिंग न्यूज़ है? कब से भर रहा है। गुरुग्राम वालों को पता होना चाहिए कि ज़माना चेंज हो चुका है। वे अभी तक मिलेनियम की खुमारी में डूबे हैं, इधर ज़ेन-जी को कोई पूछ ही नहीं रहा। मिलेनियम सिटी पुरानी हो चुकी है। उस सिटी में जब तक थाली है और बालकनी है, बारिश की चिंता मत करें। टास्क मिलेगा। जल्दी मिलेगा। उन्हें भी पता है कि आप ITR भरनेे में बिज़ी हैं। घर-घर तिरंगा अभियान के तहत आपको गर्व करने का मौक़ा मिलेगा। अभी हम लोगों को एक दूसरे की सोच को भारतीय बनाना है, इसी से फुर्सत नहीं है, प्राचीन काल का सिलेबस पूरा नहीं हुआ और मार्डन टाइम का सिलेबस निकाल लाए हैं। हम देश को फार्वर्ड करना चाहते हैं और ये लोग वीडियो फारवर्ड करने में लगे हैं। राष्ट्रवाद के अविरल प्रपात को बाल्टी से रोकना चाहते हैं। ऐसे लोगों को दिन में दस डिबेट दिखाओ। हर मुद्दे पर एक ही बात करने लग जाएंगे। बाल्टी से बाल्टीमोर पहुंच जाएंगे। रवीश कुमार असली नाम टोबा टेक सिंह रिपोर्टिंग लाइव सर फ्राम अगड़म-बगड़म चौपाल।
@reliancejio मैंने 22 Jan 2023 को प्रीपेड रिचार्ज 719 Rs का मोबाइल नंबर 9503101060 पर किया, बैंक से पैसा कट गया, लेकिन अभी तक मोबाइल रिचार्ज नहीं हुआ Payment ID हैं 0586768053. Customer care से बात करने पर उल्टा जवाब देते हैं। कहते हैं हमारे पास पैसा ही नहीं आया।
@JioCare@reliancejio
मैंने 22 Jan 2023 को प्रीपेड रिचार्ज 719 Rs का मोबाइल नंबर 9503101060 पर किया, बैंक से पैसा कट गया, लेकिन अभी तक मोबाइल रिचार्ज नहीं हुआ Payment ID हैं 0586768053. Customer care से बात करने पर उल्टा जवाब देते हैं। कहते हैं हमारे पास पैसा ही नहीं आया।
@JioCare@reliancejio
मैंने 22 Jan 2023 को प्रीपेड रिचार्ज 719 Rs का मोबाइल नंबर 9503101060 पर किया, बैंक से पैसा कट गया, लेकिन अभी तक मोबाइल रिचार्ज नहीं हुआ Payment ID हैं 0586768053. Customer care से बात करने पर उल्टा जवाब देते हैं। कहते हैं हमारे पास पैसा ही नहीं आया।