घटना- भावनगर (गुजरात)
आरोपी- फैज़ल खाटकी
गुजरात के #भावनगर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है
भावनगर के बस डिपो में जिहादी #फैजल ने दलित हिंदू महिला #काजल_बरैया की खुलेआम पीट पीटकर हत्या कर दी।
जब काजल के भाई ने अपनी बहन को बचाने का प्रयास किया तो #जिहादी_फैज़ल ने उसे भी बुरी तरह से मारा,
जब काजल का भाई जान बचाके भागा तो सड़क पर से उसको पकड़कर घसीटकर वापस लाया गया,
ISIS आतंकवादी स्टाइल में भाई के सामने बहन की हत्या कर दी गई
लोग तमाशा देखते रहे मगर किसी ने लड़की को नहीं बचाया,
नामर्द, अंधा, लंगड़ा और खोखला बन चुका है समाज, मानवता मर चुकी है
और दलित नेता ? वो भी मर चुके है, कोई भी दलित नेता इस दलित हिंदू लड़की के लिए आवाज़ नहीं उठा रहा।
ये वीडियो इस बात का प्रमाण है कि गुजरात में मुसलमानों ने आतंक की पराकाष्ठा पार कर दी है।
शर्मनाक।
अनुच्छेद 370, तीन तलाक, धर्मांतरण विरोधी कानून जैसी जो बातें कभी असंभव मानी जाती थीं,
वे आज देश के सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन चुकी हैं।
: डॉ. सुरेंद्र जैन, संयुक्त महासचिव, विहिप
#OdishaKiUdaan2
A healthier tomorrow begins with prevention today. The North 24 Parganas District Administration and Health Department are taking a vital step towards cervical cancer prevention through the HPV Vaccination Drive.
#HPV#Vaccination#CervicalCancer#North24Parganas@wbdhfw
व्यक्ति नहीं, ध्येय के प्रति निष्ठा! 🎯🇮🇳
"व्यक्ति निष्ठा नहीं, ध्येय निष्ठा होनी चाहिए!"
हर व्यक्ति में दोष हो सकते हैं, लेकिन हमारा उद्देश्य और राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए। 🙌
राष्ट्रहित और विचारों की महानता ही सबसे ऊपर है।
कभी इस्लामिक मुल्क बांग्लादेश में थे सांसद, फिर छोड़ना पड़ा अपना देश, गांव और घर भी..
त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में लेक्चर देते हुए प्रोफेसर डॉ. प्रण गोपाल दत्ता के छलक गए आँसू,
बताया - "ये सजा सिर्फ इसलिए मिली क्योंकि मैं हिंदू था".. शरण देने के लिए भारत का जताया आभार..
#Bangladesh #Hinduphobia
Tiranga Yatra - Thoubal, Manipur
Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) Thoubal Unit organised a Tiranga Yatra across Thoubal city on the occasion of Independence Day, with hundreds of students and youths participating in the programme.
कांवड़ियों को पानी पिलाना हराम है : मुफ्ती शाहनवाज
हमारे इस्लाम में किसी गैर मुस्लिम का मदद करना, पानी पिलाना या खाना खिलाना हराम है।
यह वीडियो उन हिंदुओं तक पहुंच जाना चाहिए जो इन कट्टरपंथी मुस्लिमों को अपना भाई मानते हैं।
"मुसलमान नहीं बनूंगा…"
विभाजन के समय चाचाजी को तपती रेत में जिंदा दफना दिया था मुसलमानों में।
‘विभाजन की विभीषिका’ श्रृंखला में आज एक ऐसी दर्दनाक आपबीती, जो 1947 के विभाजन की त्रासदी और उस दौर की हिंसा की भयावह तस्वीर सामने लाती है।
मियांवाली नगर, पाकिस्तान के गणपतराय सतीजा बताते हैं कि विभाजन के समय उनके चाचाजी करीब 30 वर्ष के थे।
उनके अनुसार, एक दिन दोपहर में कुछ लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और इस्लाम कबूल कर मुसलमान बनने के लिए कहा।
चाचाजी ने इनकार करते हुए कहा कि वह मुसलमान नहीं बनेंगे, गणपतराय सतीजा के मुताबिक, इसके बाद उन्हें तपती रेत में जिंदा दफना दिया गया।
यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि उन अनगिनत लोगों की पीड़ा की याद है, जिन्होंने 1947 के विभाजन के दौरान अपना घर, परिवार और अपनों को खोया।
विभाजन की विभीषिका, एक ऐसा दर्द, जिसे इतिहास कभी भुला नहीं सकता।
#विभाजन_की_विभीषिका