Jab Brahmanon ke paas sara gyan tha
Sirf Kshatriy ke paas talwar thi
Vaishya ke paas sara dhan tha
Tab gulam kyon the?
1947 ke pahle hazar saal kyon gulam the? Harshavardhana was the last Hindu King of Northern India.
Ab bol? Bol na.
जिस जाति का उसने निर्माण किया.!
हमारे लिए यह नर्क है।
भले ही कृष्ण स्वयं पृथ्वी पर आकर कहते हैं"मैंने इस वर्णाश्रम के आधार पर जाति बनाई, अब मैं इस जाति और जाति को भंग करता हूं" ये हिंदू जातिवाद में विश्वास करना बंद नहीं करेंगे।
अब केवल नरक से बचना है
#बौद्ध_बनो..
#बौद्ध_दिखो..
नियम और कानून सबल तय करते हैं, सत्ता तय करती है। ब्राह्मण हेजेमनी के दौर में जाति या वर्ण निर्धारित हुए। भागवतजी ने सही दिशा में कदम उठाया है, अड़ंगा डालने की बजाय उसे स्वीकार करें और बदलाव का मन बनाएं। यह अस्वीकार ही जाति को बनाये रखती है।
आज भगवान की इच्छा नहीं थी, इसलिए #तुलसीदास_पोलखोल में नया कुछ नहीं। कल भगवान ने चाहा तो सिलसिला फिर शुरू हो जाएगा। सब कुछ भगवान की मर्ज़ी से होगा। मैं तो साधन हूँ। निमित्त हूँ। अकर्ता हूँ। सभी वही करवाता है। उसकी मर्ज़ी के बिना पत्ता 🍂 भी नहीं हिलता।
ब्राह्मण धरती के भगवान यानी “भूदेव” हैं और उनकी सेवा करना ही भागवत् धर्म है।
ये बात तुलसीदास दुबे ने रामचरितमानस के अरण्यकांड में स्वयं भगवान राम के मुख से कहलवाई है।
अपनी जाति के हितों के प्रति तुलसीदास की सजगता से सीखना चाहिए। #तुलसीदास_पोलखोल
सही बोला आपने....
मंदिर में जाते क्यू हो।
और एक बात मनुवादीओ से एक रिक्वेस्ट है जो भी दलित मंदिर में प्रवेश करें उसकी पिटाई करो......
क्यो की जो काम हम करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन नही हो रहा वो आप अच्छी तरह से करते हो।
"पंचतंत्र" (सामान्य ज्ञान)
------------------------
पंचतंत्र बौद्ध भिक्षुओं, चोल काल के तमिल व्यापारियों और बाद के काल में अरब व्यापारियों के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशिया पहुंचा। पंचतंत्र के 200 संस्करणों में से प्रत्येक ने अपने स्वयं के सांस्कृतिक प्रभाव को शामिल किया है
मेरे बयान के बाद से ठेकेदारों के पेट में मरोड़ आ रही है। अरे वे परेशान होंगे ही। उन्होंने तो मंदिरों से ख़ूब माल छापे है।
सवाल दलितों-वंचितों का है जिन्हें तुम मंदिर में घुसने से रोकते हो!
- @ProfShekharRJD | @RJDforIndia
https://t.co/LKs7tLesqw
मरने के बाद मनुष्य की आत्मा भटकती है फिर जानवर की क्यों नहीं भटकती जबकि आत्मा तो सभी की एक समान होती हैं, और जानवरों का क्रिया-कर्म मृत्युभोज भी नही होता
#शिक्षा_लाओ_पाखंड_हटाओ
भीमा कोरेगांव की लड़ाई मनुवादी व्यवस्था और पेशवाओं के जातिगत घमंड तोड़ने की लड़ाई थी. जब महज 500 महार सैनिकों ने पेशवाओं के 28 हजार सैनिकों को धूल चटाई थी. सभी साथियों को #भीमा_कोरेगांव_शौर्य_दिवस की बधाई।
जय भीम
अब ये अश्लीलता है..... या नारंगी का अपमान.... या प्यार...??? 😣😣
समानय लोग और अंधभक्त #comments कर सकते है!
भगवे का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान
https://t.co/maFXpppLSD