मानगढ़ धाम करोड़ों आदिवासियों की आस्था, इतिहास और बलिदान का प्रतीक है। सरकार से अपेक्षा है कि इस विषय पर पुनर्विचार कर उचित निर्णय ले। #मानगढ़_शहीदों_का_अपमान
पन्द्रह सौ हुतात्मा बहे, मानगढ़ की धूर।
आदिवासी बलिदान की, उपेक्षा मंजूर?
खून जहाँ पर सींचकर, रची अमर पहचान।
आज उसी पावन धरा, को न मिला सम्मान!
अब न मौन स्वीकार है, जागो वीर सुजान।
अस्मिता और वजूद की,, अब तो करो संभाल!
#मानगढ़_शहीदों_का_अपमान
जिन शक्तियों पर इतिहास में आदिवासियों के शोषण और दमन के आरोप लगते रहे, आज वही सत्ता में हैं। क्या यही कारण है कि मानगढ़ के शहीदों को अब भी वह सम्मान नहीं मिल रहा जिसके वे हकदार हैं?
@un#मानगढ़_शहीदों_का_अपमान
"अंबुडा ना पाल में भीलडॉ मार्यो रे गरासिये"
यह गीत एक ठाकुर जाती के गायक द्वारा बनाया गया. जबकि इसके बाद यह गुजरात का असामाजिक तत्व खुद को ठाकुर बता कर पूरे आदिवासी समाज को उलझाने का काम कर रहा है,
@GujaratPolice@dgpgujarat इस आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करें अन्यथा उग्र आंदोलन होगा