11/07/25 को दैनिक भास्कर में छपी यह खबर राहुल गांधी के खुलासे के 27 दिन पहले की है।
क्या आप अब भी मानते हैं कि चुनावों में धांधली नहीं हुई है और चुनाव आयोग पाक साफ़ है?
बौद्ध धर्म अपनाने के पीछे बाबा साहेब का मानना था कि बौद्ध धर्म प्रज्ञा, करुणा प्रदान करता है और समता का संदेश देता है. इन तीनों की बदौलत मनुष्य के अच्छा और सम्मानजनक जीवन जी सकता है. प्रज्ञा अर्थात - अंधविश्वास और परालौकिक शक्तियों के विरुद्ध समझदारी
#जयभीम
अम्बेडकरवादि होने कि पहली शर्त ये हे
कि, बाबासाहब के विचारो पर चलना होगा,
ना कि बाबासाहब के नाम से अपनी
दुकान चला कर अपना स्वार्थ साध्य करना.
#जयभीम ✨💙🤍
#इतिहास_की_हत्या_होने_वाली_है? पढ़िए ये कुछ पंक्तियाँ.
हमारे भारत का पिछले 16000 वर्षों का इतिहास लिखने के लिए सरकार ने 16 सदस्यीय समिति नियुक्त की है। ये 16 लोग 16000 साल का इतिहास लिखने जा रहे हैं. वो 16 लोग सिर्फ पुरुष हैं. (इसमें कोई महिला नहीं है) वे 16 पुरुष सदस्य ब्राह्मण हैं। वे 16 सदस्य केवल उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण हैं (कोई अन्य राज्य का सदस्य नहीं है, कोई अन्य राज्य का ब्राह्मण नहीं है)।
इन 16 सदस्यों में से 8 सदस्य संस्कृत के विशेषज्ञ हैं। न पाली भाषा का विशेषज्ञ, न पुरातत्व का विशेषज्ञ। (अकोला में श्री संजय सोनवानी के आज के व्याख्यान से) यह इतिहास 2024 से हमारे बच्चों के स्कूली पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा। तो भारत में हमारे बच्चों को भविष्य में क्या सीखना चाहिए? इसका फैसला उत्तर प्रदेश के 16 ब्राह्मण करेंगे. सरकार कहती और मानती है कि देश में कोई भी अन्य जाति और धर्म का व्यक्ति इस लायक नहीं है। खुद को ओबीसी कहने वाले प्रधानमंत्री भी ओबीसी में किसी को इस लायक नहीं समझते. (क्या होगा अगर उसी जाति के अन्य लोगों को यहां ले जाया जाए?) आने वाली पीढ़ियों का भविष्य क्या होगा? आज आप इस पर गौर कर सकते हैं। और कितने लोग भेदभाव करेंगे? और कितनी नफरत बोई जाएगी? ये लोग कब और कहां रुकने वाले हैं? ये लोग एक ऐसी पीढ़ी तैयार कर रहे हैं जो बेरोजगारी, गरीबी और पिछड़ेपन में खुशी मानती है और अन्याय को न्याय कहती है!
निःसंदेह यह सब तभी होगा जब ये लोग दोबारा चुने जाएंगे.
हम भारतीय नागरिकों के सामने आखिरी विकल्प यही है कि ये लोग #EVM_के_सहारे दोबारा सत्ता में न आएं और इंसानों की तरह खुशी से और बराबरी से रहे!
पढ़ने लिखनें का अधिकार सिर्फ ब्राह्मण समाज के लोगों को ही था.
देश की एक बड़ी आबादी अनपढ़ थी इसलिए इनका सामाजिक और मानसिक शोषण होता था
देश की एक बड़ी आबादी गुलामी में जीने को मजबूर थी, क्योंकि वह शिक्षित नहीं थी.
सन 1835 में मैकाले की शिक्षा नीति लागू हुई
जिसने सभी को पढ़ने का अधिकार दिया, जिससे बहुजन समाज के कुछ ��ोगों ने फायदा उठाया, बाबासाहेब अंबेडकर, पेरियार रामास्वामी, तथा छोटूराम आदि अनेकों लोगों ने तमाम सामाजिक तथा आर्थिक अड़चनों के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त की.
शिक्षा पर सिर्फ अपना ही अधिकार समझने वालों की इन चंद विभूतियों से नींद हराम हो गयी थी.
अगर लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति लागू नहीं होती तो बहुजन समाज आज भी अनपढ़ रहता और ब्राह्मणवाद की गुलामी कर रहा होता
मैकाले की शिक्षा नीति से ही
ज्य���तिबा फुले ,बाबा साहब अंबेडकर, परियार साहब एवं छोटूराम शिक्षित हुये और फिर इन्होंने संघर्ष कर पूरे बहुजन समाज को शिक्षा के लिए जागरूक किया.
लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति और हमारे महान पुरुषों के संघर्ष की वजह से ही आज बहुजन समाज पढ़ लिखकर ऊंचे ऊंचे पदों पर है
लेकिन ब्राह्मणवादी सोच के लोगों ने लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति को बदनाम करने का षड्यंत्र किया ताकि बहुजन समाज लॉर्ड मैकाले की शिक्ष�� नीति से दूर हो जाए और फिर वापस मनुवाद का गुलाम हो जाए
मैं आभारी हूं लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति का,
मैं कर्जदार हूं ��पने महान पुरुषों के संघर्षों का जिन्होंने संघर्ष कर तमाम लोगों को जागरूक किया
जिसका परिणाम यह हुआ कि हजारों सालों से चल रही व्यवस्था में थोड़ा बहुत परिवर्तन आया
कुछ परिवर्तन हमारे महान पुरुष लाये कुछ परिवर्तन हम मिलकर लायेगें.
इस देश को मनुवाद सामंतवाद की गुलामी से आजाद कराएंगे
मैं लिखता रहूंगा आप लोग पढ़ते रहिए और RT करके लोगों को भी पढ़ाते रहिए
जय फूले, जय भीम, जय परियार
जलने वालों ���लते रहना यह नारे गुजारते रहेंगे
मैं उस धर्म को पसंद करता हूं जो स्वतंत्रता समानता और भाईचारे की भावना सीखना है तुम्हारा अंधविश्वास पाखंड ही त��म्हारे गरीबी और गुलामी का कारण है
#जयभीम #नमोबुद्धाय
#बसपा_विजय_बसपा
यदि आप अपने को अम्बेडकरवादी मानते हैं तो मान्यवर साहब कांशीराम जी के #मिशन_बसपा में जुड़ जाएं ,मां बहनों की हत्या,बलात्कार और गरीबों के साथ अन्याय ना हो पाए उसके लिए बसपा को मजबूत करिए । #बहुजन_समाज ख���द मालिक बने मांगने वाले नहीं।।
@ramjigautambsp
@AnandAkash_BSP
कंगना रनौत ने देश और समाज के लिए कुछ भी नहीं किया फिर बीजेपी ने उसे नए संसद में क्यू बुलाया? आदिवासी राष्ट्रपति द्रोपदी जी को क्य��� नही बुलाया ? क्युकी #बीजेपी बहुजन महिला विरोधी है, इसलिए महिला आरक्षण में SC ST OBC और मुस्लिम महिलाओं को अलग से कोटा नही दिया.
#Quota_Within_Quota
कुछ पाने के लिए जरूरी ��हीं की दौड़ा जाए बहुत सी चीज ठहरने से भी प्राप्त हो जाती है जैसे सुकून शांति और आनंद
महत्व इंसान का नहीं उसके अच्छे स्वभाव का होता है कोई एक पल में दिल जीत लेता है कोई जिंदगी भर साथ रहकर भी नहीं जीत पता
आप सभी सम्मानित साथियों को सादर
#जयभीम🙏 #नमोबुद्धाय🍁
समाजवादी नेता शरद यादव जी को सुनें. हम कहते हैं कि महिला रिजर्वेशन 100% कर दो, हम कभी विरोध नहीं करते. लेकिन 90% लोगों का गला काट कर नहीं. मुठ्ठी भर लोग इस देश को हजारों वर्षों से चला रहे हैं. महिला रिजर्वेशन दलितों पिछड़ों की संख्या घटाने के लिए है. हम ज़हर खा लें���े, मगर नब्बे फ़ीसदी लोगों के हितों की हत्या नहीं होने देंगे.