आज इलाहाबाद( करछना ) में आयोजित चुनावी जनसभा में किसानों, नौजवानों, गरीबों, वंचितों, शोषितों, पीड़ितों के रहनुमा, जननायक, हमारे नेता उत्तर प्रदेश के भावी मुख्यमंत्री आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. @yadavakhilesh जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ..!!
समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश
19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ
प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 14.10.2026
पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन घाटमपुर में वेडसन रिसॉर्ट गेस्ट हाउस में सम्पन्न हुआ। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्यामलाल पाल मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कानपुर ग्रामीण के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री मुनींद्र शुक्ला ने की। कार्यक्रम का संचालन विधानसभा अध्यक्ष घाटमपुर श्री धीरेंद्र प्रताप उर्फ राजू वर्मा ने किया।
सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष श्री ष्याम लाल पाल ने समाज के पीड़ित दुखी और अपमानित लोगो को एक मंच पर आने का आह्वाहन किया और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी के हाथों को मजबूत करने का आह्वाहन किया। श्री पाल ने कहा कि आज संपूर्ण उत्तर प्रदेश में समाज की अंतिम छोर के लोगो की अगर कोई चिंता करता है तो वह सिर्फ समाजवादी पार्टी है उन्होंने वोट चोरी के मुद्दे को रखा और उन्होंने कार्यकर्ताओं को आह्वाहन किया कि अपने आप बूथ पर वोट बढ़ाने का कार्य करें।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से इन्द्रजीत कोरी पूर्व विधायक, समाजवादी छात्रसभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. इमरान, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री वीरसेन यादव, प्रदेश सचिव समरथ पाल, डॉ. एसपी कुशवाहा, अनिल सोनकर वारसी, सोमवती शंखवार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मीना शंखवार, महासचिव जितेंद्र कटियार, अर्पित यादव पार्षद, योगेंद्र कुशवाहा, के.के कुशवाहा, शिवसिंह पाल, अभय पूरी, शरद यादव, मंजुलता सचान, शुभम यादव, रामशंकर प्रजापति, महेंद्र सिंह बड़े ठाकुर, स्वाति कुशवाहा, मधुसूदन यादव, जीतू यादव, महेंद्र सिंह एडवोकेट, मानवेंद्र सिंह, शिवा निषाद, राजकुमार पाल, रमाकांत पाल, कमलेश कोरी, कप्तान सेन पासवान, बिठूर और घाटमपुर क्षेत्र में दर्जनों स्थानों पर भी स्वागत कार्यक्रम लगे जिसमें प्रमुख रूप से फतह गिल, केके कुशवाहा, संतोष यादव, अनिल यादव, शिवसिंह यादव, नीरज पाल, रंजन पासवान, अजय पासी, शिवकुमार साहू, रजनीश सोनकर, दीपक पासी, अश्वेंद्र सोनकर, विवेक कठेरिया, सोनू कुशवाहा, सियाराम पाल एडवोकेट, महेंद्र सिंह पूर्व प्रधान, डॉ रामस्नेही शंखवार, हरीलाल पाल, विशाल पाल, सुजीत सिंह पाल आदि षामिल रहे।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता
उप्र की जनता भाजपाइयों से जो करवानेवाली है उसका रिहर्सल ये नेतागण कर रहे हैं।
‘भाजपाई’ उठा-बैठक का अभ्यास कर रहे हैं
क्योंकि अपने कुकर्मों की वजह से डर रहे हैं!
‘देश’ की ख़ातिर सब हैं साथ
एक इंडिया की एक आवाज़
‘चुनावी धांधली’ के ख़िलाफ़
एक इंडिया की एक आवाज़
‘लोकतंत्र’ की बन रही ढाल
एक इंडिया की एक आवाज़
संविधान-आरक्षण के रक्षार्थ
एक इंडिया की एक आवाज़
मिटे सब ‘अन्याय-अत्याचार’
एक इंडिया की एक आवाज़
हो रोज़ी-रोटी सबके ही पास
एक इंडिया की एक आवाज़
हो अपनी छत और बुनियाद
एक इंडिया की एक आवाज़
सबको मेहनत का मिले लाभ
एक इंडिया की एक आवाज़
खिलें खेत, दुकान, कारोबार
एक इंडिया की एक आवाज़
हों ‘युवाओं’ के सपने साकार
एक इंडिया की एक आवाज़
नारी के मान पर न हो प्रहार
एक इंडिया की एक आवाज़
हो शोषित-वंचित का उद्धार
एक इंडिया की एक आवाज़
हो सबको सुरक्षा का एहसास
न हो ऊँच-नीच न जात-पात
एक इंडिया की एक आवाज़
सब हो समान बिना भेदभाव
एक इंडिया की एक आवाज़
मिले नागरिकों को अधिकार
एक इंडिया की एक आवाज़
पहुँचे ‘तरक़्क़ी’ हर गाँव-द्वार
एक इंडिया की एक आवाज़
हो हर कोई स्वस्थ-ख़ुशहाल
एक इंडिया की एक आवाज़
अपने क़बीले से जो दगा करता है बंदा
चलता उसके मान पर अपमान का रंदा
कार्यकर्ता बनकर उठाना पड़ता है झंडा
दूसरे इस्तेमाल कर लेते हैं उसका कंधा
सिर झुकाकर करना पड़ता काला धंधा
चुराना पड़ता उसको दान-चढ़ावा-चंदा
अब तक जो कमाया वो नाम होता गंदा
वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भी सदस्यता की पर्ची से अधिक कुछ नहीं मिला। जिस दल में गये हैं, उसके पुराने दावेदार कह रहे है, ऐसे लोग तो आते-जाते रहते हैं। जिस दल से जीते उसके नहीं हुए तो जिसके सदस्य बनने में सालों लग गये, वहाँ ‘प्रत्याशी’ नहीं, प्रतिक्षार्थी बनकर ही कई साल रहेंगे।
‘बीजेपी, चुनाव आयोग और प्रशासन’ के त्रिगुट द्वारा SIR प्रक्रिया में डुप्लीकेट वोटर जुड़वाकर 2027 चुनाव जीतने की साज़िश -षड्यंत्र का पर्दाफ़ाश कल की प्रेस कांफ्रेंस में।
चार सौ तीन में चार सौ बीसी नहीं चलेगी!
राज्यसभा की बात करनेवाले उप्र के मुख्यमंत्री जी में अगर रत्ती भर भी लाज-शर्म-हया हो तो भाजपा द्वारा बनाए गए सिक्किम के विवादित ‘राज्यपाल’ के बारे में बोलें।
उत्तराखण्ड की बेटी के प्रति उप्र के मुख्यमंत्री जी का भी तो कोई दायित्व बनता है या नहीं। उत्तराखण्ड छोड़ आए तो क्या नैतिकता भी छोड़ आए हैं।
देखते हैं उप्र के मुख्यमंत्री जी की आवाज़ किसी बच्ची के साथ हुए पाप के ख़िलाफ़ निकलती है या भयभीत होकर उनकी घिग्घी बंध जाती है। हमारी उनसे अपील है कि यदि उनमें अंश मात्र भी धर्म है तो वो एक आरोपी को राज्यपाल बनाने के फ़ैसले का घोर विरोध करें। ये उनको सीधी चुनौती है, नहीं तो वो सदैव के लिए मौन धारण कर लें। फिर तो यही माना जाएगा कि इसमें उनकी ख़ामोश सहमति भी शामिल है।
दिल्ली का ड्रोन-दूरबीन तो सिक्किम तक नहीं देख पा रहा है देखते हैं उप्र के मुख्यमंत्री जी का बुलडोज़र वहाँ तक पहुँचाता है या नहीं।
आज पूरे देश की हर बेटी और उनके माँ-बाप भाजपा के इस फ़ैसले से बेहद आक्रोशित हैं कि भाजपा ने घोर निंदनीय निर्णय लेते हुए अपने दल के एक ऐसे व्यक्ति को सिक्किम का राज्यपाल बनाया है जिसके घिनौने कुकृत्यों की वजह से एक बच्ची के साथ अन्याय हुआ और उसकी हत्या भी कर दी गई।
भाजपा बेशर्म अपराधियों का गिरोह है।
उत्तराखण्ड की बेटी के साथ न्याय हो!
और ये ख़ुद ‘स्वाभिमान-शून्य’ हैं, नहीं तो :
- नाम की पट्टी हटाने पर कुछ तो प्रतिक्रिया देते;
- कुर्सी की जगह स्टूल पर बैठानेवालों के उप नहीं होते;
- जनता द्वारा चुनाव हराये जाने के बाद सरकार में नहीं रहते;
- किसी के द्वारा दिये गये ‘कृपाप्राप्त पद’ को स्वीकार नहीं करते;
- प्रमुख मंत्रालय छिन जाने पर चुप्पी न साध लेते;
- मुख्यमंत्री जी द्वारा सरेआम अपने हाथ से हाथ नीचे कर देने पर वहीं बैठे न रहते;
- वर्चस्ववादियों के दिये अपमान के घूंट नहीं पीते;
- ’पीडीए समाज’ से होते हुए भी पीडीए का दमन- उत्पीड़न करनेवाले प्रभुत्ववादियों के पिछलग्गू न होते!
मित्राचार भेंट!
उप्र की आंवला लोकसभा सीट से दो बार के सांसद श्री धर्मेंद्र कश्यप जी से मिलकर ‘पीडीए आंदोलन’ को और भी समर्थ, सशक्त और सक्रिय बनाने के लिए संयुक्त प्रयासों पर चर्चा हुई।
पीडीए ही हर ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ को मान-सम्मान और स्थान दे सकता है।
जहां अखिलेश जी होते हैं, वहां माहौल बदल जाता है, आज अखिलेश जी जैसे ही दिल्ली पैदल प्रोटेस्ट मार्च में पहुंचे वैसे ही भयंकर भीड़ भी पहुंच गई और गगनचुम्बी नारे श्री अखिलेश यादव जिंदाबाद के लगने लगे और चुनाव आयोग एवं भाजपा हिल गई है
भाजपा के खिलाफ भयंकर भीड़ का नेतृत्व कर रहे हैं आज श्री अखिलेश जी
जगह बदलने से जन-जागरण नहीं रोक पाओगे। जंतर मंतर से गृह मंत्रालय ने प्रदर्शन स्थल का दर्जा छीन लिया है। सरकार को अगर ये लग रहा है कि किसी जगह को बंद कर देने से वो आम आदमी की न्याय की आवाज़ दबा देगी तो ये सरकार की सबसे बड़ी भूल है। वोट-चोरी, चंदा चोरी, पर्चा लीक, महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ता अपराध, हर जगह व्याप्त भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ हर भारतीय की आवाज़ ही जंतर मंतर बन चुकी है।
हर चौपाल, हर नुक्कड़
हर पगडंडी, हर सड़क
हर गाँव, हर घर
हर व्यक्ति जो
बचाने निकला है लोकतंत्र
अब है जंतर- मंतर
चारों दिशाओं से स्पष्ट आवाज़ ये आती है
सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है