Audi Alteram Partem — दूसरे पक्ष को भी सुनो।
प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत है कि किसी प्रतिकूल निर्णय से पहले अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।
(Video Credit: Finology Legal)
रद्द मंच वाले कानून पढ़ते तो हाईकोर्ट की रोक के बाद पुतला दहन करने नहीं निकलते!
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी का पुतला दहन तो बहाना था! उसी दौरान महिला से अभद्रता और मारपीट के गंभीर आरोप भी सामने आए।बाद में संबंधित मामले में अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो गई।
दूसरों के लिए बिना सुनवाई सजा की माँग, अपने लिए न्याय की दुहाई!
#JSSCCGL #JPSC #JHARKHAND
प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेने के बावजूद यह एक्टिवेट नहीं हो रहा..!
सभी प्रकार की शिकायती पत्रों का भी कोई जवाब नहीं है..!
किसी के पास कोई जानकारी या हल है क्या??
@Subscriptions@Meta
लोटा को छोटा मत समझो मित्रों, इनकी पहुँच बहुत ऊपर तक है!
ये चाहें तो राज्यपाल और राष्ट्रपति तक पहुँचकर JSSC की भर्तियाँ केंद्रीय SSC से और JPSC की भर्तियाँ UPSC से कराने की माँग भी रख सकते हैं!
इनकी पहुँच तो उन महामहिम तक भी बताई जाती है, जो हाल ही में ओडिशा गए और जाने से कह बैठे—
“अपने संगठन को एक्टिव करके और बीजेपी के पक्ष में वोट कैसे आए, इस पर चिंता करेंगे।”
लगता है मित्रों, इनकी चिंता भी भर्ती सुधार से ज्यादा वोट बटोरने की ही है!
क्योंकि अगर व्यवस्था में स्थायी सुधार हो गया, तो रद्द-रद्द के नारे, धरना-प्रदर्शन और नेतागिरी का क्या होगा?
आखिर समस्या ही खत्म हो गई तो राजनीति की दुकान कैसे चलेगी, मित्रों?
#SSC #UPSC #JSSCCGL #JPSC #Jharkhand
ब्रो का नाम 'रद्द मंच' है...
(ओह सॉरी,@JPSCreformanch 'रिफॉर्म मंच' है ), नाम तो बड़ा सुधारवादी रखा है, लेकिन काम और सोच दोनों ही पूरी तरह 'रद्द' करने लायक हैं।
ब्रो केवल रद्दी जैसी बातें करता है: मुद्दे और तथ्य की बात छोड़कर सिर्फ इधर-उधर की फालतू बयानबाजी करना ही ब्रो का असली टैलेंट है।
तर्क खत्म होने पर 'पेंगुइन-पेंगुइन' और 'रद्द माने रद्द' चिल्लाता है: जब बहस में कोई लॉजिक नहीं बचता और ब्रो बुरी तरह हारने लगता है, तो खिसियाकर बस यही रटे-रटाए शब्द चिल्लाना शुरू कर देता है।
ब्रो बिना दोष सिद्ध हुए फाँसी देने की बात करता है: दूसरों के मामले में ब्रो का अपना ही अलग संविधान चलता है, जहाँ बिना किसी जाँच या कोर्ट के फैसले के सीधे फाँसी की सजा सुना दी जाती है।
ब्रो अपने क्राइम को 'साजिश' बताता है: जब खुद पर बात आती है, तो अपने अपराध को छुपाने के लिए तुरंत विक्टिम कार्ड खेलता है और डायलॉग मारता है कि "यह केस तो कोर्ट में 1 मिनट भी नहीं टिकेगा।"
ब्रो अग्रिम ज़मानत (ABP) रिजेक्ट होने के बाद भी खुद को 'बेगुनाह और कट्टर ईमानदार' बताता है: कोर्ट में एक मिनट न टिकने का दावा करने वाले ब्रो की जब खुद की अग्रिम ज़मानत (ABP) खारिज हो जाती है, तब भी वह बेशर्मी से खुद को दूध का धुला, क्रांतिकारी और कानून से ऊपर समझता है।
प्रिय JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच, एक प्यार भरी सलाह! 💌
प्रिय, @JPSCreformanch आप लोग झारखंड के युवाओं को समय-समय पर कथित रिफॉर्म का लॉलीपॉप देते रहते हैं। कभी परीक्षा रद्द कराओ, कभी रिजल्ट रद्द कराओ, कभी पूरे आयोग को कटघरे में खड़ा कर दो!
लेकिन कब तक यही रद्द-रद्द का खेल चलेगा? अब थोड़ा बड़ा सोचिए। रिफॉर्म का रथ रांची से मोड़कर सीधे दिल्ली में UPSC के दरवाजे पर खड़ा कर दीजिए!
झारखंड में चाहे जिस पार्टी की सरकार रही हो, JPSC के विवाद खत्म होने का नाम नहीं लेते। पहली-दूसरी JPSC की फाइलें आज भी CBI और अदालत के साथ आँख-मिचौली खेल रही हैं। पाँचवीं में आरक्षण-कटऑफ, छठी में बार-बार रिजल्ट और कोर्ट-कचहरी, सातवीं से दसवीं तक विवाद और आगे की परीक्षाएँ भी सवालों के घेरे में!
आप लोग भी कहते रहे हैं कि धांधली के कारण सफल नहीं हो पाए, वरना JPSC से सीधे IAS बन जाते! तो प्रिय, अबकी बार रद्द नहीं, JPSC की परीक्षाएँ UPSC से करवाने की मुहिम चलाइए!
संविधान में रास्ता भी है! अनुच्छेद 315(4) के अनुसार, राज्यपाल के अनुरोध, राष्ट्रपति की स्वीकृति और UPSC की सहमति से राज्य की भर्ती संबंधी आवश्यकताएँ UPSC को सौंपी जा सकती हैं।
तो राज्यपाल महोदय को ज्ञापन दीजिए, राष्ट्रपति महोदय तक बात पहुँचाइए और सरकार से पहल करवाइए।
यदि UPSC परीक्षा लेगी, तो उसके फायदे भी सुन लीजिए, प्रिय!
UPSC के व्यापक सिलेबस में इतिहास, भूगोल, संविधान, अर्थव्यवस्था, शासन व्यवस्था के साथ Ethics भी है, यानी नैतिकता, ईमानदारी और प्रशासनिक समझ की पढ़ाई! Optional विषयों से अलग-अलग क्षेत्रों के जानकार अभ्यर्थी मिलेंगे। देशभर की प्रतिभा को मौका मिलेगा और पारदर्शी, नियमित बहाली की उम्मीद भी बढ़ेगी। बस परीक्षा का पैटर्न उसी हिसाब से रखवाइएगा।
और हाँ प्रिय, झारखंड का पेपर भी रखवा लीजिए!
घबराइए मत! बाहर के लोग झारखंड को क्या जानेंगे, इसकी चिंता भी दूर कर देते हैं।
UPSC से झारखंड सामान्य ज्ञान का एक अलग पेपर रखवाने की माँग कर दीजिए।
अरे प्रिय, जब दर्जन भर विषय पढ़ सकते हैं, तो झारखंड का एक पेपर और पढ़ लेंगे! अच्छे अफसर चुनने की कसौटी तो मजबूत होगी!
और जाते-जाते एक प्यार भरी बात! ❤️
अगर मकसद सचमुच रिफॉर्म है तो व्यवस्था सुधारिए, और अगर मकसद सिर्फ रद्द करवाना है तो 'रिफॉर्म मंच' की जगह 'रद्द मंच' नाम ही रख लीजिए!
आपकी प्यारी, 💌
गुत्थी
ये मीडिया है या मोहल्ले की चाचियों का व्हाट्सऐप ग्रुप? 😂
एक वेबसाइट ने खबर उड़ाई—“झोले से कबूतर उड़ गया!” 🕊️अगले दिन नामचीन अखबारों ने भी उस कबूतर को अपने पन्नों पर बैठा लिया!
न सबूत की जाँच, न खबर की पुष्टि! बस एक चाची ने कहा और बाकी चाचियों ने छाप दिया!
लेकिन जज साहब को कहानी नहीं, सबूत चाहिए!
रिकॉर्डिंग कहाँ है? मनी ट्रेल कहाँ है? फॉरेंसिक रिपोर्ट कहाँ है?
कबूतर उड़ाने से TRP मिल सकती है, अदालत में आरोप साबित नहीं होते!
इसी मीडिया सनसनी और भीड़तंत्र के दबाव के बीच एक-दो नहीं, 22 परीक्षाएँ रद्द की गईं!
किसी की टोपी किसी के सिर!
खबरों से माहौल बन सकता है, लेकिन न्याय के लिए प्रमाण चाहिए, अफवाह नही !
हरिशरण देवगन @harisharandevgn सर, एक तरफ झारखंड के छात्रों के मसीहा बनने का दावा करते हैं, लेकिन जब सवाल BJP शासित राज्यों में छात्रों के अधिकारों और भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताओं का आता है, तो वही मुखरता कहाँ गायब हो जाती है?
अगर छात्रहित ही आपका असली उद्देश्य है, तो आवाज़ हर राज्य के छात्रों के लिए उठनी चाहिए, न कि राजनीतिक सुविधा के हिसाब से!
झारखंड के छात्रों के मुद्दों पर मुखर होना अच्छी बात है, लेकिन दूसरे राज्यों के छात्रों के सवालों पर चुप्पी क्यों?
आखिर छात्रहित की लड़ाई है या राजनीतिक पक्षधरता का खेल?
#Jharkhand #StudentRights #DoubleStandards
@SACHNAMA_@kunalpratap86@gutthi_org हर किसी को पता है कि कुणाल को छात्रों से कोई मतलब नहीं है बस उसे किसी विशेष पार्टी का दलाल और नेता बनना है
बिन पेंदी का लोटा है
ये आदमी इतना स्वार्थी है जिसकी कोई सीमा नहीं है
राजनीति में बहुत मजा आता है, अभी दिल्ली में क्या हुआ सब भूल गया। बिहार में क्या हो रहा है सब भूल जाता है लेकिन जब अपने फायदे की बात आती है अचानक से छात्रहित याद आजाता है
SSC, RAILWAY में दो डिजिट में वैकैंसी आ रही है उसपर मुंह नहीं खुलता JPSC रिफॉर्म मंच के नेताओं को🤐
#exposed@harisharandevgn
अब समझ आया कि दिल्ली में बैठ कर आपको झारखंड के ही छात्रों पर तरस क्यों आया जबकि झारखंड के पड़ोसी राज्य बिहार में भी तो युवाओं ने सरकार के विरुद्ध आंदोलन किए वहां आप तो #सुरदास के साथ अपना मुंह भी सिल कर बैठें हैं।
मतलब राज्य में पार्टी देख कर आप आवाज उठाते हैं 😂
झारखंड में #bjp की सरकार नहीं है इसलिए छात्रों की आवाज बनों
और जहां bjp की सरकार है वहां अपनी आँखे मूंद लो 🤣
ये डबल स्टैंडर्ड नहीं चलेगा सर।
@JPSCreformanch@HemantSorenJMM@JmmJharkhand@BJP4India@BJP4Jharkhand@pksahumr@pravinm53747916
#jharkhand #झारखंड
#jssc #jpsc #JSSCCGL
90 दिन बाद लैपटॉप के बैग से निकला रहस्यमयी पुर्जा! लैपटॉप तो पहले ही दिन चेक कर लिया था, बैग देखना अब याद आया!
कल जज साहब पूछ बैठे कि सबूत क्या है कि बैग उसी का था, पुर्जा उसी ने रखा था और इन 90 दिनों में कोई साजिश नहीं हुई? तो जवाब में क्या मिलेगा—सबूत या एक और बंद लिफाफा?
CID कोर्ट में बंद लिफाफा देती है और इधर मीडिया में चुटकुलों की बरसात हो रही है!
अब सवाल तो बनता है—जब बात इतनी पक्की है, तो CID अपनी ही जाँच की बातें लीक होने से कैसे नहीं रोक पा रही?
क्या अंत में यह भी मीडिया की गपशप और सनसनीखेज कहानी ही साबित होगी? यह देखना बड़ा मजेदार होगा!
आगे की मजेदार गुत्थी के लिए बने रहिए... क्योंकि कहानी में पुर्जा छोटा है, लेकिन सवाल बहुत बड़े हैं!
नोट: पहले भी CID जाँच को प्रभावित करने के उद्देश्य से कथित फर्जी व छेड़छाड़ वाले दस्तावेज मीडिया में फैलाने के आरोप लगे हैं। अधिवक्ता एस. आर. सोरेन द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत ITI company के पत्र के भी AI से बने होने का दावा सामने आया था।
#गुत्थी #JPSC #CID #Jharkhand
भारत में बेरोजगारी बढ़ते जा रही है तथा सरकारी नौकरी हर साल इतना कम क्यों होते जा रही है और विधायकों एवं सांसदों को सीटें क्यों बढ़ने वाली है @grok बताना जरा ?
@SACHNAMA_@kunalpratap86@gutthi_org 😄😄 ये चमचा लोग ही कुणाल का नाम डूबाएगा। इसको ही निकाल के फेकना पड़ेगा। अगली बार जब ये लोग आंदोलन करने आएगा, तब डंडा में तेल पिलाकर सरकार इन सबका सुताई करेगी, और जेल के अंदर डालेगी। छात्र को बरगलाकर बस राजनीति कर रहा ये लोग।elcha belcha को हटाकर रिफॉर्म मंच का रिफॉर्म करो 😆😆