Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this regard. This continues our series of steps for safeguarding the interests of students.
Those who try to harm the future of our youth will not be spared.
देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जब जनता जागती है तो नेताओं को ऐसे निकालती है😎
VIP कल्चर के ख़िलाफ़ अकेली महिला ने पूरा सिस्टम हिला दिया। मुंबई में मंत्री गिरीश महाजन को उनके कारण लगने वाले ट्रैफिक जाम के लिए आड़े हाथों लिया। निकल जाने को कहा। सरकारी सुरक्षाकर्मी भी बस मुँह ताकते रह गए।
Hospital bombed in Afghanistan… during Ramadan.
Patients, children, innocent lives… gone in seconds.
Where is international law now?
Where is humanity now?
आज के समय में जब अधिकांश लोग सुविधा की चादर ओढ़कर मौन साध लेते हैं, जब सत्य के पक्ष में बोलना जोखिम बन जाता है, तब कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो डर के अंधकार में भी साहस की मशाल जलाकर समाज को दिशा देते हैं। ऐसी ही एक निर्भीक, प्रखर और तेजस्वी आवाज हैं — प्रियंका चतुर्वेदी बहन।
प्रियंका बहन ने जिस साहस के साथ खुलकर UGC एक्ट का विरोध किया है, वह केवल एक राजनीतिक वक्तव्य नहीं, बल्कि न्याय और समानता के पक्ष में खड़ा होने का ऐतिहासिक उदाहरण है। जब अनेक लोग चुप्पी को ही समझदारी मान रहे थे, तब उन्होंने शेरनी की तरह दहाड़ लगाई और स्पष्ट शब्दों में समाज की चिंताओं को सामने रखा।
यह साहस सामान्य नहीं होता। यह साहस उस आत्मबल से जन्म लेता है जो अन्याय के विरुद्ध खड़ा होना जानता है। प्रियंका बहन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब बात समाज के अधिकारों, सम्मान और भविष्य की आती है, तब मौन रहना अपराध बन जाता है। उन्होंने निर्भीकता के साथ सवर्ण समाज की आवाज उठाई और यह दिखा दिया कि लोकतंत्र में हर वर्ग की पीड़ा को सुनना और कहना आवश्यक है।
आज पूरा सवर्ण समाज उनके इस शौर्यपूर्ण कदम पर गर्व करता है। धन्यवाद देना शायद उनके साहस को कम आंकने जैसा होगा, क्योंकि यह केवल धन्यवाद का विषय नहीं, यह नमन करने योग्य कार्य है। इतिहास ऐसे क्षणों को भूलता नहीं। जब कायर और बुझदिल लोग मौन साधे बैठे थे, तब एक बहन सिंहनी बनकर गरज रही थी।
प्रियंका चतुर्वेदी बहन का यह साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। समाज को ऐसी ही निर्भीक आवाजों की आवश्यकता है जो अन्याय के विरुद्ध खड़ी हों, बिना भय के, बिना समझौते के।
@priyankac19 प्रियंका बहन, आपका यह शौर्य, यह निर्भीकता और यह संघर्ष सदा स्मरणीय रहेगा। आपको कोटि-कोटि नमन।
यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडत’ को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। ऐसी इस जातिसूचक फिल्म (वेब सीरीज) ’घूसखोर पंडत’ पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बी.एस.पी. की यह माँग। साथ ही, इसको लेकर लखनऊ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना उचित कदम।
While any kind of caste discrimination on the campus is wrong, India has seen enough of students having to suffer the consequences of it, however shouldn’t the law be encompassing and ensure protection is guaranteed to all? Why this discrimination in application of law? What happens in case of false cases? How does one decide guilt?How does one describe discrimination- through words, actions or perceptions? The applicability of law has to be clear, precise and equal for all.
Hence instead of creating a bad environment on campuses I’d urge that the UGC notification either be
withdrawn or corrected.
वाह! रिपोर्टर को धन्यवाद कि अंत तक नेता को सम्मान से बात करने की बात कहते रहे। कैलाश विजयवर्गीय नाम के वरिष्ठ नेता हैं, जब आपको लोगों के मरने पर ऐसे शब्द चुनने पड़ते हैं तो आप घंटा के वरिष्ठ नेता हुए!
आज तक ऐसी ईमानदारी नहीं देखी,
नाम है विपिन सर-बिहार के, और YouTube पर Maths पढ़ाने वाले जिन्हें आप सब जानते होंगे।
चुनाव में कुछ चंदा मिला था और बाकी उनका अपना पैसा,
इसी का पूरा हिसाब उन्होंने Central Bank of India वाला खाता सार्वजनिक करके दिखा दिया।
चुनाव में 6 से 7 लाख रुपये खर्च हुए,
और अंत में 90 हज़ार रुपये बचे-जो उनका अपना पैसा है, और यही उनकी ईमानदारी का सबसे बड़ा सबूत है।
अपने गाँव के मौजूदा मुखिया होकर,
वो रोज़ लोगों की समस्याएँ खुद सुनने पहुँच जाते हैं।
सड़क, पानी, बिजली हो या किसी परिवार की परेशानी,
विपिन सर हर मुद्दे पर सबसे पहले खड़े दिखाई देते हैं।
Maths Masti से लाखों बच्चों को पढ़ाने वाले,
आज भी राजनीति में सेवा और पारदर्शिता को ही अपना धर्म मानते हैं।
There is an undated video of Delhi blasts accused Umar Nabi justifying suicide bombing as “martyrdom,” and that it’s “misunderstood.” Suicide is haram in Islam and the killing of innocents is a grave sin. Such acts are also against the law of the land. They are not “misunderstood” in any way. This is terrorism and nothing else.
During Operation Sindoor and Mahadev @AmitShah had assured Parliament that no local Kashmiri had joined terror groups in the last six months. Where did this group come from then? Who is accountable for the failure to detect this group?
आज मध्य प्रदेश जा रहा हूं।
और जब से ये खबर देखी है कि वहां बच्चों को मिड-डे मील अख़बार पर परोसा जा रहा है, दिल टूट सा गया है।
ये वही मासूम बच्चे हैं जिनके सपनों पर देश का भविष्य टिका है, और उन्हें इज़्ज़त की थाली तक नसीब नहीं।
20 साल से ज्यादा की BJP सरकार, और बच्चों की थाली तक चुरा ली गई - इनका 'विकास' बस छलावा है, सरकार में आने का असली राज़ तो 'व्यवस्था' है।
शर्म आनी चाहिए ऐसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को जो देश के बच्चों, भारत के भविष्य का इस दुर्दशा से पालन-पोषण कर रहे हैं।
Video Courtesy: @Anurag_Dwary
Does anyone know if Bihar's Urban development minister, Patna's DM, Mayor, Patna Divisional chief , Chief Engineer have resigned or not after seeing this video ?
मगध साम्राज्य को एक्सपोज करते चाणक्य!!
आएगा बकलोल संहिता के कर्ताधर्ता एगो पाकिस्तान पर शायरी सुना देगा।
उलूल जुलूल बातों से सरकार को थोड़ी फर्क पड़ता है । गवर्नर से दोस्ती है मुझे क्या।
पूरे बिहार के बच्चे Patna के बाज़ार समिति और मुसल्लहपुर हाट में तैयारी करने आते हैं। माता-पिता का कलेजा फट जाता होगा अपने बच्चों को इस हाल में देखकर। सालों से ये हाल है। ये सब DM,MLA,मंत्री को दिखता नहीं?
Khan Sir समेत तमाम टीचर इस पर बोलते क्यों नहीं?
SSC मे हो रही धांधली के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों और टीचरों पर लाठीचार्ज करके रामलीला मैदान से भगा दिया है !
मैं शैलेंद्र मीणा हमारे नौजवान भाइयो के साथ हूँ, प्रदर्शन करना भारत के नागरिकों का हक है उसे छीनना बिलकुल गलत है और ये बेहद निंदनीय है !
#sscprotest2025#ssc_protest