आज हम आप को संभल की एक घटना का जिक्र करते हुए समझाएंगे की मुसलमानों को किस तरह परेशान किया जाता? कैसे सताया जाता है? कैसे उनके जिंदगियों को तबाह किया जाता है?
अगर एक गरीब इंसान हो तो हाई कोर्ट छोड़ो वो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में भी अपना केस नहीं लड़ पायेगा और जिंदगी भर जेल में सड़ेगा..!!
संभल हिंसा मामला आप को याद होगा?
2024 में मुल्ला अफरोज पर संभल हिंसा मास्टरमाइंड होने का आरोप लगा था। आज सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया जिसमें डिटेंशन ऑर्डर को सही ठहराया गया था।
जस्टिस दीपांकर और जस्टिस शील नागू की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा:- प्रिवेंटिव डिटेंशन के लिए सिर्फ एक्स्ट्रा जुडिशियल कन्फेशन ही एक मात्र आधार नहीं होता।
यही नहीं कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया।
अब आप बताओ आप में से कितने ऐसी फैमिली हो जो हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट तक इसलिए नहीं पहुंच पाती क्योंकि उनके पास पैसे नहीं होते।
एक आम बेगुनाह वाला इंसान भी बिना किसी वजह के गुनाहगार हो जाता है और अपनी जवानी से लेकर बुढ़ापा जेल में ही काट देता है।
आज भी ऐसे तमाम बेगुनाह मुसलमान जेलों में बंद हैं, जिनकी कोई पूंछताछ भी नहीं करता। कई तो ऐसे भी हैं जिनकी फैमिली वाले उनको भूल चुके होते हैं।
Ujjain Shahi Masjid:
At 4AM, Muslims formed a peaceful human chain around the mosque and stood shoulder to shoulder to protect it.
#SaveUjjainShahiMosque
📍 उज्जैन, मध्य प्रदेश
रातभर उज्जैन की तारीख़ी शाही मस्जिद के बाहर मुसलमान डटे रहे। पास में बुलडोज़र और पोकलैंड जैसी मशीनें मौजूद थीं।
सवाल उन सेक्युलर लोगों से है, जो कुछ दिन पहले जंतर-मंतर पर टोपी पहनकर खाना खिला रहे थे आज शाही मस्जिद के लिए आपकी आवाज़ कहाँ है?
सवाल झोली भर-भरके मुसलमानों के वोट लेने वाली सेक्युलर पार्टियों से भी है आज जब मस्जिद के सामने बुलडोज़र खड़ा है, तो आपके नेता कहाँ हैं?
अल्लाह शाही मस्जिद की हिफ़ाज़त फ़रमाए और वहाँ डटे लोगों को अपनी अमान में रखे। आमीन।
#SaveUjjainShahiMosque
Location: Ujjain, Madhya Pradesh
Seeing the administration's actions, local residents took to the streets at midnight to save the 600-year-old Shahi Mosque.
आज सोशल मीडिया हम लोगों ने उज्जैन शाही मस्ज़िद के लिए ट्रेंड चलाया था।
हम लोगों ने पोस्ट स्टार्ट किया, उज्जैन के लोगों ने मस्जिद की हिफाजत के लिए रात भर जगते रहे।
आज जब ट्रेंड स्टार्ट हुआ तो कुछ लोग बोल रहे हैं इस से क्या होगा "सत्ता परिवर्तन के लिए जमीन पर आओ"
ऐसे लोगों को मेरा जवाब ये है की मुसलमानों ने बीजेपी की सत्ता में अपनी हिफाजत करना सीख लिया है।
बाबरी मस्जिद का ताला तोड़वा कर पॉलिटिक्स किसने की?
सबसे ज्यादा दंगे किसकी सरकार में हुए। सबसे बेगुनाह मुसलमान किसकी सरकार में रहे?
आज मुसलमान जाग चुका है उसको पता है उसके लिए वो खुद खड़ा होगा तभी जीत होगी।
आज के टाईम में मुसलमान पढ़ाई लिखाई कर रहा है। UPSC, IIT, NEET, CGL जैसे कॉम्पटेटिव एग्जाम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहा है।
Full Video –
दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा जब तिलक नगर में पहुंचे तो वहां के लोगों ने अपने हाथ से सड़क उखाड़कर उन्हें दिखाई। मंत्री का खूब विरोध हुआ। एक युवक इसका Video बना रहा था। मंत्री ने उसको सरेआम थप्पड़ मार दिया। यह मंत्री, मुख्यमंत्री की स्वयंभू रेस में थे।
राजस्थान के अलवर जिले के बड़ौदामेव में 24 सितंबर को करीब 40 वर्षीय सेकून खान पर थाने के सामने कथित तौर पर पत्थर से हमला किया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी हर्ष मूर्तिकार को हिरासत में लिया है और मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है।
जानकारी के अनुसार, सेकून खान गुरुवार सुबह अपने गांव के नूर मोहम्मद के साथ मोटरसाइकिल से बड़ौदामेव बाजार आया था। वह अपनी बाइक का टायर खरीदने के लिए निकला था। नूर मोहम्मद को बैंक के पास छोड़ने के बाद सेकून खान जैसे ही बड़ौदामेव थाने के सामने से गुजर रहा था, तभी आरोपी हर्ष मूर्तिकार ने उसे अचानक रोक लिया।
बताया जा रहा है कि इसके बाद हर्ष ने भारी पत्थर से सेकून खान के सिर पर हमला किया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की मानसिक स्थिति की भी जांच की बात कह रही है। वहीं, मृतक के परिजनों ने हमले के पीछे उनकी धार्मिक पहचान को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस जांच जारी है और हमले के मकसद को लेकर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने आना बाकी है।
शाही मस्जिद के पेश इमाम से सुनिए मस्जिद 600 से ज्यादा साल पुरानी है।
प्रशासन इसे तोड़ने की मनसा रखता है जबकि मस्जिद के काग़ज़ भी है और आजादी से पहले के कागज़ात है।
#SaveUjjainShahiMosque
Prominent activist Yogendra Yadav and Neha Bora along with several civil society members during a demonstration at Jantar Mantar. The protest, organized by the All India Students' Association (AISA) and citizen groups, aimed to demand accountability from Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar following internal rifts over the Special Intensive Revision of electoral rolls. Protesters were heavily restricted and blocked from entering the site due to an alleged lack of police permission.
AISA president Neha Bora was detained by Delhi Police on Friday as students and civil society groups gathered at Jantar Mantar to protest against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar.
Bora was among scores of protesters detained after police stopped the demonstrators from entering the designated protest site, saying they did not have permission to enter.
The protest, organised by AISA along with civil society groups, follows The Indian Express’ investigation into internal objections raised by Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu and Vivek Joshi over decisions linked to the Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls.
Speaking to The Quint before her detention, Bora spoke about the protesters’ demands and the police restrictions on the demonstration.
BIG: @ECISVEEP SPLIT WIDE OPEN over SIR ! Two ECs, Sukhbir Singh Sandhu and Vivek Joshi, have formally objected, on record, at least 14 times over the last 10 months to decisions taken and orders issued without their knowledge. Is a constitutional body now a one man show that acts as His Masters Voice? Will Gyanesh Kumar respond to the detailed @IndianExpress investigation? (Note: earlier this week, another former EC @AshokLavasa called for an apology from the ECI for SIR chaos)
सुनिए, राहुल गांधी जी ने 2025 में ‘वोट चोरी’ के बारे में क्या बोला था…
“हमारे पाल proof है कि Election Commission ‘वोट चोरी’ में involved है
ये Treason है
EC में जो भी ये काम कर रहे हैं हम आपको छोड़ेंगे नहीं
याद रखिए आप कहीं भी हो- retired हो- कुछ भी हो हम आपको ढूँढ के निकालेंगे”
@RahulGandhi जी 🔥🔥🔥
देश का चुनाव आयोग तीन लोगों से मिलकर बनता है और ये तीनों मिलकर फैसले लेते हैं.
लेकिन इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक 👇🏼
• 10 महीनों तक चुनाव आयुक्त-
सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी- लिखित में बताते रहे कि कई फैसले उनकी जानकारी के बगैर लिए गए
• उन्होंने कुल 14 आपत्तियां दर्ज कराईं
• इनमें से चार आपत्तियां तो एक ही दिन में दर्ज कराईं गईं
• संधू और जोशी ने तो फॉर्म 6 में किए गए बदलावों को गैरकानूनी तक बताया और कहा इन फैसलों के बारे में उन्होंने सहमति नहीं दी- उसके बावजूद बदलाव हुए
• SIR और अन्य प्रक्रियाओं में मनमानी के चलते मामला यहाँ तक पहुंच गया कि चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सेक्रेटरी तक को शिकायत की
चुनाव आयोग में भयंकर वाला लफड़ा चल रहा है.
चुनाव आयोग में 3 सदस्य हैं, लेकिन 2 सदस्य - सुखबीर संधू और विवेक जोशी की चल नहीं रही.
इसे लेकर दोनों आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार शिकायत की है. खास फैसलों पर न इनसे पूछा जाता है, न बताया जाता है.
इन्हें ढक्कन बना दिया है
दिल्ली में हुई गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है।
ये शर्मनाक वारदात कालकाजी मंदिर के पास पार्क में हुई- जहां एक नाबालिग लड़की के साथ तीन दरिंदों ने गैंगरेप किया।
हैवानियत को अंजाम देने के बाद इन तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़िता के दोस्त को धमकाया और उसे अपना मुंह बंद रखने को कहा।
ये घटना देश की राजधानी में न सिर्फ ध्वस्त लॉ एंड ऑर्डर, बल्कि महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों की भी पोल खोलती है।
साफ है- 'डबल इंजन' सरकार में महिलाएं असुरक्षित हैं और BJP ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है।
शर्म आनी चाहिए!
उत्तर प्रदेश की पुलिस अपने सीओ को मुकम्मल इंसाफ नहीं दिला पाई। सीओ ज़िया उल हक़ हत्याकांड के पांच आरोपितों को सीबीआई ने ‘क्लीन चिट’ दे दी है। ‘क्लीन चिट’ पाने वालो में पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैय्या भी शामिल हैं। पांच अक्तूबर 2024 को राजा भैया और गुलशन यादव समेत पांच को क्लीनचिट देते हुए 10 दोषियों को सजा सुनाई थी। जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद ने सीबीआई अदालत के क्लोजर रिपोर्ट का विरोध करते हुए बरी किए गए आरोपियों की भूमिका की दोबारा जांच की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने फिर से जांच की और क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। हालांकि, इस बार भी विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह की अदालत ने पर्याप्त कारण न मिलने का हवाला देते हुए राजा भैया, उनके मीडिया प्रभारी हरिओम श्रीवास्तव, सपा नेता गुलशन यादव, गुड्डू सिंह और रोहित सिंह को क्लीनचिट दे दी है।
जियाउल हक के माता हाजरा खातून और पिता शमशुल हक कहते रह गए कि बेटे की हत्याकांड का चक्रव्यूह रचने वाला ही बरी हो गया। इससे बड़े दुख की बात क्या हो सकती है। NBT से बात करते हुए जिया उल हक़ के पिता ने बताया कि गरीबों के दिनों में काफी मेहनत करके बेटे को पुलिस अफसर बनाया था। बेटा भी खो दिया और अब एलआईसी के पैसे को लेकर बहू परवीन आजाद से भी मुकदमा चल रहा है। जियाउल हक की मां हाजरा खातून ने बताया कि बेटे की मौत के बाद उसके आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए थी, मगर अब वह उम्मीद भी समाप्त हो गई। बेटे की मौत के बाद बहू को पुलिस विभाग में ओएसडी की नौकरी मिल गई। वह लखनऊ में ही रहती है। हम लोगों से उसकी दूरियां बढ़ गई हैं।
⦿ 3 फरवरी 2025 को उत्तराखंड सरकार ने एक टेंडर निकाला
⦿ इसी दिन अडानी पावर ने छत्तीसगढ़ में कोरबा एक्सपेंशन के लिए Environmental Clearance की एप्लीकेशन डाल दी
⦿ जिसके बाद टेंडर निकालने वाली UPCL एक चिट्ठी लिखती है और 86 शर्तों में से 84 शर्तें बदलने की मांग करती है
⦿ नतीजा- 86 में से 84 शर्तें बदल दी गईं
बदली गई कुछ शर्तें 👇
• 1320 MW बिजली एक ही बिडर से आनी चाहिए
• प्लांट देश के किसी भी कोने में हो सकता है, उसका उत्तराखंड में होना जरूरी नहीं है
• शिफ्टिंग कॉस्ट उत्तराखंड की जनता चुकाएगी
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
भगवान बनाने की कोशिश नाकाम! 😄
ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर सुबह 6 बजे 1008 यज्ञों की तैयारी हुई।
यज्ञ शुरू होते ही ऐसी बारिश हुई कि यज्ञ करने वाले ही भाग खड़े हुए!
एक तुच्छ मानव को भगवान बनाने की कोशिश हुई, लेकिन इंद्रदेव ने नज़ारा ही बदल दिया। 🌧️
#राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस