न्यूनतम मानदेय 18000 और सेवा सुरक्षा अगर तय सीमा में नहीं लागू होती है।
*पंचायत सहायकों का आंदोलन फिर से होगा"
@oprajbhar इस बार आपके इस्तीफे के साथ शुरू होगा।
पंचायत सहायकों का बहुत शोषण हुआ मजाक बनाया गया गुमराह किया गया है।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
मंत्री जी, यह उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों का आखिरी अल्टीमेटम है! ₹9,000 में इस महंगाई के दौर में परिवार पालना असंभव है, जबकि आउटसोर्स कर्मियों को 20 हजार मिल रहे हैं। निर्णय जल्द लें, वरना एक महीने के भीतर 18,000 मानदेय न होने पर बड़ा संग्राम होगा।
#PanchayatSahayakUnion@PanchayatiRajUP@UPGovt
उत्तर प्रदेश की आशा वर्कर्स बहिनें अपनी जायज मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलनरत हैं। इसी क्रम में लखनऊ के ईको गार्डन में भी हजारों की संख्या में बहिनों ने प्रदर्शन कर सरकार से अपने अधिकारों की मांग की।
आशा वर्कर्स बहिनें प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण जमीनी कड़ी हैं। इसके बावजूद महज 2,000 से 3,500 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलती है। टीकाकरण के लिए 75 रुपये और प्रसव के लिए 600 रुपये जैसी प्रोत्साहन राशियों पर काम करना पड़ता है, जबकि भुगतान में लंबे समय तक देरी की शिकायतें भी सामने आती हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आशा कर्मी बहिनों का कहना है कि आज की आसमान छूती महंगाई में इतनी कम राशि में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।
24 घंटे उपलब्ध रहने वाली इन बहिनों के काम के घंटे तक तय नहीं हैं। वर्षों से स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें राज्य स्वास्थ्यकर्मी का दर्जा, न्यूनतम वेतन, मातृत्व अवकाश, ESI, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है।
@UPGovt आशा वर्कर्स बहिनों की वर्षों से चली आ रही मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल संवाद करे और उनके लंबित भुगतान, उचित वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करे।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) आशा वर्कर्स बहिनों की मांगों का पूर्ण समर्थन करती है। उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर सरकारी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 25,000 रुपये प्रतिमाह वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।
आशा बहिनों का सम्मान, उनके अधिकार और सम्मानजनक वेतन की गारंटी हमारी प्रतिबद्धता है।
#ASHAWorkers #ASHAWorkerProtest #AshaWorkersDemand #AshaWorkersStrike
नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद की अपील, 24 सितंबर को दिल्ली जंतर-मंतर पर आने का आव्हान 🚨👇🏻
"अगर आप जीवित हैं और आने वाली नस्लों को स्वाभिमान सम्मान का जीवन जीते देखना चाहते हैं तो अपने अधिकारों को बचाने के लिए घरों से निकलिए
यह एक जनप्रतिनिधि की भाषा है
अपने ही विभाग के कर्मचारियों के साथ किस तरह का व्यवहार कर रहे हैं जो कि अपना हक मांगने के लिए आएंगे अगर नहीं मानोगे तो तुम जब प्रधान और सचिव को नही झेल पाए तो
सरकार को झेल पाओगे तभी तो पंचायत सहायकों के आंदोलन को कुचलना के लिए 100 से ज्यादा पंचायत सहायकों की सेवा समाप्ति कर दी गई थी
आज जिला बस्ती की रुधौली विधानसभा में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली बस्ती की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad
#सम्पूर्ण_भागीदारी_आंदोलन
#24_सितंबर_चलो_जंतर_मंतर
ये सब तस्वीरों से ये साबित होता हैकि हम सब ने इस आंदोलन में अपनी एक अलग पहचान छोड़ी है,बस कुछ चुनिंदा गद्दारों की वजह से भले ही हमारा आंदोलन सफल न हुआ हो बल्कि इतिहास के पन्नों में लिखा जाएगा कि पंचायत सहायकों का पहला आंदोलन सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत थी। ✊
@UPGovt
गांव के विकास की हर कड़ी को जोड़ने वाले पंचायत सहायकों का परिश्रम अनमोल है, लेकिन उन्हें मिलने वाला मेहनताना बेहद नगण्य।
हमारे समर्पण और उत्तरदायित्व को ध्यान में रखते हुए उचित पारिश्रमिक और भारी मानदेय वृद्धि की जाए।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि बाबा सनकी है।।
पंचायतों सहायकों को चींटी बताया था।
डिप्टी सीएम को। कुछ तो दिक्कत है। बाबा जी से या फिर कर्मचारियों से।
@psunionup@PSKUnionUP
ओपी राजभर जी कह रहे हैं कि ₹1 लाख महीना मिले, तुम लोगों को कोई नहीं देगा—नोट कर लो।
ये भी सुन लीजिए मंत्री जी, फ्री में कोई मांगने नहीं गया था। 29 विभागों का काम करते हैं पंचायत सहायक, तो क्या हम न्यूनतम मजदूरी के भी हकदार नहीं हैं?
डरा-धमकाकर तो ₹9,000 पर सहमत करवा दिए हो, लेकिन 2027 का चुनाव आने वाला है। ये लोकतांत्रिक देश है। वोट किसी से थोड़ी बंद कमरे में धमकाकर डलवा लोगे?
अभी भी समय है मंत्री जी—58,000 पंचायत सहायकों के लिए न्यूनतम मजदूरी लागू करो।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
@psunionup@oprajbhar@BJP4UP@Manojkmr_singh@DirectorUPPR@myogioffice@myogiadityanath
@oprajbhar इस बंद कमरे में चंद पंचायत सहायकों को बुलाकर बोले गए ...ये सारे शब्द याद रखे जाएंगे!
क्या किसी धरना-प्रदर्शन स्थल पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना गुनाह है?
जब धरना स्थल पर आपके अधिकारी और आपके PA तक पंचायत सहायकों से बात करने को तैयार नहीं होते, और अपनी पीड़ा लेकर बैठे कर्मचारियों के समर्थन में विपक्षी दल लोकतांत्रिक तरीके से सामने आते हैं, तो पंचायत सहायकों की जायज़ मांगों को राजनीति का नाम क्यों दिया जाता है?
पंचायत सहायक न्यूनतम वेतनमान की मांग कर रहा है, लेकिन मंत्री जी को उसमें ₹1 लाख सुनाई दे रहा है।
क्या उत्तर प्रदेश में न्यूनतम वेतनमान की मांग करना भी अब अपराध है?
जबकि माननीय मुख्यमंत्री जी @myogiadityanath स्वयं कर्मचारियों को न्यूनतम ₹16,000 से ₹20,000 तक वेतन देने की बात कहते रहे हैं, तो पंचायत सहायकों की न्यूनतम वेतनमान की मांग पर इतनी आपत्ति क्यों?
और हां, यदि एक-एक बिंदु पर चर्चा करने का साहस और विश्वास है, तो मीडिया के सामने आइए।
आप अपना पक्ष रखिए, हम अपना पक्ष रखेंगे। बात होगी, तथ्यों के साथ होगी।
चंद लोगों को बुलाकर दी गई धमकियां बेहद निंदनीय हैं। इन घटनाओं को भी याद रखा जाएगा।
याद रखिए ये वही 57000 युवा हैं जिन्होंने एक स्थान पर 9 रातें गुजारीं, शासन-प्रशासन की प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना किया और अपनी मांगों के लिए संघर्ष किया। इतना दर्द सहने के बाद ये युवा अब अपने अधिकारों की आवाज़ दबने नहीं देंगे।
एक तरफ मीडिया के सामने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए जाते हैं, और दूसरी तरफ बंद कमरे में पंचायत सहायकों को धमकाने की बातें सामने आती हैं। यह विरोधाभास भी जनता के सामने है।
57,000 पंचायतों से जुड़े पंचायत सहायक अपनी मांगों और सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
हम भूखे रह लेंगे, संघर्ष कर लेंगे, लेकिन अपनी आवाज़ और अपने अधिकारों की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
वेतनमान लेके रहेंगे आपकी राजगद्दी परमानेंट नहीं है ये दिमाग से निकाल दीजिए सारे अपमानो का हिसाब होगा।
दोहरा चरित्र याद रहेगा
हम सब दोबारा आएंगे।
संघर्ष जारी रहेगा।
और आपकी विदाई करेंगे
#पंचायत_सहायक_संघर्ष