Fact check
False information is being currently circulated on social media regarding the posts claim that an individual named Geetanjali, a 12-year-old girl was assaulted, had her hair pulled, sustained a head injury, and approximately 40 to 50 other individuals suffered broken heads.
This information is false. The claims being circulated in the posts are not true. Please do not spread or amplify false or misleading information.@Cockroachisback@abhijeet_dipke
👉प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा अपराध व अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही जारी-
➡️थाना सांगीपुर पुलिस द्वारा हत्या के प्रयास के अभियोग से संबंधित 01 वांछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार।
➡️अभियुक्त को थाना सांगीपुर क्षेत्रान्तर्गत देउम चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया है।
प्रतापगढ़ ज़िले में पुलिस के लिए कोई कानून नहीं बचा है। अगर कोई नागरिक पुलिस की शिकायत उच्च अधिकारियों से करता है, तो उसे और उसके परिवार को प्रताड़ित किया जाता है। मैंने कमरो चौकी के दरोगा गिरिशधर दुबे के खिलाफ शिकायत दी थी — SP ऑफिस, CO ऑफिस और CM पोर्टल के माध्यम से, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बदले में दरोगा ने 7 जून की रात 12 बजे मेरे घर आकर गाली-गलौच की, गाड़ी का शीशा तोड़ा, और परिवार को धमकाया। अगले दिन जब वो कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर पाए तो एक झूठे केस में फंसा दिया गया। सवाल ये है कि FIR के बिना रात 12 बजे घर में घुसकर तोड़फोड़ करने का अधिकार किसने दिया? क्या अब उत्तर प्रदेश में कानून का डर सिर्फ जनता के लिए रह गया है? कृपया इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जाए !
@pratapgarhpol@dgpup@igrangealld@Uppolice@CMOfficeUP@JagranNews@AmarUjalaNews@IndiaToday@Pratapgarh_1@BJP4Pratapgarh@myogiadityanath
#JusticeForVictims #PratapgarhPolice #PoliceMisuseOfPower #UPPolice #गुंडागर्दी_बंद_हो #LawAndOrder
**“दरोगा जी का ट्रांसफर पहले ही हो चुका है, फिर भी कहते हैं — ‘मेरा तो ट्रांसफर हो गया है लेकिन तुम लोगों को सबक सिखाकर जाऊंगा, जो करना है कर लेना।’
घटनाएं होने पर पीड़ित 112 पर कॉल करता है या थाने में सूचना देता है, न कि सीधा दरोगा को।
फिर भी 8 जून को झूठा केस बना दिया गया कि हम लोग किसी पर हमला करने गए थे।
इस तारीख को जिस व्यक्ति के खिलाफ FIR की गई, उसके भाई के पक्ष से हमने पहले ही एप्लीकेशन दी हुई है।
SP साहब से निवेदन है कि इस मामले की जांच हो — कि ट्रांसफर के बाद भी दरोगा जी इलाके में क्यों रुके हैं और क्या भूमिका निभा रहे हैं?”
#PoliceHarassment #FakeFIR #Pratapgarh #UPPolice #JusticeForUs #CBIInquiry #PoliceMisuse #SPPratapgarh #TransferRules
जब हमने प्रार्थनापत्र दिया, तब दरोगा जी मौके पर आए, लेकिन क्या उससे पहले ही उनके ऊपर किसी का दबाव था?
जब मैंने घटना की वीडियो बनाने की कोशिश की, तो दरोगा जी ने तुरंत मना कर दिया और कहा, "वीडियो मत बनाओ।"
अगर उस समय वीडियो बना ली जाती, तो साफ़ हो जाता कि वहाँ क्या हुआ और क्या नहीं।
लेकिन दरोगा जी के मन में कुछ और ही चल रहा था।
पुलिस द्वारा खींची गई तस्वीर में केवल दूसरे पक्ष का एक ही आदमी दिखाई दे रहा है —
क्या एक अकेले व्यक्ति के साथ फौजदारी होती है?
दरोगा जी ने दूसरे पक्ष के लोगों को भी चौकी बुलवाया और हमें भी बुलाया, कहकर कि "चौकी पर समझौता होगा"।
लेकिन जब उनका मनमाफ़िक काम नहीं हुआ, तो हमें 151 में चालान कर दिया और गिरफ्तारी भी उसी समय की गई।
GD में भी गलत एंट्री कर दी गई — लिखा कि 12:34 पर हमें पकड़ा गया,
जबकि मैं खुद अपनी बाइक से चौकी गया था।
यह सारी बातें लिखित में SP ऑफिस, CO ऑफिस और SDM लालगंज को देने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब सवाल उठता है — आम आदमी न्याय की गुहार आखिर किससे लगाए?
@pratapgarhpol@dgpup@igrangealld@Uppolice@CMOfficeUP@JagranNews@AmarUjalaNews@BJP4Pratapgarh@myogiadityanath
ग्राम सभा में दरोगा गिरीश दुबे का आतंक चरम पर है। बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग कोई भी सुरक्षित नहीं है। इनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूरे क्षेत्र में जांच कराई जाए कि ये क्या कर रहे हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं जो इनसे पीड़ित हैं और डर के मारे चुप हैं। CO साहब, SP साहब और प्रशासन से निवेदन है कि तत्काल कठोर कार्रवाई करें और न्याय सुनिश्चित करें।
@Uppolice@pratapgarhpol@igrangealld@dgpup@CMOfficeUP #उत्तरप्रदेश #प्रतापगढ़ #न्याय #पुलिस #जांच
ग्राम सभा में दरोगा गिरीश दुबे का आतंक चरम पर है। बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग कोई भी सुरक्षित नहीं है। इनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूरे क्षेत्र में जांच कराई जाए कि ये क्या कर रहे हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं जो इनसे पीड़ित हैं और डर के मारे चुप हैं। CO साहब, SP साहब और प्रशासन से निवेदन है कि तत्काल कठोर कार्रवाई करें और न्याय सुनिश्चित करें।
@Uppolice@pratapgarhpol@igrangealld@dgpup@CMOfficeUP #उत्तरप्रदेश #प्रतापगढ़ #न्याय #पुलिस #जांच
प्रतापगढ़ ज़िले में पुलिस के लिए कोई कानून नहीं बचा है। अगर कोई नागरिक पुलिस की शिकायत उच्च अधिकारियों से करता है, तो उसे और उसके परिवार को प्रताड़ित किया जाता है। मैंने कमरो चौकी के दरोगा गिरिशधर दुबे के खिलाफ शिकायत दी थी — SP ऑफिस, CO ऑफिस और CM पोर्टल के माध्यम से, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बदले में दरोगा ने 7 जून की रात 12 बजे मेरे घर आकर गाली-गलौच की, गाड़ी का शीशा तोड़ा, और परिवार को धमकाया। अगले दिन जब वो कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर पाए तो एक झूठे केस में फंसा दिया गया। सवाल ये है कि FIR के बिना रात 12 बजे घर में घुसकर तोड़फोड़ करने का अधिकार किसने दिया? क्या अब उत्तर प्रदेश में कानून का डर सिर्फ जनता के लिए रह गया है? कृपया इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जाए !
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#JusticeForVictims #PratapgarhPolice #PoliceMisuseOfPower #UPPolice #गुंडागर्दी_बंद_हो #LawAndOrder
जब हमने प्रार्थनापत्र दिया, तब दरोगा जी मौके पर आए, लेकिन क्या उससे पहले ही उनके ऊपर किसी का दबाव था?
जब मैंने घटना की वीडियो बनाने की कोशिश की, तो दरोगा जी ने तुरंत मना कर दिया और कहा, "वीडियो मत बनाओ।"
अगर उस समय वीडियो बना ली जाती, तो साफ़ हो जाता कि वहाँ क्या हुआ और क्या नहीं।
लेकिन दरोगा जी के मन में कुछ और ही चल रहा था।
पुलिस द्वारा खींची गई तस्वीर में केवल दूसरे पक्ष का एक ही आदमी दिखाई दे रहा है —
क्या एक अकेले व्यक्ति के साथ फौजदारी होती है?
दरोगा जी ने दूसरे पक्ष के लोगों को भी चौकी बुलवाया और हमें भी बुलाया, कहकर कि "चौकी पर समझौता होगा"।
लेकिन जब उनका मनमाफ़िक काम नहीं हुआ, तो हमें 151 में चालान कर दिया और गिरफ्तारी भी उसी समय की गई।
GD में भी गलत एंट्री कर दी गई — लिखा कि 12:34 पर हमें पकड़ा गया,
जबकि मैं खुद अपनी बाइक से चौकी गया था।
यह सारी बातें लिखित में SP ऑफिस, CO ऑफिस और SDM लालगंज को देने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब सवाल उठता है — आम आदमी न्याय की गुहार आखिर किससे लगाए?
@pratapgarhpol@dgpup@igrangealld@Uppolice@CMOfficeUP@JagranNews@AmarUjalaNews@BJP4Pratapgarh@myogiadityanath
@pratapgarhpol Apke SP Office ka reply hai lagya gya hai sb sare proof hai to 4 mahine se kya karwayi ki gayi application dene wjh se farzi mukadma ho rha hai kya ye sahi hai ? Mai khud Additional Sir se mil k aaya tha kya huya kuch nhi huya dekh lijiye complaint ki copy attach kr rha hu
SI Girish Dubey जी ने GD में लिखा कि मौके पर पहुँचते ही दोनों पक्ष उग्र हो गए और फौजदारी शुरू हो गई, लेकिन CO Lalganj की जांच रिपोर्ट कहती है कि दोनों पक्षों में सहमति थी और कोई निर्माण कार्य नहीं होना था। इसका मतलब है कि SI ने GD में झूठी एंट्री की — जो IPC 211 और 218 के तहत अपराध है। 10 बार प्रार्थनापत्र देने के बावजूद क्या कार्रवाई हुई? किसके कहने पर SI ने जानबूझकर 151 में चालान किया ताकि शिकायतकर्ता ही डर जाए और दोबारा कोई सवाल न पूछे?
लीलापुर थाने की उस दिन की CCTV या वायरलेस रिकॉर्डिंग चेक करवाई जाए SI Girish Dubey जी किसकी निजी गाड़ी में बैठकर घूम रहे थे, यह जांच का विषय है। और जिस व्यक्ति की गाड़ी में दरोगा जी घूम रहे थे, वही व्यक्ति थाना लीलापुर में उस समय 5 घंटे तक बैठा रहा, जब तक हमें थाने में पकड़कर रखा गया।
क्या ये सामान्य प्रक्रिया है? या किसी विशेष दबाव में फर्जी GD और 151 की कार्रवाई की गई?
सवाल उठता है कि किसके कहने पर शिकायतकर्ता को ही डराने की कोशिश हुई।
@pratapgarhpol@igrangealld@CMOfficeUP@Uppolice@dgpup@prayagraj_pol
#PoliceMisuse #FakeGD #COReport #UPPolice
@brajesh_sh17419 @avi_11819 जिस गांव के न ही आप निवासी हो न ही कभी आए हो आप कौन हो जो इस विवाद में आरोप प्रत्यारोप कर रहे हो । पुलिस यदि कार्य कर रही है तो आधी रात को कार्य कर रही ? और क्या कार्यवाही की गई है ? कुछ भी नहीं बस गांव में बेवजह आतंक दिखा रही है
@Uppolice@dgpup@NCWIndia@MinistryWCD Urgent action needed against SI Girish Dubey for allegedly abusing & harassing women at midnight without justification which falls under ipc 166,341,503,506 Such behavior is unacceptable & demands strict consequences. #JusticeForWomen #StopHarassment
प्रतापगढ़ ज़िले में पुलिस के लिए कोई कानून नहीं बचा है। अगर कोई नागरिक पुलिस की शिकायत उच्च अधिकारियों से करता है, तो उसे और उसके परिवार को प्रताड़ित किया जाता है। मैंने कमरो चौकी के दरोगा गिरिशधर दुबे के खिलाफ शिकायत दी थी — SP ऑफिस, CO ऑफिस और CM पोर्टल के माध्यम से, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बदले में दरोगा ने 7 जून की रात 12 बजे मेरे घर आकर गाली-गलौच की, गाड़ी का शीशा तोड़ा, और परिवार को धमकाया। अगले दिन जब वो कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर पाए तो एक झूठे केस में फंसा दिया गया। सवाल ये है कि FIR के बिना रात 12 बजे घर में घुसकर तोड़फोड़ करने का अधिकार किसने दिया? क्या अब उत्तर प्रदेश में कानून का डर सिर्फ जनता के लिए रह गया है? कृपया इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जाए !
@pratapgarhpol@dgpup@igrangealld@Uppolice@CMOfficeUP@JagranNews@AmarUjalaNews@IndiaToday@Pratapgarh_1@BJP4Pratapgarh@myogiadityanath
#JusticeForVictims #PratapgarhPolice #PoliceMisuseOfPower #UPPolice #गुंडागर्दी_बंद_हो #LawAndOrder
जब हमने प्रार्थनापत्र दिया, तब दरोगा जी मौके पर आए, लेकिन क्या उससे पहले ही उनके ऊपर किसी का दबाव था?
जब मैंने घटना की वीडियो बनाने की कोशिश की, तो दरोगा जी ने तुरंत मना कर दिया और कहा, "वीडियो मत बनाओ।"
अगर उस समय वीडियो बना ली जाती, तो साफ़ हो जाता कि वहाँ क्या हुआ और क्या नहीं।
लेकिन दरोगा जी के मन में कुछ और ही चल रहा था।
पुलिस द्वारा खींची गई तस्वीर में केवल दूसरे पक्ष का एक ही आदमी दिखाई दे रहा है —
क्या एक अकेले व्यक्ति के साथ फौजदारी होती है?
दरोगा जी ने दूसरे पक्ष के लोगों को भी चौकी बुलवाया और हमें भी बुलाया, कहकर कि "चौकी पर समझौता होगा"।
लेकिन जब उनका मनमाफ़िक काम नहीं हुआ, तो हमें 151 में चालान कर दिया और गिरफ्तारी भी उसी समय की गई।
GD में भी गलत एंट्री कर दी गई — लिखा कि 12:34 पर हमें पकड़ा गया,
जबकि मैं खुद अपनी बाइक से चौकी गया था।
यह सारी बातें लिखित में SP ऑफिस, CO ऑफिस और SDM लालगंज को देने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब सवाल उठता है — आम आदमी न्याय की गुहार आखिर किससे लगाए?
@pratapgarhpol@dgpup@igrangealld@Uppolice@CMOfficeUP@JagranNews@AmarUjalaNews@BJP4Pratapgarh@myogiadityanath
SI Girish Dubey जी ने GD में लिखा कि मौके पर पहुँचते ही दोनों पक्ष उग्र हो गए और फौजदारी शुरू हो गई, लेकिन CO Lalganj की जांच रिपोर्ट कहती है कि दोनों पक्षों में सहमति थी और कोई निर्माण कार्य नहीं होना था। इसका मतलब है कि SI ने GD में झूठी एंट्री की — जो IPC 211 और 218 के तहत अपराध है। 10 बार प्रार्थनापत्र देने के बावजूद क्या कार्रवाई हुई? किसके कहने पर SI ने जानबूझकर 151 में चालान किया ताकि शिकायतकर्ता ही डर जाए और दोबारा कोई सवाल न पूछे?
लीलापुर थाने की उस दिन की CCTV या वायरलेस रिकॉर्डिंग चेक करवाई जाए SI Girish Dubey जी किसकी निजी गाड़ी में बैठकर घूम रहे थे, यह जांच का विषय है। और जिस व्यक्ति की गाड़ी में दरोगा जी घूम रहे थे, वही व्यक्ति थाना लीलापुर में उस समय 5 घंटे तक बैठा रहा, जब तक हमें थाने में पकड़कर रखा गया।
क्या ये सामान्य प्रक्रिया है? या किसी विशेष दबाव में फर्जी GD और 151 की कार्रवाई की गई?
सवाल उठता है कि किसके कहने पर शिकायतकर्ता को ही डराने की कोशिश हुई।
@pratapgarhpol@igrangealld@CMOfficeUP@Uppolice@dgpup@prayagraj_pol
#PoliceMisuse #FakeGD #COReport #UPPolice
SI Girish Dubey जी ने GD में लिखा कि मौके पर पहुँचते ही दोनों पक्ष उग्र हो गए और फौजदारी शुरू हो गई, लेकिन CO Lalganj की जांच रिपोर्ट कहती है कि दोनों पक्षों में सहमति थी और कोई निर्माण कार्य नहीं होना था। इसका मतलब है कि SI ने GD में झूठी एंट्री की — जो IPC 211 और 218 के तहत अपराध है। 10 बार प्रार्थनापत्र देने के बावजूद क्या कार्रवाई हुई? किसके कहने पर SI ने जानबूझकर 151 में चालान किया ताकि शिकायतकर्ता ही डर जाए और दोबारा कोई सवाल न पूछे?
लीलापुर थाने की उस दिन की CCTV या वायरलेस रिकॉर्डिंग चेक करवाई जाए SI Girish Dubey जी किसकी निजी गाड़ी में बैठकर घूम रहे थे, यह जांच का विषय है। और जिस व्यक्ति की गाड़ी में दरोगा जी घूम रहे थे, वही व्यक्ति थाना लीलापुर में उस समय 5 घंटे तक बैठा रहा, जब तक हमें थाने में पकड़कर रखा गया।
क्या ये सामान्य प्रक्रिया है? या किसी विशेष दबाव में फर्जी GD और 151 की कार्रवाई की गई?
सवाल उठता है कि किसके कहने पर शिकायतकर्ता को ही डराने की कोशिश हुई।
@pratapgarhpol@igrangealld@CMOfficeUP@Uppolice@dgpup@prayagraj_pol
#PoliceMisuse #FakeGD #COReport #UPPolice
@SahabThakur8095 हाँ तो दिखाओ फिर कौन सी गाड़ी थी किसकी थी और पुलिस पकड़ी थी तो करवायी क्यों नहीं की ? तुम गए थे क्या दिल्ली में देखने ? कोई आपराधिक मुक़दमा हो तो पोस्ट करो । पैसा खा के ट्वीट मत करो 😂😂😂😂
@arjun9450517000 जी हाँ ये मेरा घर है ! मेरे सीसीटीवी की वीडियो है रात में आधी रात को आके मेरी गाड़ी का लाइट और शीशा तोड़ दिया और मेरी भाभी को गंदी गंदी गालियां दी ! अब बताओ आप क्या करे ?