@CJP_for_India ई त अबे शुरुवात ह आगे आगे देख होखता का 🤣🤣जय हो अच्छे दिन की जय हो अच्छे दिन
प्रभु कृपा कर हमे हमारे पुराने दिन दे दो क्योंकि वहां सि��्फ इंटरनेट महगा था बाकी सब सस्ता था
@abhinaymaths किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं
@amarujalakavya किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं
@hindisopan किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं
@nehafolksinger@narendramodi किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों ���हीं
@adityaranjan108 किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा स��ना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं
@yadavakhilesh किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं
@umda_panktiyaan किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं
किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं
किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं
@rashtrapatibhvn किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं
@kharge किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जात�� हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं
@abhinaymaths किस कसौटी पर हमारा हुनर छोटा पड़ गया?
किस नियम में हमारा सपना खोटा पड़ गया?
हमें दया नहीं, बराबरी का अधिकार चाहिए,
रोज़गार में अपना उचित हिस्सा चाहिए।
हक़ीक़त समझ आए तो ख़्वाब मर जाते हैं,
और जवाब न मिले तो सवाल और बड़े हो जाते हैं…
बस एक सवाल है—
OAL क्यों नहीं?
क्यों नहीं