బిజెపి ఆర్ఎస్ఎస్ ప్రభుత్వం ఈ దేశంలో మత మైనారిటీలపై వివక్షతను రాజ్యాంగబద్ధం చేస్తుంది. ఇది భారతదేశ ప్రజాస్వామ్యానికి దానికి ఆధారమైన లౌకికత్వానికి, సామ్యవాద్యానికి ఎంతో హాని చేస్తుంది.దీని పరిణామాలు రాబోయే తరాలు అనుభవిస్తాయి.
మనువాదులు సత్యంతో భయపడతారు గజగజ వనికి పోతారు వినడానికే భయపడతారు. ఫైర్ బ్రాండ్ లేడీ మహువా మాత్ర లోక్ సభ లో మాట్లాడేటప్పుడు ప్రధానమంత్రి నరేంద్ర మోడీ సైలెంట్ గా లేచిపోవడం ఈ వీడియోలో కనబడుతుంది...👍👍💐💐
ఈ దేశంలో రిలీజియస్ నక్సల్స్ ఎక్కువైపోతున్నారు. మతం పేరిట భారతదేశాన్ని విభజించాల���ి చూస్తున్నారు.ఈ మత నక్సల్స్ ని అధికారం నుంచి బయటకు పంపనంతవరకు బహుజనులకు రాజ్యాధికారం రాదు.
మోడీ గొప్పతనం అంటే ఇదే... ప్రశ్న అవినీతిపరుడైన ఆదాని దైనా, దుర్మార్గమైన మతోన్మాదం గురించైనా....జవాబు మాత్రం మా దేశం ప్రజాస్వామ్య దేశం..
మా భావం వసుదైక కుటుంబం..
रीलों, लफ़्फ़ाज़ी ��र गाली गलौज के दौर में इसे सुनने के लिए एक्स्ट्रा मेहनत लगेगी। पर कोशिश कीजिए। वैसे इससे आपको धनखड़ जी के आई क्यू का भी पता चलेगा। कहाँ उन्होंने अड़ंगेबाजी की कोशिश की और कहाँ उनको भाषण समझ आना ही बंद हो गया।
बहुजन संवाद के एपिसोड-9 में आप सभी का स्वागत है, और आज का विषय है- बाबासाहेब की मूर्ति का खंडन।
बाबासाहेब की मूर्ति का खंडन हमारे आत्मसम्मान पर चोट है, जरूर ही इसके पीछे मनुवादी लोग है।
#बाबा_साहेब_आंबेडकर_की_प्रतिमा_पर_हमला_गहरी_साजिश
ये कुछ वीडियो है जो BSP के लिए बनाये थे, पूरे भारत में शायद एक ही content creator हूँ जो BSP के लिए वीडियो बनता या लिखता हूँ।
पर बसपा के नालायक समर्थक हमेसा गली गलौच करते है।
इनके जैसे लोगों क�� वजह से BSP से ना कोई जुड़ना चाहता है ना उसके लिए काम करना चाहता है।
@AnandAkash_BSP
इनसे मिलिए~~~~~
आप प्रोफेसर् इंदु चौधरी जी हैँ जो वर्तमान में बहुजन समाज की एक लोकप्रिय नेता तथा समाजसेविका है ।
बचपन से ही समाजसेवा का शौक तथा बहुजन की समाज की पहचान स्थापित करने का उद्देश्य रहा । बहनजी की पार्टी मे आयीं उन्होंने काम किया ।
बहनजी की पार्टी से सम्मान और प्यार मिला एक नई पहचान स्थापित हुई पिछले लोकसभा के दौरान बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओ के विरोध के बाद् बहनजी ने कार्यकर्ताओं को टिकट देने का फैंसला लिया । और फिर इंदु जी टिकट मिला।
दमदारी से चुनाव लड़ा। लेकिन बहुजन समाज पार्टी के विरोधियों के सडयंत्र के शिकार मे फंसकर हार गयीं ।
चुनाव हारी लेकिन हिम्मत नही । आज भी अपने क्षेत्र मे बहुजन प्रचारक बनकर मान्यवर साहब कांशीराम और बाबा साहेब, बहनजी के योगदान को ��मझाती हैँ ।
बताते चले इंदु जी बनारस विश्वविद्यालय मे इंग्लिश प्रोफेसर है।
साथियों मुझे बेहद खुशी इस बात की है की कुछ लोग पैसे से नेता बन जाते है। टिकट खरीद लेते है लेकिन इंदु जी मिशनरी नेता बनी रहीं और उनके इस फैंसले से माननीया बहनजी बहुत खुश हो गयीं।
मिशनरी और फर्जी नेता मे धरती और असमान का अंतर होता है। इतनी सी बात आराम से समझ लीजिए।
@ProfInduChodhry