Do baar main giraftar hote hote bacha chandrasher ke intejaar me. Ye police ka julm nahee toh aur Kiya hai 😖😖😪
Ye Kaisi Aazadi hai ke hum Protest bhee nahee kar sakte
We have 1,100–1,200 men whose wives are Muslim.
Our goal is that if any Sanatani wishes to marry a Muslim woman, we will facilitate her conversion and provide full support—physically, mentally, and financially.
#Bhagwalovetrap
A viral CCTV clip from MP, Deori bus stand showing a man sexually harassing a woman on a parked bus before she hits back by slapping him is shared on social media my right wing handles like @SonOfBharat7 with a false communal claim that the accused was a Muslim name Sahil. Police arrest the accused Nitish Gond.
स्क्रीन पर जो खबर आप देख रहे हैं उसे आप सिर्फ एक खबर की तरह नहीं बल्कि लोकतंत्र में विपक्ष को कुचलने की साजिशों की मुनादी के तौर पर पढ़िए. इसे विपक्ष को लड़ाई के मैदान से हटाने के लिए हर तरह के हथकंड़े इस्तेमाल करने वाली बेशर्म सत्ता की हकीकत के तौर पर पढ़िए. ये देश के किसी एक सूबे की किसी एक पार्टी की ख़बर भर नहीं है. ये ख़बर बंगाल की सत्ता से बेदख़ल हुई एक पार्टी को पूरी तरह से कंगाल और बर्बाद करने की साजिशों का सबूत है मोदी और शाह के रिजिम मेंं विपक्ष को बुरी तरह तोड़कर कमजोर करने के मंसूबों का इस्तेहार है. ममता और उनके नेताओं की हर तरफ से और हर तरह से घेराबंदी के बीच ये खबर मोदी और शाह के दौर में विपक्ष के खिलाफ तमाम एजेसियों के इस्तेमाल की बानगी है. अगर आप इस तरह से इस खबर को नहीं देखेंगे और पढ़ेंगे तो आपको यही लगेगा कि अगर बंगाल पुलिस को टीएमसी के खातों में गड़बड़ी की शिकायत मिली और 12 या 15 खाते फ्रीज कर दिए तो क्या गलत किया ? अगर ED या बंगाल पुलिस ने टीएमसी के खातों से लेन देने पर रोक लगा दी तो क्या गलत किया ? लेकिन नहीं. बात सिर्फ इतनी नहीं है. अगर आप समझना चाहते हैं तो समझिए.
ये IPS सूरज गुंजल है, जब ये ATT स्कूल में मुस्लिम बच्चों से मुलाकात की उस समय का दृश्य दिखाई कितना खूबसूरत, सभी के चेहरे पर केवल मुस्कान ही मुस्कान है, इसे कहतें है इन्सानियत भाईचारा, मुहब्बत किसी तरह की कोई नफ़रत की भावना नहीं कटास नही!!
Location: Aligarh, UP
Kishan Gopal Valmiki and Sanju Valmiki kidnapped a 14-year-old Muslim girl who had gone out to buy vegetables, took her to their home, and gang-raped her.
📍 कोटाबाग, नैनीताल (उत्तराखंड)
अब क्या इस देश में कोई अपने ही बाग़ के सामने खड़ा होकर आम भी नहीं बेच सकता? क्या रोज़ी-रोटी कमाने के लिए भी किसी उग्र 'भीड़' से परमिशन लेनी होगी?
कोटाबाग में सड़क किनारे अपने ही बाग़ के गेट पर आम बेच रहे मुस्लिम युवकों को मन्नी बिष्ट और उसके साथियों द्वारा घेरने, उनसे पहचान पत्र मांगने और आपत्ति जताने का आरोप बेहद शर्मनाक है।
यह सिर्फ़ आम बेचने का विवाद नहीं, बल्कि ग़रीब मेहनतकशों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर डराने और उनके पेट पर लात मारने की साज़िश है। दस्तावेज़ जाँचने का काम देश के क़ानून और पुलिस का है, सड़क पर दादागीरी करने वाली किसी भीड़ का नहीं।
प्रशासन को इस नफ़रती गुंडागर्दी पर तुरंत सख़्त एक्शन लेना चाहिए। राज क़ानून का होना चाहिए, हुड़दंगियों की 'सड़क छाप अदालत' का नहीं!
UP-अलीगढ़ में एक मुस्लिम किशोरी के साथ किशनगोपाल वाल्मीकि और संजू वाल्मीकि ने गैंगरेप किया है.
किशोरी सब्जी खरीदने निकली थी. उसे किडनैप करके दोनों आरोपी 4किमी दूर अपने घर ले गये. घर की दूसरी मंजिल पर बंधक बनाकर उसे शराब पिलाई गयी और उसके साथ गैंगरेप किया. किशोरी के शरीर और चेहरे पर दरिंदगी के ढेरों निशान है. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को दबोचा मगर उससे पहले ही ग्रामीणों ने पकड़कर दोनों की पिटाई की है.
📍 धरमपुर, वलसाड, गुजरात | 9 जुलाई
ये किसी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि सरेआम कानून को चुनौती देने का मामला है।
आरोप है कि महेंद्र सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में वीएचपी और बजरंग दल से जुड़े गौ रक्षकों ने एक पिकअप ट्रक का करीब 100 किलोमीटर तक पीछा किया। ट्रक रोककर मुस्लिम चालक को धमकाया गया और उस पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया कि वह कबूल करे कि मवेशियों को महाराष्ट्र वध के लिए ले जाया जा रहा था।
इतना ही नहीं, ट्रांसपोर्टरों के साथ चल रही एक दूसरी कार पर भी हमला किया गया, चालक के साथ मारपीट की गई और पिकअप ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया।
अगर आरोप सही हैं, तो सवाल उठता है सड़क पर कानून लागू करने का अधिकार किसने दिया? क्या भीड़ अब पुलिस और अदालत की जगह ले चुकी है?
"मुस्लिम लड़की से शादी में दिक्कत हो, कोई टोपी-दाढ़ी वाला परेशान करे तो कोर्ट से रहने तक की व्यवस्था मैं करूँगा।" ये बोल अभिषेक ठाकुर के हैं। सनातनी के नाम पर दूसरों की बेटियों को जागीर समझना और सरेआम धमकियां देना क्या नया संस्कार है? प्रशासन इस गुंडागर्दी पर चुप क्यों है?
ज़रा सोचिए, यही बात किसी 'उर्दू नाम' वाले ने कही होती तो 24 घंटे में UAPA/NSA जैसी गंभीर धाराएं लग जातीं, वह जेल में सड़ रहा होता और शाम तक उसका घर बुलडोज़र से ज़मींदोज़ हो चुका होता। क्या देश का कानून अब चेहरा, कपड़े और 'नाम' देखकर कार्रवाई करता है? इस दोहरे रवैये पर शासन-प्रशासन आखिर कब तक आंखें मूंदे रहेगा?
“वीडियो सुबूत के लिए बना रहे हैं! बजरंग बली की जय!”
बिहार के नवादा में 2 जुलाई को एक हिंदूवादी भीड़ ने एक पार्क में एक जोड़े को ज़बरदस्ती मंत्र उच्चारण के साथ हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने के लिए मजबूर किया!
उन्होंने महिला का हिजाब हटा दिया और पुरुष को "बजरंग बली की जय" के नारों के बीच उसके माथे पर सिंदूर लगाने के लिए मजबूर किया!
संजीव पासवान नामी व्यक्ति ने दो मुस्लिम बच्चे की गला काट कर ह*त्या कर दी है।
तो मेरा सवाल ये है इस कांड को अंजाम दिए हुए अब तक तो काफी समय बीत गया क्या इस संजीव पासवान का अभी तक एनकाउंटर हुआ? या फूल मालाओं से स्वागत का इंतजाम चल रहा है?
दलित छात्रा की हत्या के विरोध में हो रहे प्रोटेस्ट में पहले से हिरासत में लिये गये प्रदर्शनकारी को मेरठ SSP द्वारा इस तरह खीझकर मारपीट करना पूरी तरह संविधान विरुद्ध है।
इसकी जितनी निंदा की जाये कम है।
एक IPS अधिकारी का इस तरह से आपा खो देना ये दर्शाता है कि इन दिनों लोकतांत्रिक तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस प्रशासन दुश्मन समझता है।
@Uppolice@meerutpolice
देखिए नफरत की इंतिहा कहाँ से कहां पहुंच गई,
लोग नफरत में इतने अंधे हो गए है कि एक मुस्लिम बुजुर्ग व्यक्ति को खम्बे से बांध कर किस क़दर मार रहे हैं नफ़रती।
इसे इतना शेयर करो दोस्तों की ये नफरती गिरफ्तार हो जाए और बुजुर्ग व्यक्ति को इंसाफ मिल सके।
Location: Kamalpur, Saran, Bihar
Date : 2 July
A mob of Hindutva supporters forcibly conducted a marriage for a Muslim girl according to Hindu rituals. During the event, the crowd shouted slogans of "Jai Bajrangbali."
संभल के 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ।
लोग थाने पहुंचे और पुलिस ऑफिसर से कहा :- कोई मुस्लिम मुजरिम होता तो आप उसका जुलूस निकलते मारते पीटते बुलडोजर चलवाते इन दरिंदों पर क्यों आपकी पुलिस एक्शन नहीं ले रही।