आज के हुक्मरानों को याद रहे जब वक़्त बदल जाता है तो तख़्त बदल जाता है।
आदरणीय आज़म ख़ान साहब के साथ मुक़दमों की जो साज़िश की जा रही है, उसे पूरा देश ही नहीं पूरी दुनिया देख रही है।
किसी उम्र दराज़ को इस तरह के बेमानी मुक़दमों में फँसाकर बार-बार जेल में डालना एक बेहद कायराना हरकत है।
आज की सत्ता जिस ग़लत रवायत को हवा दे रही है, हवा बदलने पर वो ख़ुद उसकी शिकार होगी। तब भागते नहीं बनेगा।
नाइंसाफ़ी जब हद से गुज़र जाती है तो जुल्म करनेवाले के लिए ही कहर बन जाती है।
बेहद निंदनीय!
अब भाजपा ख़ुद ही बताए कि आगरा से जीतते हुए सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल जी के साथ उसके लोगों द्वारा किया गया यह व्यवहार कितना जायज़ है।
प्रशासन डॉ. आकाश अग्रवाल जी को जीत का प्रमाणपत्र तुरंत दे।
चुनाव आयोग सोते से जागे और प्रशासन भी। माननीय सर्वोच्च न्यायालय और महामहिम राष्ट्रपति महोदया भी तत्काल संज्ञान लें।
अब तो हम खुलकर कहेंगे कि ‘PDA’ में ‘A’ का मतलब अब तो ‘अग्रवाल’ भी है। आज जब समस्त अग्रवाल समाज जीत के समाचार के लिए जाग रहा है, ऐसे में डॉ. आकाश अग्रवाल जी के साथ हुए ऐसे अमानवीय व्यवहार और हिंसा के ऐसे वीडियो को देखकर संपूर्ण समाज बेहद आक्रोशित हो उठा है। अब तो अग्रवाल समाज भी समझ गया है कि सच में ‘भाजपा किसी की सगी नहीं है!’
दुनिया में शायद ही किसी देश में ऐसा विकास मॉडल देखने को मिले, जहाँ उत्तर प्रदेश में गरीब परिवार का नौजवान पढ़ाई का खर्च जुटाने, त्योहार मनाने और घर चलाने के लिए अपना खून बेचने को मजबूर हो चुका हो।
छात्रों, गरीबों और महिलाओं का खून पीने वाली भाजपा सरकार सत्ता से बेदखल हो !
असम के मुख्यमंत्री का यूपी में काफ़िला जा रहा था,
एक युवक बोलता है
"ए मुख्यमंत्री साहब, रुको सा&&ले"
दरअसल वो युवक एम्बुलेंस के साथ एक घंटे से बैरिकेडिंग में फंसा था जिसके कारण उसके पिता जी की मौत हो गई।
युवक BJP को वोट देकर सरकार बनवाया था,
यही लोग हैं जो अपने रोडशो के दौरान फ़र्ज़ी एम्बुलेंस को रास्ता दिखाकर वाह वाही लूटते हैं।
उत्तर प्रदेश –
जिला बांदा में UP सरकार के मंत्री रामकेश निषाद तमाम लोगों संग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। दरअसल, रिक्शा चालक की पिटाई हुई। गुंडा टैक्स मांगा गया। वो न्याय के लिए थाने पर पहुंचा तो वहां भी सुनवाई नहीं हुई।
@bnetshukla
उत्तर प्रदेश -
गाजियाबाद में 10वीं-12वीं में 75% नंबर लाने वाली 1000 बेटियों को आज समाजवादी पार्टी नेताओं द्वारा साइकिल बांटी जानी थीं। कल आधी रात को पुलिस-प्रशासन ने सपा नेताओं को धमकाया और बुलडोजर चलाकर कार्यक्रम स्थल तहस-नहस कर दिया। टेंट गिरा दिया।
सपा नेता अनुज प्रधान ने ऐलान किया है कि आज चाहें जो हो, साइकिल वितरण होकर रहेगा। कार्यक्रम रुकवाने का आरोप इलाके के BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर है।
द हिंदू अख़बार की @vijaita की exclusive रिपोर्ट पढ़िए। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट है कि चीनी सेना ने LAC से 6-7km अंदर आकर टेंट गाड़ दिया जिसे भारत अपना क्षेत्र मानता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियों ने सरकार को बीच से हटा ही दिया और सीधे जामनगर जाकर अंबानी से वेनेज़ुएला क्रूड, टेक्सस की रिफायनरी वगैहरा पर डील कर रहा है.
ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी विदेशी ताकत ने पॉलिटिकल पावर को नज़रअंदाज़ कर दिया हो.
क्या किसी का नाम “राम ने यादव को मारा” हो सकता है
क्या किसी के पिता का नाम B COM हो सकता है?
क्या किसी का नाम “इरफ़ान अली ने कहा” हो सकता है?
उत्तर प्रदेश के MLC चुनाव की मतदाता सूची में ये सारे नाम शामिल है । इलाहाबाद-झाँसी खंड स्नातक चुनाव के वोटर लिस्ट में ये सारे नाम दर्ज हैं ।
@ceoup ये सारे नाम सूची में है ना? इसे तो फ़र्ज़ी नहीं कहेंगे ?
BIG BREAKING | देश के 11 एयरपोर्ट 50 साल के लिए निजी हाथों में देने की तैयारी!
वाराणसी, अमृतसर, रायपुर समेत 11 हवाई अड्डों के निजीकरण की तैयारी, दिसंबर तक शुरू हो सकती है बोली प्रक्रिया
नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश के 11 हवाई अड्डों का संचालन निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के मुताबिक इन एयरपोर्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर 50 साल की लीज़ पर दिया जाएगा।
इस बार निजीकरण की प्रक्रिया में बड़े और छोटे एयरपोर्ट को एक साथ जोड़कर पांच बंडल बनाए गए हैं। हर बंडल के लिए एक कंपनी को जिम्मेदारी देने की योजना है।
प्रस्तावित पांच बंडल:
1. अमृतसर और कांगड़ा-गग्गल
2. वाराणसी, गया और कुशीनगर
3. भुवनेश्वर और हुबली
4. रायपुर और औरंगाबाद
5. तिरुचिरापल्ली और तिरुपति
दिसंबर तक बोली प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
#BigNews #Varanasi @DGCAIndia
'वोट चोरी' का पूरा खेल दिल्ली से हो रहा है, एक बार फिर ये बात साबित हुई है।
The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग की वेबसाइट ECINet का पूरा कंट्रोल सेंट्रलाइज्ड है।
इसमें राज्य के अधिकारियों से कंट्रोल छीनने का भी अधिकार दिल्ली में बैठे अधिकारियों के पास है।
आपको याद होगा- दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने भी ECINet को लेकर आपत्ति जताई थी। अब फिर ये बात सामने आई है।
साफ है...
मोदी-ज्ञानेश की जोड़ी ने 'वोट चोरी' के लिए अपनी मनमानी चलाई और ऐसा सिस्टम तैयार किया, जिसमें कोई उनके फर्जीवाड़े की जांच ही न कर पाए।
लेकिन अब इनका सारा काला-चिट्ठा बाहर आ चुका है और 'वोट चोरी' पकड़ी गई है। इस देशद्रोह की कोई माफी नहीं है- सजा जरूर मिलेगी।
21 अक्टूबर। सीएम डैशबोर्ड की बैठक में विभागीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
@UPGovt@CMOfficeUP@CommissionerBA1
कमिश्नरेट में क्राइम कंट्रोल के लिए भारी भरकम व्यवस्थाएं हैं…
JCP Crime
DCP Crime
ADCP Crime
ACP Crime
इसके अलावा JCP LO, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस…आदि आदि..तब भी नाकामी..!!
एक श्रद्धा दुबे नहीं पकड़ी जा पा रही..वह भी तब जब वह वापस आती है, रायबरेली जाती है, फिर लखनऊ होते हुए निकल जाती है..!!