अब वो करम करें कि सितम मैं नशे में हूँ
मुझ को न कोई होश न ग़म मैं नशे में हूँ
सीने से बोझ उन के ग़मों का उतार के
आया हूँ आज अपनी जवानी को हार के
कहते हैं डगमगाते क़दम मैं नशे में हूँ
~ साहिर लुधियानवी
#साहित्य_सागर#SahityaSagar
जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं ऋषि जी। ईश्वर की कृपा हमेशा बनी रहे और आपकी मुस्कुराहट यूँही सजती रहे।आपकी सादगी और सौम्य व्यक्तित्व किसी को भी अपना बनाने में सक्षम हैं। 😍💐💐
@editorrishi@sahityaasagar
दो प्रेमी बैठे ऐसे लहरों के किनारे
टकटकी लगाये देखें चाँद, सितारे
सपने सजाये चाहत के नयनों में
जीने लगे अब एक दूजे के सहारे
@Authorrachu
~ रचना बंसल
#साहित्य_सागर#SahityaSagar
हम हिन्दू है और हम संस्कार और संस्कृति से परिपूर्ण है, पर हमारे धर्म में कुकृत्य करने वाले और हमारे धर्म पर लांछन लगाने वाले अनगिनत है।
हमें अपने आस-पास के वातावरण को शुद्ध बनाना होगा और भटके हुए अधर्मी को सही राह दिखाने का प्रयत्न करना होगा। 🙏