#आभार 💐
श्री अजय राय जी @kashikirai
प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश कांग्रेस
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
ईको गार्डन, लखनऊ में पंचायत सहायकों के धरना-प्रदर्शन के दौरान हमारे मुद्दे पर उपस्थित होकर आवाज़ रखने के लिए धन्यवाद। 🙏
#पंचायत_सहायक_संघर्ष#PanchayatSahayak#AjayRai
#आभार 💐
श्री श्याम लाल पाल जी @palshyamLalsp
प्रदेश अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश
इको गार्डन, लखनऊ में पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के धरना-प्रदर्शन में पहुंचकर पंचायत सहायकों की समस्याएं सुनने और उनके मानदेय, सेवा सुरक्षा एवं नियमितीकरण से जुड़ी मांगों पर प्रतिनिधिमंडल से ��ंवाद करने के लिए धन्यवाद। 🙏
@mediacellsp
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#PanchayatSahayak #ShyamLalPal
#आभार💐
डॉ. पल्लवी पटेल जी @pallavi_apnadal
राष्ट्रीय अध्यक्ष, अपना दल (कमेरावादी) एवं विधायक, सिराथू
ईको गार्डन, लखनऊ में चल रहे पंचायत सहायकों के अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में पहुंचकर आपने प्रदेशभर से आए पंचायत सहायकों की समस्याओं को सुना। आपने पंचायत सहायकों की मांगों को जायज़ और नियमसंगत बताते हुए प्रदेश सरकार से उन पर तत्काल विचार करने की बात रखी।
रोज़गार, सम्मान और सेवा से जुड़े हमारे संघर्ष के बीच धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी बात रखने के लिए डॉ. पल्लवी पटेल जी का धन्यवाद। 🙏
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#PanchayatSahayak #PallaviPatel #ApnaDalKamerawadi
#आभार 💐
सुश्री मायावती जी @Mayawati
राष्ट्रीय अध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी एवं पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
पंचायत सहायकों के मानदेय बढ़ाने, स्थायीकरण एवं अन्य मांगों पर सरकार से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील करने के लिए धन्यवाद। आपके सार्वजनिक वक्तव्य ने ईको गार्डन में चल रहे पंचायत सहायकों के आंदोलन को राजनीतिक विमर्श में स्थान दिया। 🙏
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#PanchayatSahayak #Mayawati #BSP
A Message of Gratitude to the Media ..💐
To every news channel, news portal, journalist and media professional who covered the Panchayat Sahayaks’ 9-day protest at Eco Garden, Lucknow
THANK YOU. 🙏❤��
Your coverage helped bring the concerns of thousands of Panchayat Sahayaks into the public domain. By reporting from the ground and highlighting our demands for fair remuneration, service security and permanent status, you helped our voices reach a much wider audience.
Thank you for giving our struggle space, visibility and a voice.
Panchayat Sahayak Union Uttar Pradesh 🔥✊🏻
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#ThankYouMedia #PanchayatSahayak #MediaSupport
#आभार 💐
श्री संजय सिंह जी @SanjayAzadSln
प्रदेश प्रभारी, आम आदमी पार्टी एवं राज्यसभा सांसद
ईको गार्डन, लखनऊ में पंचायत सहायकों के धरना-प्रदर्शन में पहुंचकर ₹6,000 से ₹30,000 मानदेय की मांग उठाने तथा पंचायत सहायकों की आवाज़ संसद में उठाने की बात रखने के लिए धन्यवाद। 🙏
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#PanchayatSahayak #SanjaySingh
ग्राम पंचायत के सफाईकर्मी को 40 हजार वेतन मिल सकता है!
सरकारी स्कूल के टीचरों को 60 से 70 हजार वेतन मिल सकता है!
मेरिट पर भर्ती हुए पुलिस कर्मियों को वेतन लाभ मिल सकता है।
ग्राम डाक सेवक को मेरिट पर स्थाई नौकरी और सैलरी म���ल सकती है।
तो ग्राम पंचायत के केंद्रीय बिंदु " ग्राम सचिवालय" को संचालित करने वाले समस्त विभागों का कार्य करने वाले।
जनसेवा केंद्र लाइब्रेरी इत्यादि का संचालन करने वाले पंचायत सहायक क्या 30 हजार या लेवल पे 1 वेतन के हकद��र नहीं है??
@cmofficeup
4 साल से सरकार प्यार से नहीं सुन रही थी तभी सड़कों पर सब आए लेकिन ये शब्द ये धमकियां बता रही है कि आप जैसे लोग सिर्फ शोषित वर्ग का मजाक बना सकते हैं प्रताड़ित कर सकते हैं न्याय नहीं दिलवा सकते हैं
हिसाब होगा अपमान का बदला लोकतांत्रिक तरीके से लिया जाएगा
@oprajbhar
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
माननीय मुख्यमंत्री जी @myogiadityanath की सरकार में नियुक्त हुए पंचायत सहायकों का अपमान करते हुए पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर...जी
इनका कहना है पंचायत सहायकों को न्यूनतम ��ेतन भी नहीं देना चाहिए और इसका सपना देखना छोड़ देना चाहिए।
9000 मानदेय करके अहसान कर दिया है...! इन्होंने जहां अन्य राज्य अपने ग्राम स्तर के कर्मचारी को मजबूती देते हैं वही उत्तर प्रदेश में ये मंत्री पंचायत सहायकों को अनपढ़ काम न करने वाला बताते है अपनी कमियां भूलकर..!
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
@oprajbhar जी " धमकियों से हक की आवाज़ दबाने का दौर अब खत्म हो चुका।
पंचायत सहायक ₹1 लाख नहीं,
न्यूनतम वेतनमान मांग रहा है।
अगर अपनी बात पर इतना भरोसा है तो बंद कमरे में नहीं, मीडिया के सामने आइए
सवाल भी होंगे और जवाब भी
9 रातें संघर्ष करने वाले युवा डरेंगे नहीं,
याद रखेंगे
बिल्कुल याद रखे जाएंगे ये शब्द और ये फैसले।
इतिहास गवाह है जब-जब युवाओं ने अपने अधिकार और सम्मान के लिए ठान लिया है, सत्ता को अपने फैसलों का जवाब देना पड़ा है।
��लती हमसे भी हुई दोहरे चरित्र की पहचान धरना स्थल पर ही कर लेनी चाहिए थी। वरना पंचायती राज मंत्री से जवाबदेही तय कराए बिना एक भी पंचायत सहायक अपने हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटता।
लेकिन कोई बात नहीं… लोकतंत्र की परीक्षा अब नजदीक है।
अपमान का जवाब हम संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से देंगे।
वक्त जरूर याद रखेगा कि इन युवाओं की आवाज़ सुनने, उनके समान अधिकार और सम्मान की रक्षा करने के बजाय लिए ग�� फैसलों की कीमत क्या होती है।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
@oprajbhar
@oprajbhar अगर न्यूनतम 18000 मानदेय एक माह के भीतर नहीं लागू किया जाता है।
तो एक बार फिर इसी प्रकार शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन पर विचार किया जाएगा।
चंद लोगों के डेलिगेशन 9000 पर सहमति देकर 57000 पंचायत सहायकों का भविष्य डिसाइड नहीं कर सकते।
हम हकदार है तो 18000 चाहिए...!
हर हाल में चाहिए।
#पंचायत_सहायक_संघर्���
खुद पढ़ाई की होती तो नियम-कानून और श्रम संहिता की जानकारी होती। केवल नाम की डिग्रियां रखी है।
सिर्फ पार्टियां बदलने और सुबह से बयानबाजी करने वाले लोग क्या जानें कि समान कार्य के लिए एक कर्मचारी को कितना मानदेय मिलना चाहिए और उसके अधिकार क्या हैं।
देश का दुर्भाग्य है कि आजाद भारत में भी पढ़े-लिखे और होनहार युवा कई बार ऐसे लोगों के प्रभाव और दबाव में रहने को मजबूर हैं, जहाँ ��वाल पूछने और अपने अधिकारों की बात करने की बजाय तानाशाही सहनी पड़ती है।
और दोष देंगे अधिकारियों को अरे तुम मंत्री हो अधिकारी तुम्हारी नहीं सुनते तो किस बात के मंत्री हो छोड़ दो गद्दी..!
6 महीने बाद पता चलेगा ..ये युवा क्या चीज है एक एक आंसु का हिसाब होगा।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
समस्त पंचायत सहायक इस वीडियो के शब्दों को याद रखे यही इनकी सच्चाई है !
और मीडिया के सामने ये पंचायत सहायकों के चहेते बनने आ जाते और अधिकारियों निदेशक @DirectorUPPR और प्रमुख सचिव को दोष देते हैं।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष